फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sehwag on Dhoni: सहवाग बोले- धोनी ने 2008 में मुझे प्लेइंग-11 से बाहर किया, तब संन्यास का सोच रहा था, फिर इस क्रिकेटर ने रोका

Thu, 02 Jun 2022 01:41 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

सहवाग टेस्ट क्रिकेट में तिहरा शतक लगाने वाले पहले क्रिकेटर भी हैं। इतने महान क्रिकेटर के लिए एक दौर ऐसा भी आया था जब उन्होंने जल्दी संन्यास के बारे में सोचा था। यह घटना भारत के 2008 के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान की है।
विज्ञापन
1 of 7
वीरेंद्र सहवाग और धोनी - फोटो : सोशल मीडिया
वीरेंद्र सहवाग ने अपने करियर में टेस्ट क्रिकेट की परिभाषा ही बदलकर रख दी। उन्होंने सबसे लंबे फॉर्मेट में बतौर ओपनर ताबड़तोड़ रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 80 से ऊपर का रहा। उन्होंने भारत के लिए 104 टेस्ट, 251 वनडे और 19 टी-20 मैच खेले। टेस्ट में उनके नाम 8586 रन, वनडे में 8273 रन और टी-20 अंतरराष्ट्रीय में 394 रन हैं।
विज्ञापन

2 of 7
धोनी और सहवाग - फोटो : सोशल मीडिया
सहवाग टेस्ट क्रिकेट में तिहरा शतक लगाने वाले पहले क्रिकेटर भी हैं। इतने महान क्रिकेटर के लिए एक दौर ऐसा भी आया था जब उन्होंने जल्दी संन्यास के बारे में सोचा था। यह घटना भारत के 2008 के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान की है। वीरेंद्र सहवाग ने एक शो में इस घटना के बारे में विस्तार से बताया है। 
विज्ञापन

3 of 7
धोनी और सहवाग - फोटो : सोशल मीडिया
दरअसल, कार्यक्रम के दौरान सहवाग से पूछा गया कि वह आलोचनाओं से कैसे निपटते हैं। इस पर सहवाग ने जवाब दिया- दो प्रकार के खिलाड़ी होते हैं। एक को चुनौतियों को स्वीकार करने में मजा आता है। विराट कोहली की तरह। वह आलोचना सुनते हैं और फिर वापसी करते हैं। फिर दूसरे प्रकार के खिलाड़ी हैं जो आलोचना पर प्रतिक्रिया नहीं देते, क्योंकि वे जानते हैं कि वे क्या कर सकते हैं और क्या हासिल कर सकते हैं। 

4 of 7
सहवाग और धोनी - फोटो : सोशल मीडिया
सहवाग ने कहा- मैं दूसरे प्रकार का खिलाड़ी था। मुझे इस बात की परवाह नहीं थी कि किसने मेरी आलोचना की और किसने नहीं। 2008 में जब हम ऑस्ट्रेलिया में थे तो मेरे दिमाग में रिटायरमेंट को लेकर विचार आया था। मैंने टेस्ट में वापसी की। टेस्ट सीरीज में 150 रन बनाए। वनडे में मैं तीन-चार प्रयासों में इतना स्कोर नहीं कर सका। इसलिए महेंद्र सिंह धोनी ने मुझे प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया। 
विज्ञापन

5 of 7
सहवाग और सचिन तेंदुलकर - फोटो : सोशल मीडिया
सहवाग ने कहा- फिर मेरे दिमाग में वनडे क्रिकेट को छोड़ने का विचार आया था। मैंने सोचा कि मैं सिर्फ टेस्ट क्रिकेट खेलना जारी रखूंगा। हालांकि, तब सचिन तेंदुलकर ने मुझे ऐसा करने से रोका था। उन्होंने कहा था कि यह आपके जीवन का एक बुरा दौर है। थोड़ा इंतजार करो। इस दौरे के बाद घर वापस जाओ और गंभीरता से सोचो और फिर तय करो कि आगे क्या करना है। 
विज्ञापन

6 of 7
सहवाग और सचिन तेंदुलकर - फोटो : सोशल मीडिया
सहवाग ने कहा- सौभाग्य से मैंने उस वक्त संन्यास की घोषणा नहीं की। मैंने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर संन्यास लेने का पूरा फैसला कर लिया था। इसके बाद मैं भारत आकर सिर्फ टेस्ट खेलता। हालांकि, समय बदला। हम भारत लौट आए। के श्रीकांत उस वक्त मुख्य चयनकर्ता थे। उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या करना है? मैंने कहा कि मुझे अच्छी फॉर्म के बावजूद तीन-चार मैचों के लिए टीम से बाहर किया गया। तो, मैं क्या करूँ? 
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
धोनी और सचिन तेंदुलकर - फोटो : सोशल मीडिया
सहवाग बोले- मैंने श्रीकांत से कहा कि अगर आप मुझे आश्वासन देते हैं कि आप मुझे सभी मैचों में प्लेइंग-11 में चुनेंगे, तभी आप स्क्वॉड में मेरे सेलेक्शन कीजिए, वरना रहने दीजिए। फिर श्रीकांत ने 2008 एशिया कप के दौरान एमएस धोनी से बात की। फिर धोनी ने मुझसे मेरी पसंदीदा बैटिंग पोजिशन के बारे में पूछा और मुझसे कहा कि मैं सभी मैचों में खेलूंगा। उसके बाद मैंने शानदार क्रिकेट खेला। सहवाग ने भारत के लिए आखिरी बार 2013 में खेला था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें