बेंगलुरु में उस मैच के दौरान कमेंट्री कर रहे हरभजन ने अब इस घटना के बारे में बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने खुलासा किया कि धोनी ने उस दिन अपना आपा खो दिया और ड्रेसिंग रूम में वापस जाते समय एक स्क्रीन पर मुक्का मारा।
आईपीएल 2024 में चेन्नई सुपर किंग्स की टीम प्लेऑफ में पहुंचने की सबसे प्रबल दावेदार मानी जा रही थी। हालांकि, फिर चमत्कार हुआ और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और उनके बीच जंग एक वर्चुअल नॉकआउट मैच बन गया। हारने वाली टीम का सफर वहीं खत्म होता, जबकि जीतने वाली टीम प्लेऑफ में पहुंच जाती। ऐसे में विराट कोहली की आरसीबी ने महेंद्र सिंह धोनी की सीएसके को हरा दिया। इस हार के बाद विपक्षी टीम से हाथ मिलाने का इंतजार कर रहे धोनी नाखुश दिखे थे और बिना हाथ मिलाए ही पवेलियन लौट गए थे। इस दौरान वह गुस्सा में दिखे थे। हालांकि, ड्रेसिंग रूम पहुंचने के बाद क्या हुआ था, यह किसी को नहीं पता। अब हरभजन सिंह ने उस मैच के बाद के दृश्यों से पर्दा उठाया है।
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धोनी और हरभजन
- फोटो : IPL/BCCI
बेंगलुरु में उस मैच के दौरान कमेंट्री कर रहे हरभजन ने अब इस घटना के बारे में बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने खुलासा किया कि धोनी ने उस दिन अपना आपा खो दिया और ड्रेसिंग रूम में वापस जाते समय एक स्क्रीन पर मुक्का मारा। उन्होंने कहा, 'आरसीबी जश्न मना रहा था और जिस तरह से उन्होंने जीत दर्ज की वह जश्न मनाने के हकदार थे। मैं ऊपर से पूरा दृश्य देख रहा था क्योंकि मैं वहां मौजूद था। आरसीबी जश्न मना रही थी और सीएसके हाथ मिलाने के लिए लाइन में खड़ी थी, आरसीबी को सीएसके तक पहुंचने में थोड़ी देर हो गई थी। जब तक टीम आरसीबी ने अपना जश्न खत्म किया, (धोनी) अंदर गए और उन्होंने ड्रेसिंग रूम के बाहर एक स्क्रीन को पंच किया। मैं ऊपर से देख रहा था, लेकिन यह ठीक है कि हर खिलाड़ी की अपनी भावनाएं होती हैं, ऐसा होता है।
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धोनी और हरभजन
- फोटो : IPL/BCCI
हरभजन ने धोनी के आईपीएल भविष्य के बारे में पूछे जाने पर कहा, 'उस मैच के बाद उनमें धैर्य नहीं दिखा था। शायद इसलिए कि ट्रॉफी के साथ संन्यास लेने का उनका सपना उस दिन उनकी आंखों के सामने चकनाचूर हो गया था। क्योंकि ट्रॉफी जीतने के बाद धोनी 2023 में संन्यास ले सकते थे। लेकिन यह एमएस धोनी का फैसला है। शायद हम उन्हें इस साल और अगले साल भी देखेंगे। यह उन पर निर्भर करता है। हम उन्हें यह बताने वाले कोई नहीं होते हैं कि उन्हें कब संन्यास लेना चाहिए। अगर वह फिट हैं तो अगले 10 साल तक सीएसके के लिए खेल सकते हैं। हम कौन होते हैं उन्हें यह बताने वाले कि कब तक खेलना है।
आरसीबी की टीम उस मैच से पहले सीएसके से दो अंक पीछे थी। आरसीबी को प्लेऑफ में पहुंचने के लिए 18 रन या उससे अधिक से जीतने की जरूरत थी। मैच के अंतिम ओवर में सीएसके को टॉप चार में जगह बनाने के लिए 17 रनों की दरकार थी। आरसीबी के कप्तान फाफ डुप्लेसिस ने यश दयाल को गेंद दी। जैसे ही दयाल ने अंतिम ओवर की पहली गेंद फेंकी, धोनी ने छक्का लगाया, जिससे यश दयाल दबाव में आ गए। हालांकि, दयाल ने अगली ही गेंद पर धोनी को आउट कर खेल को सीएसके से दूर ले गए। इस जीत से आरसीबी खेमे में जमकर जश्न मनाया गया। आरसीबी की जीत के जश्न से बड़ा विवाद खड़ा हो गया क्योंकि धोनी विपक्षी खिलाड़ियों से हाथ मिलाए बिना मैदान छोड़कर चले गए।