उत्तराखंड में विधानसभा घेराव के दौरान घायल हुए शक्तिमान की टांग काटकर डॉक्टरों ने कृत्रिम टांग लगाकर उसे खड़ा तो कर दिया, लेकिन ऑपरेशन के दर्द से वह सिहर उठा।
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जिंदा रखने के लिए काटनी पड़ी टांग तो दर्द से सिहर उठा "शक्तिमान"
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पुलिस का घोड़ा शक्तिमान
- फोटो : amar ujala
पुलिस के घोड़े शक्तिमान की टांग बचाने की सारी कोशिशें नाकाम हो गईं। गैंग्रीन होने की आशंका के चलते अब उसका पैर काट दिया गया।
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अमेरिका और मुंबई से आए डॉक्टरों की मौजूदगी में करीब 40 मिनट आपरेशन में टांग को शरीर से अलग किया गया। उधर, सर्जरी कारगर न होने के कारण शक्तिमान दिन भर तड़पता रहा।
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पुलिस का घोड़ा शक्तिमान
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बुधवार देर रात खड़ा करने के प्रयास में लिफ्टिंग मशीन टूट जाने के कारण वो नीचे गिर गया था। इसके बाद तमाम प्रयास रोक दिए गए। बृहस्पतिवार सुबह को शक्तिमान की तबीयत अचानक बिगड़ गई। दर्द के कारण वह छटपटाता रहा।
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पुलिस का घोड़ा शक्तिमान
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चिकित्सकों के प्रयास के बाद भी उसकी स्थिति में सुधार नहीं आया। गुरुवार की शाम सर्जन देहरादून पहुंचे तो पुलिस की जान में जान आई। डॉक्टरों ने शक्तिमान का परीक्षण करने के बाद टांग काटने का निर्णय लिया। रात में आपरेशन कर बाएं टांग को अलग कर दिया गया। उधर, एसएसपी डॉ. सदानंद दाते का कहना है कि शक्तिमान की जान बचाने के लिए यह जरूरी था। उसके स्थान पर कृत्रिम टांग लगा दी गई है।
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सर्जरी की गई टांग में पीड़ा के कारण शक्तिमान दिन भर पैर पटकता रहा। इस कारण पैर जख्मी होने के साथ सर्जरी की पट्टी भी उधड़ गई है। पुलिस जवानों ने उसकी छटपटाहट कम करने की भरसक कोशिश की, लेकिन शक्तिमान का दर्द असहनीय था। चिकित्सकों की टीम ने तमाम प्रयास किए, लेकिन वो सब बेकार गए।