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उत्तराखंड सीएम ने किया डैमेज कंट्रोल नहीं गिरेगी सरकार

Fri, 18 Mar 2016 04:12 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून

सार

  • कांग्रेस विधायकों का मिल सकता है साथ।
  • सभी विधायकों को होटल में ही रोका।
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हरीश रावत - फोटो : amar ujala
उत्तराखंड की कांग्रेस सरकार से संकट के बादल छट गए हैं। सूत्रों के हवाले से खबर है कि उत्तराखंड मुख्यंमत्री ने सभी विरोधी विधायकों को मनाकर डैमेज कंट्रोल कर लिया है। जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में उत्तराखंड सरकार गिरने की खबरें कमजोर पड़ने लगी हैं।

सूत्रों के मुताबिक ह‌रीश रावत ने विरोधी कांग्रेसी विधायकों के गुट की सभी मांग मान ली हैं और इन विधायकों को पार्टी में रहने के लिए मना लिया है।

इससे पहले यह चर्चा जोरों पर थी कि उत्तराखंड की कांग्रेस सरकार संकट में दिखाई दे रही है। चर्चा थी कि कांग्रेस के 13 असंतुष्ट विधायक भाजपा से हाथ मिलाने वाले हैं। जिसके बाद उत्तराखंड की सरकार गिर सकती है। इन विरोधी विधायकों में अमृता रावत, हरक सिंह रावत, शैला रानी, राजकुमार, नवप्रभात, उमेश शर्मा, राजेंद्र भंडारी, अनुसूया प्रसाद मैखुरी, जीत सिंह, सुबोध उनियाल, सुंदर लाल मंद्रवाल व गणेश गोदियाल का नाम सामने आ रहे थे।
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इंटेलीजेंस रख रही थी असंतुष्टों पर नजर

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चाय पर मिले हरीश रावत और विजय बहुगुणा - फोटो : amar ujala
बृहस्पतिवार को यह सवाल सरगर्म रहा कि भाजपा असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों से हाथ मिलाकर विधानसभा में बजट पर वोटिंग के दौरान कोई बड़ा खेल करेगी। राजनीतिक पंडित यह मान रहे थे कि शक्तिमान प्रकरण में बाजी हाथ से चले जाने के बाद पार्टी करो या मरो जैसी स्थिति में आकर खड़ी हो गई है।

ऐसे में भाजपा को अपना मंसूबा पूरा करने में उन असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों का साथ मिल सकता था जो अब तक मंत्री बनाए जाने की आस लगाए बैठे थे। कारण कि, उनका मानना था कि अब मंत्री बन भी गए तो हाथ क्या लगना है? लिहाजा वे अपनी आस्था बदल सकते थे।

खुफिया पुलिस सूत्रों से जानकारी मिली थी कि उत्तराखंड की कांग्रेस सरकार खुद ऐसी आशंका से सहमी हुई थी।
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विधायकों को रोकने को रातों-रात बुक हुआ होटल

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उत्तराखंड विधानसभा - फोटो : file photo
इससे पहले इंटेलीजेंस को पाला बदलने वाले विधायकों पर नजर बनाए रखने को कहा गया था। कुछ राजनीतिक पंडित मुख्यमंत्री हरीश रावत की पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा से हुई ताजा मुलाकात को भी इसी नजरिए से देख रहे थे। 

खैर हकीकत क्या है, यह तो बजट पर वोटिंग के बाद ही पता चल सकेगा। लेकिन भाजपा के केंद्रीय नेताओं की आकस्मिक दून यात्रा ने सियासी हलकों में गर्मी ला दी थी।

 इन शीर्ष केंद्रीय नेताओं ने गुरवार देर शाम विधानमंडल दल की बैठक एक होटल में बुलाई थी। वहीं देर रात तक पार्टी विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के साथ विचार मंथन किया था।
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सभी विधायकों को होटल में ही रोका

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सदन में जाते मुख्यमंत्री हरीश रावत। - फोटो : AmarUjala
उन्होंने सभी विधायकों को होटल में ही रोक लिया था और उनसे कह दिया कि अपनी गाड़ियां वापस भेज दें। उनके लिए एक ओर होटल तत्काल हायर की गई।

इस बीच भाजपा के केंद्रीय पदाधिकारियों से एक मंत्री की मुलाकात भी चर्चाओं का केंद्र रही थी। 

बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू, महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय व सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश के अलावा नैनीताल सांसद भगत सिंह कोश्यारी और संगठन के कुछ महत्वपूर्ण लोग भी मौजूद थे।
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