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प्रद्युम्न की हत्या के बाद अभिभावकों में गुस्सा, सुरक्षा पर सवाल

Sat, 09 Sep 2017 10:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
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ryan school - फोटो : अमर उजाला
भोंडसी स्थित रायन इंटरनेशनल स्कूल में शुक्रवार को कक्षा दो के विद्यार्थी प्रद्युम्न की हत्या के बाद अभिभावकों में गुस्सा है। स्कूल में बच्चों की सुरक्षा को लेकर अब सवाल पैदा होने लगे हैं। करीब 4000 विद्यार्थी वाले इस स्कूल में हर वर्ष कोई न कोई घटना हो रही है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल में बच्चों की सुरक्षा के नाम पर मोटी फीस ली जाती है, लेकिन हालत यह है कि उनकी हत्या हो रही है। इससे महफूज तो सरकारी स्कूल है। लेकिन यहां बच्चों को पढ़ाना मुनासिब नहीं है। बता दें कि करीब तीन वर्ष पहले इसी स्कूल के स्विमिंग पूल में बच्चे की डूबने से मौत हो गई थी। इसी ग्रुप के सेक्टर-40 स्कूल में बच्ची को स्कूल बस ने रौंद दिया था। जिसमें उसकी मौत हो गई थी।
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छानबीन करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
सुबह 9.30 बजे: प्रद्युमन की हत्या की खबर स्कूल में आग की तरह फैली। इस बीच सभी वरिष्ठ कक्षाओं में परीक्षा हो रहा था। परीक्षा के कारण अन्य कक्षाओं की असेंबली नहीं हुई थी। बच्चों की कक्षाएं लगी थी। हत्या की खबर के बाद सभी जूनियर कक्षा में बच्चों को अंदर रोक लिया गया। सभी को एक जगह पर जमा किया गया। पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया था। कोई भी शिक्षक बात करने को तैयार नहीं है।
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अभिभावकों को भड़का गुस्सा - फोटो : अमर उजाला
सुबह 11.00 बजे: हत्या की सूचना पाकर सभी अभिभावक दहशत में थे। अभिभावक बेदहवास अवस्था में स्कूल पहुंच रहे थे। किसी को स्कूल की ओर से कोई सूचना नहीं दी गई। सभी खबर सुन कर पहुंच रहे थे। पहले पहुंचते सीधे कक्षा की ओर भाग रहे थे, लेकिन स्कूल प्रबंधन की ओर से रोका जा रहा था। इसके कारण कई अभिभावकों की तीखी बहस हो गई। इस बीच वरिष्ठ कक्षा के छात्रों की छुट्टी कर दी गई। उन्हें किसी से कोई बात नहीं करने को कहा गया।

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ryan school - फोटो : अमर उजाला
दोपहर 12.30 बजे: स्कूल के बाहर अभिभावकों का जमावड़ा लग गया था। इस बीच कई अभिभावक प्रद्युम्न को लेकर भावुक हो गए। उन्हें स्कूल प्रबंधन से जवाब चाहिए था कि आखिर स्कूल में हत्या कैसे हुई और हमारे बच्चे कितने सुरक्षित है। स्कूल प्रिंसिपल या कॉर्डिनेटर के नहीं होने के कारण अभिभावकों मेें रोष बढ़ता गया और अंत में अभिभावकों का सब्र का बांध टूट गया। अभिभावकों ने पहले स्कूल के खिलाफ नारे बाजी की और फिर तोड़फोड़ शुरू कर दी।
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ryan school - फोटो : अमर उजाला
स्कूल में सुरक्षा के नहीं है इंतजाम
स्कूल में सुरक्षा के नाम पर गेट तो है, लेकिन बाई तरफ करीब एक किलोमीटर की दीवार के बाद कोई सुरक्षा के इंतजाम नहीं है। दीवार टूटी हुई है। यहां कोई भी कभी भी आ जा सकता है। यह सीसीटीवी कैमरे की जद में भी नहीं आता है। दूसरी ओर एक फॉर्म हाउस है। यहां की दीवार करीब 03 फीट है। जिसे आसानी से पार कर आ जा सकता है। इसके अलावा यहां सभी बाथरूम की खिड़कियों के शीशे निकले हुए है। जहां से कोई भी आसानी से टॉयलेट के रास्ते स्कूल के अंदर प्रवेश कर सकता है।
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प्रद्यूमन की मां - फोटो : अमर उजाला
श्यामकुंज: प्रद्युम्न के घर पर
दोपहर 2.00 बजे: घर के बाहर उनके परिजनों का जमावड़ा था। जिनको सूचना मिली, वह वहां पहुंच रहे थे। प्रद्युम्न की मां सुषमा की हालत खराब हो रही थी। उन्हें बार-बार दिलासा दिया जा रहा था। परिजनों के मुताबिक तीन घंटे में सात बार बेहोश हो चुकी थी। घर पर मातम पसरा हुआ था।
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नारेबादी करते अभिभावक - फोटो : अमर उजाला
क्या कहते हैं अभिभावक:
श्यामदास: चौथी कक्षा में बच्चा पढ़ता है। जिस तरह की घटना है, उसके बाद भी कोई सुरक्षा की गारंटी देने को तैयार नहीं है। हम यहां बच्चों को शिक्षा के लिए भेजते हैं, मरने के लिए नहीं।
पारस खटाना: दो बच्चे मेरे यहां पढ़ते हैं। सिक्योरिटी के नाम पर फीस ली जाती है। सब कुछ बेकार है। यहां अब बच्चों को नहीं पढ़ाना है। इससे बेहतर सरकारी स्कूल है।
अमित कुमार: यह स्कूल बच्चों के लिए महफूज नहीं है। भले मेरे भतीजे का एक वर्ष बर्बाद हो, लेकिन दूसरे स्कूल में पढ़ाना ही मुनासिब है। इससे असुरक्षित स्कूल अब कोई नहीं बचा।
सुनील राघव: प्रद्युमन की घटना ने स्कूल की सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर दिया है। दोनों बच्चे मेरे डरे हुए है। वह सही से बात नहीं कर रहे हैं। एक बेटा मेरे उसी का सहपाठी था।
दिनेश पाल: स्कूल ने समय पर सूचना नहीं दी। जब यहां आए तो सीधे बच्चों को ले जाने के लिए कहा गया। स्कूल में इस तरह की घटना के बाद अब नाम कटवाना बेहतर है।
महेश: स्कूल के लिए हर बच्चा एक जैसा है। स्कूल की लापरवाही के कारण इस तरह की घटना हुई। स्कूल ही जिम्मेवार है। बच्चों की सुरक्षा के नाम पर ली जाने वाली फीस वापस हो।
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