छात्रों को संबोधित करते हुए सीडीएस बिपिन रावत ने कहा कि स्कूल ने हमें बहुत कुछ सिखाया है। आज मैं जहां हूं, यह मेरे स्कूल के शिक्षकों की ही देन है। बयाला ने बताया कि सेना प्रमुख बनने के बाद वह जनरज बिपिन रावत से दो-तीन बार मिले थे। वह स्कूल के संबंध में कई बार सीडीएस बिपिन रावत को पत्र लिखते थे और वह हर पत्र का जवाब देते थे।