अंकिता हत्याकांड का खुलासा होने के बाद सबसे भारी वो 45 मिनट रहे जब, उस वक्त तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के लिए पुलिस जीप से कोटद्वार ले जाया जा रहा था। गंगा भोगपुर में चीला शक्ति नहर किनारे जमा सैकड़ों आक्रोशित लोगों की भीड़ ने जीप को रोक दिया। लोगों ने जीप को उठाकर नहर में फेंकने का पूरा प्रयास किया। पुलिस 45 मिनट तक आरोपियों की ढाल बन भीड़ से जूझने के बाद आरोपियों को कोटद्वार रवाना करने में कामयाब रही।
पुलिस ने 23 सितंबर 2022 को लक्ष्मणझूला थाने में अंकिता हत्याकांड का खुलासा किया था। जैसे ही ऋषिकेश और आसपास के लोगों को आरोपी पुलकित आर्य, उसके पीए अंकित गुप्ता उर्फ पुलकित और वनंत्रा रिजॉर्ट के प्रबंधक सौरभ भास्कर की गिरफ्तारी की खबर लगी तो थाने में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने अंदाजा लगा लिया था कि कभी भी भीड़ बेकाबू हो सकती है।
लक्ष्मणझूला थाने के तत्कालीन वरिष्ठ उप निरीक्षक मनोहर रावत और चीला चौकी प्रभारी श्रद्धानंद सेमवाल तीनों आरोपियों को लेकर पुलिस जीप से कोटद्वार न्यायालय की ओर निकल गए। इस दौरान थाने में मौजूद पौड़ी गढ़वाल क्षेत्र के एक क्षेत्र पंचायत सदस्य ने आरोपियों को चीला शक्ति नहर के रास्ते कोटद्वार ले जाने की बात कुछ सोशल मीडिया ग्रुप में साझा कर दी। सूचना चिंगारी की तरह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैल गई। गंगा भोगपुर के पास शक्ति नहर किनारे स्थानीय ग्रामीण, ऋषिकेश, टिहरी गढ़वाल और पौड़ी गढ़वाल के सीमांत क्षेत्र से पहुंचे लोगों की भीड़ जमा हो गई।
Ankita Murder Case: ...जब जान बचाकर भागे थे पूर्व कर्मचारी, वनंत्रा रिजॉर्ट में ही कैद होकर रह गईं शिकायतें