अंकिता भंडारी हत्याकांड (फाइल फोटो)
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ऐसे में इस बात की पुष्टि करने के लिए पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 91 के तहत इसका जवाब पाने के लिए कोलकाता वेधशाला को ई-मेल किया। इसका जवाब आया तो पता चला कि जिस स्थान की बात है, वहां चांद घटना के दो घंटे बाद यानी 11 बजे निकला था। यानी यह संभव ही नहीं कि वहां पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी हो। लिहाजा, पुलकित और उसके साथियों का झूठ उस रात चांद की गति ने भी पकड़ लिया।