साध्वी भगवती
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दिल्ली पहुंचने के बाद गाइड ने जिन शहरों का नाम बताया, उनमें ऋषिकेश सबसे पहला था। फिर तय हुआ कि वहां चलकर राफ्टिंग का लुत्फ उठाया जाए। यहां आने के बाद प्राकृतिक और आध्यात्मिक छटा ने ऐसी छाप छोड़ी कि 25 वर्षीय लड़की ने गंगा को मां और भारत को अपना घर मान लिया। साथी पर्यटकों ने होटल में रहना पसंद किया लेकिन वह इकलौती लड़की थीं जिन्होंने परमार्थ निकेतन को ठिकाना बनाया।