अब तक आठ भारतीय कप्तान अंडर-19 विश्वकप में अपनी टीम को फाइनल में पहुंचा चुके हैं। इनमें से विराट कोहली और पृथ्वी शॉ के बारे में तो सभी जानते हैं, लेकिन बाकी छह कप्तान अब कहां हैं और क्या कर रहे हैं।
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भारत के लिए अंडर-19 विश्वकप में कमाल करने वाले कप्तान
- फोटो : अमर उजाला
अंडर-19 विश्वकप में भारतीय टीम पांच फरवरी को इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल मैच खेलेगी। यह आठवां मौका होगा, जब भारतीय टीम इस टूर्नामेंट का फाइनल खेलेगी। अब तक आठ भारतीय कप्तान अंडर-19 विश्वकप में अपनी टीम को फाइनल में पहुंचा चुके हैं। इनमें से विराट कोहली और पृथ्वी शॉ के बारे में तो सभी जानते हैं, लेकिन बाकी छह कप्तान अब कहां हैं और क्या कर रहे हैं। यह हम आपको बता रहे हैं।
1988 में शुरू हुए अंडर-19 विश्व कप में भारत सबसे ज्यादा चार बार विजेता बन चुका है और सबसे ज्यादा आठ फाइनल में भी टीम इंडिया ही पहुंची है। यहां हम भारत को फाइनल में पहुंचाने वाले आठों कप्तानों के बारे में बता रहे हैं।
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2000- मोहम्मद कैफ
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मोहम्मद कैफ
भारतीय टीम पहली बार साल 2000 में अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में पहुंची थी। इस समय मोहम्मद कैफ टीम इंडिया के कप्तान थे। श्रीलंका में खेले गए इस टूर्नामेंट में भारत ने फाइनल में श्रीलंका को ही छह विकेट से हराकर खिताब जीता था। इसके बाद कैफ लंबे समय तक भारतीय टीम के लिए खेले और कई ऐतिहासिक जीत के गवाह बने। उन्होंने 13 टेस्ट में भारत के लिए 32.84 के औसत से 624 रन बनाए। वहीं 125 वनडे में उनके बल्ले से 2753 रन निकले। यहां भी उनका औसत 32.01 का था।
कैफ अब कमेंट्री और कोचिंग करते हैं। वो अलग-अलग समय पर कई टीमों के साथ जुड़े रहे हैं। पिछले सीजन वो दिल्ली की टीम के साथ सहायक कोच के रूप में जुड़े थे।
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2006- रविकांत शुक्ला
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रविकांत शुक्ला
- फोटो : ट्विटर
टीम इंडिया दूसरी बार रविकांत शुक्ला की कप्तानी में साल 2006 में अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में पहुंची थी। यह टूर्नामेंट भी श्रीलंका में खेला गया था और फाइनल में भारत को पाकिस्तान को हाथों हार का सामना करना पड़ा था। फाइनल मैच में 109 रन पर सिमटने के बाद पाकिस्तान ने भारतीय टीम को 71 रन पर समेट दिया था और भारत यह मैच 38 रन से हार गया था। इसके बाद रविकांत शुक्ला कुछ खास नहीं कर पाए। उन्होंने अंडर-19 टीम के लिए 21 वनडे मैचों में 25.94 के औसत से 467 रन बनाए थे और उनका करियर गुमनामी में ही खत्म हो गया।
हालांकि, इस टीम के बाकी खिलाड़ी, जैसे चेतेश्वर पुजारा, रोहित शर्मा, रवींद्र जडेजा और पीयुष चावला अभी भी भारतीय क्रिकेट में सक्रिय हैं। रोहित मौजूदा समय में भारत की वनडे और टी-20 टीम के कप्तान भी हैं।
2008- विराट कोहली
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विराट कोहली
- फोटो : सोशल मीडिया
साल 2008 में भारत तीसरी बार अंडर-19 विश्वकप के फाइनल में पहुंचा था। मलेशिया में खेले गए इस टूर्नामेंट में विराट कोहली भारत के कप्तान थे। फाइनल मैच में टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका को डकवर्थ लुईस नियम के तहत 12 रन से हराकर खिताब अपने नाम किया था। इसके बाद से विराट कोहली ने भारतीय क्रिकेट टीम में अपनी जगह बनाई और दुनिया के सबसे महान खिलाड़ियों में शामिल हुए। उन्होंने लंबे समय तक तीनों फॉर्मेट में भारत की कप्तानी की और अब कप्तानी छोड़कर एक खिलाड़ी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
अंडर-19 क्रिकेट से निकले खिलाड़ियों में विराट का नाम सबसे बड़ा है। भारत ही दुनिया में कोई भी अंडर-19 कप्तान विराट ज्यादा बड़ा रुतबा नहीं बना पाया है।
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2012- उनमुक्त चंद
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उनमुक्त चंद
साल 2012 में भारत ने तीसरी बार अंडर-19 विश्वकप अपने नाम किया था। इस समय उनमुक्त चंद भारत के कप्तान थे। फाइनल मैच में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को छह विकेट से हराया था और उनमुक्त चंद ने कप्तानी पारी खेलते हुए नाबाद 111 रन बनाए थे। हालांकि, उनमुक्त भी इसके बाद कुछ खास नहीं कर पाए। उन्होंने 21 आईपीएल मैचों में 15 के औसत से 300 रन बनाए। इस दौरान उनका सर्वाधिक स्कोर 58 रन रहा। इसके बाद उन्हें भारतीय क्रिकेट में ज्यादा मौके नहीं मिले और अब उनमुक्त भारत छोड़कर अमेरिका में क्रिकेट खेल रहे हैं। अमेरिकी लीग में उनका प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है। उनमुक्त ने 28 साल की उम्र में ही भारतीय क्रिकेट से संन्यास का एलान कर दिया था।
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2016- इशान किशन
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इशान किशन
- फोटो : सोशल मीडिया
साल 2016 में टीम इंडिया इशान किशन की कप्तानी में अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में पहुंची थी। इस बार वेस्टइंडीज ने भारत को पांच विकेट से हराया था। फाइनल मैच हारने के बाद किशन ने आईपीएल में कमाल किया और अब मेगा ऑक्शन में उन पर बड़ी बोली लग सकती है। किशन भारत के लिए भी खेल चुके हैं और आने वाले समय में उन्हें काफी मौके दिए जाएंगे। 23 साल के किशन ने दो वनडे मैचों में भारत के लिए 30 के औसत से 60 रन बनाए हैं। वहीं पांच टी-20 मैचों में उनके बल्ले से 28.25 के औसत से 113 रन निकले हैं।
किशन का असली जलवा आईपीएल में दिखा है। यहां उन्होंने 28.47 के औसत और 136.34 के स्ट्राइक रेट से 1452 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका सर्वाधिक स्कोर 99 रन रहा है। अब किशन इस लीग के सबसे विस्फोटक बल्लेबाजों में शामिल हैं।
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2018- पृथ्वी शॉ
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पृथ्वी शॉ
- फोटो : pti
साल 2018 में फिर भारतीय टीम फाइनल में पहुंची और पृथ्वी शॉ की कप्तानी में चौथी बार चैंपियन बनी। भारत ने फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को आठ विकेट से हराया। यह खिताब जीतने के बाद शॉ ने आईपीएल में खूब कमाल किया और भारत के लिए भी कई मैच खेल चुके हैं। शॉ पांच टेस्ट में भारत के लिए 42.38 के औसत से 339 रन बना चुके हैं। इसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल हैं। वहीं छह वनडे में उनके बल्ले से 31.5 के औसत से 189 रन निकले हैं। एकमात्र टी-20 मैच में वो बिना खाता खोले आउट हो गए थे।
आईपीएल में शॉ ने 53 मैच खेले हैं और 24.62 के औसत से 1305 रन बनाए हैं। खास बात यह है कि इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 146.3 का रहा है। इसमें 10 अर्धशतक भी शामिल हैं। इसी वजह से दिल्ली की टीम ने शिखर धवन से पहले शॉ को रीटेन किया है।
2020- प्रियम गर्ग
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प्रियम गर्ग
- फोटो : अमर उजाला
साल 2020 में भारतीय टीम सातवीं बार और लगातार तीसरी बार अंडर-19 विश्वकप के फाइनल में पहुंची थी। इस बार टीम के कप्तान थे प्रियम गर्ग। बांग्लादेश में खेले गए, इस टूर्नामेंट में मेजबान टीम ने फाइनल मैच अपने नाम किया। टीम इंडिया को फाइनल में तीन विकेट से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद प्रियम गर्ग आईपीएल में सक्रिय रहे हैं, लेकिन उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है। 19 आईपीएल मैचों में प्रियम गर्ग ने 14.64 के औसत से 205 रन बनाए हैं। इस दौरान 51 रन उनकी सबसे बड़ी पारी रही है।
ऐसे में प्रियम गर्ग को अपने प्रदर्शन में सुधार करना होगा तभी भारतीय टीम में उन्हें मौका मिलेगा। फिलहाल मेगा ऑक्शन में उनके ऊपर बोली लगना भी मुश्किल है।
साल 2022 में भारत रिकॉर्ड आठवीं बार और लगातार चौथी बार इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचा है। इस बार यश धुल टीम के कप्तान हैं। यश धुल ने सेमीफाइनल मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शतकीय पारी खेली थी और अपनी टीम को जीत दिलाई थी। फाइनल में भी उनसे ऐसे ही प्रदर्शन की उम्मीद होगी। यश धुल सहित टीम के कई खिलाड़ी मेग ऑक्शन का हिस्सा हैं और उन पर बोली लगने की संभावना काफी ज्यादा है। यश धुल के अंदर कमाल की प्रतिभा दिखती है और अगर वो इसके साथ न्याय कर पाते हैं तो जल्द ही भारतीय क्रिकेट में उनका सितारा भी बुलंद होगा।