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पुणे के कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने की धोनी के संन्यास के बारे में भविष्यवाणी 

Thu, 01 Jun 2017 07:55 PM IST
amarujala.com- Presented by: नवीन चौहान
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dhoni-kohli - फोटो : getty
आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स और पुणे सुपर जायंट के कोच रह चुके न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान स्टीफन फ्लेमिंग ने धोनी के क्रिकेट करियर के बार में भविष्यवाणी की है। फ्लेमिंग का मानना है कि दुनिया में धोनी जैसा खिलाड़ी और कोई नहीं है। फ्लेमिंग ने कहा कि धोनी साल 2019 के विश्वकप तक क्रिकेट खेलते रहेंगे। उन्हें विश्वास है कि उस वक्त धोनी 38 साल के हो जाएंगे लेकिन उन्हें विश्वास है कि वह ऐसा कर सकते हैं। 
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एमएस धोनी-अजिंक्य रहाणे - फोटो : BCCI
अंग्रेजी वेबसाइट ईएसपीएन क्रिक इन्फो को दिए इंटरव्यू में धोनी ने कहा, कई खिलाड़ी हैं जो ऐसा कर सकते हैं लेकिन दुनिया में फिलहाल एक ही एमएस धोनी है। उनके क्रिकेट और सामान्य जीवन के बीच अच्छा संतुलन है। ऐसे में वो फिट और तरोताजा होकर मैदान पर लौट सकते हैं। धोनी इस बात से अच्छी तरह वाकिफ हैं कि उन्हें टीम में बने रहने के लिए टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन करते रहना होगा। ऐसे मोड़ पर महान खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं। यदि आप ऐसे में सहज होते हैं तो आप अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर पाते। 
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महेंद्र सिंह धोनी - फोटो : getty
आईपीएल में कोच के रूप में धोनी के साथ करीब से काम कर चुके फ्लेमिंग ने कहा, धोनी ऐसे खिलाड़ी हैं जो हमेशा अच्छा प्रदर्शन करने के लिए उतावले रहते हैं। वह ऐसे नहीं हैं जो ये मान लें कि 2019 तक वह टीम में बने रहेंगे। वह ये साफ कर चुके हैं कि वह 2019 का विश्वकप खेलना चाहते हैं। जिस तरह धोनी ने करियर के शुरुआती दौर में अपनी कीमत साबित की थी वह इतने साल बाद एक बार फिर वैसा करने की सोच रहे हैं। वह एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो लगातार अच्छा  प्रदर्शन करने के लिए उतावले रहते हैं। जिस दिन उन्हें ऐसा लगने लगेगा कि उनका प्रदर्शन खराब है और वह टीम के लिए बाधा बन रहे हैं वह उसी दिन क्रिकेट को अलविदा कह देंगे। 

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महेंद्र सिंह धोनी - फोटो : getty
हालांकि फ्लेमिंग धोनी की शान में कसीदे पढ़ रहे थे लेकिन उन्होंने यह कहा कि धोनी अब वैसे नहीं रहे जैसे वह चार साल पहले थे। उन्होंने कहा कि अब वह फिनिशर की भूमिका ही निभाना चाहिए। आम तौर पर वनडे मैच 40वें और टी-20 16वें ओवर के बाद बदलता है और जब बात डेथ ओवरों की हो तो दुनिया में धोनी से बेहतर और कोई नहीं है। इसलिए टीम में उनकी भूमिका को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए। आप उनसे उनकी सबसे बड़ी खूबी को दूर नहीं कर सकते। यदि आप उनसे ऊपरी क्रम पर बल्लेबाजी करवाते हैं तो आप उनकी सबसे बड़ी खूबी को खो देंगे। हो सकता है वह मैच में जल्दी आउट हो जाएं। धोनी मैच के आखिर में जो कर कमाल कर सकते हैं वैसा करने वाले बेहद कम हैं जबकि बीच के ओवरों में बल्लेबाजी करने वाले कई खिलाड़ी मिल जाएंगे। 
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महेंद्र सिंह धोनी - फोटो : IPL
फ्लेमिंग ने आगे कहा, हम कई बार उनसे बहुत  ज्यादा आशाएं करने लगते हैं ऐसा करना ज्यादती है। कई बार खिलाड़ी प्रशंसकों की आशाओं पर खरा नहीं उतरता। हर महान खिलाड़ी के करियर में एक ऐसा दौर आया जब वह बढ़ती उम्र के साथ अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सका। लेकिन धोनी आपात स्थिति में वह अभी शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। आईपीएल में वह फॉर्म में नहीं थे बावजूद इसके कुछ मैचों में शानदार प्रदर्शन करके वह अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रहे। मुंबई के खिलाफ क्वालीफायर्स में आखिरी दो ओवर में उनकी 40 रन की पारी निर्णायक साबित हुई। फियरलेस क्रिकेट खेलना धोनी की सबसे बड़ी खूबी है। वह इसी तरह की क्रिकेट खलने के लिए जाने जाते हैं। यदि प्रदर्शन के दबाव में अपना मौलिक खेल छोड़कर विकेट बचाने की सोचने लगे तो हम धोनी को खो देंगे। जब वह बगैर किसी डर के खेलते हैं तभी सबसे बेहतरीन होते हैं। 
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महेंद्र सिंह धोनी - फोटो : getty
वनडे क्रिकेट में धोनी ने 286 मैचों में लगभग 51 की औसत से 9275 रन बनाए हैं। कई बार वनडे टीम में उनकी जगह को लेकर अफवाहें फैलीं लेकिन 2015 के बाद धोनी के बल्ले ने एक बार फिर अपनी चमक बिखेरी। लेकिन फ्लेमिंग की नजर में उनकी विकेट कीपिंग शानदार है। फ्लेमिंग ने यह कहा मैं यह नहीं कह सकता कि यह कड़ी ट्रेनिंग का नतीजा है। आईपीएल के दौरान भी मैंने उन्हें कभी विकेट कीपिंग का अभ्यास करते नहीं देखा। उनकी विकेट कीपिंग मौलिक और गौरपारंपरिक है। लेकिन मैदान पर तेज और बेहद प्रभावशाली है। हालिया आईपीएल में उन्होंने कुछ स्टंपिंग बेहद शानदार तरीके से की। मैदान पर धोनी कहीं भी गलत नहीं हैं। लोग उनकी बढ़ती उम्र, उनकी बल्लेबाजी और उनकी टीम में भूमिका को लेकर सवाल उठा रहे हैं। यदि उनकी विकेट कीपिंग खराब हो रही होती तो ऐसे सवाल उठने लाजिमी थे लेकिन उनकी विकेट कीपिंग भी समय के साथ और बेहतर होती जा रही है जो कि टीम इंडिया के लिए बेहतर संकेत है। 
 
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पुणे के कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने की धोनी के संन्यास के बारे में भविष्यवाणी 

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धोनी - फोटो : cricinfo
धोनी ने साल की शुरुआत में वनडे और टी-20 की कप्तानी छोड़ी दी। इसके बाद वह बतौर खिलाड़ी उन्हें टीम में एडज्सट करने में परेशानी हुई। इसपर फ्लेमिंग ने कहा, जब आप एक बार निर्णय प्रक्रिया से दूर होते हैं तो लोग कहते हैं यह बेहद आसान है। अब आप अपने खेल पर ज्यादा ध्यान दे पाएंगे। लेकिन हकीकत में यह बेहद मुश्किल होता है। एक बार जब आप निर्णय लेने, खिलाड़ियों की पोजीशन बदलने और रणनीति बनाने के आदी हो जाते हैं तो यह आपके खेल का अटूट हिस्सा बन जाते हैं। धोनी विकेट कीपर हैं और उनकी खिलाड़ियों की जगह बदलने की आदत है ऐसे में इससे दूर हो पाना उनके लिए एक चुनौती है। अबतक उन्होंने इस परिस्थिति के साथ भी बहुत संतुलन बना लिया है। 
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