बैसाखी स्नान
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शास्त्रों के अनुसार विशाखा नक्षत्र के स्वामी देवगुरु बृहस्पति भी हैं और देवराज इंद्र भी। वैशाख में दान की महिमा अन्य ग्रंथों में भी गाई गई है। कहा गया है कि वैसाखी और संक्रांति का स्नान प्राणी को विष्णुलोक का अधिकारी बनाता है। सनातन संस्कृति में वैशाख, श्रावण, अश्विन और माघ मास की अपार महिमा बताई गई है। इस बार यह अद्भुत संयोग है कि हस्त, चित्रा, स्वाति, विशाखा और अनुराधा नक्षत्र वैशाख के पहले पांच दिनों में पड़ रहे हैं। यह मिलन काफी शुभ योगों का जन्मदाता है।