उत्तरकाशी में शादी के दस साल तक निःसंतान का ठप्पा लगने से दुखी द्वारी गांव की आशा ने एक साथ तीन बच्चों को जन्म देकर परिवार में खुशियां बिखेर दी। मेरठ के एक अस्पताल में बच्चों को जन्म देने के बाद गांव लौटी आशा और महिपाल के घर उन्हें बधाई देने वालों का का तांता लगा हुआ है।
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birth to three children
- फोटो : AmarUjala
जुनून की हद तक बच्चे के लिए लालायित 37 वर्षीय महिपाल और 34 वर्षीय आशा ने अपनी दुकानदारी व खेती-बाड़ी छोड़कर इलाज के लिए देहरादून व मुजफ्फरनगर का रुख किया। मुजफ्फरनगर के ही एक प्राइवेट अस्पताल में पति ने दो वर्ष पूर्व पत्नी के गर्भाशय और ट्यूब का लैप्रोस्कोपी ऑपरेशन कराया था। इलाज के बाद गांव वापस आकर आशा फिर अपने पति के साथ मुजफ्फरनगर पहुंची।
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- फोटो : AmarUjala
एक माह पूर्व उसे प्रसव पीड़ा होने पर चिकित्सक की सलाह पर मेरठ के एक प्राइवेट अस्पताल में ले जाया गया। जुलाई के अंतिम सप्ताह में आशा ने एक पुत्र और दो पुत्रियों को जन्म दिया।
20 दिनों तक वहीं अस्पताल में डॉक्टर की देखरेख में रहने के बाद पति-पत्नी गांव लौटे। वर्ष 2006 में शादी के बाद बिना बच्चे के सूने पड़े उनके घर में अब तीन बच्चों की किलकारियां गूंजने से आस-पास के गांव के लोग भी खुश हैं। महिपाल के अनुसार उन्हें लंबे समय से निसंतान का दंश सहना पड़ रहा था।