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जब मैदान में बेटा चौके-छक्के लगा रहा था तो मां घर में कर रही थीं दुआ

Fri, 20 Jan 2017 05:43 PM IST
संजीव पंगोत्रा/अमर उजाला, चंडीगढ़
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युवराज सिंह - फोटो : PTI
इंग्लैंड के खिलाफ जहां एक तरफ युवराज सिंह छक्के और चौके जड़ रहे थे तो वहीं चंडीगढ़ में अपने घर पर बैठी उनकी मां शबनम सिंह उनकी लंबी पारी के लिए दुआ कर रही थीं। मैच के दौरान शबनम ने युवराज की पूरी पारी टीवी पर नहीं देखी बल्कि बेटे के शतक के लिए दुआ मांगती रहीं। 
इस दौरान वह घर में अपने नजदीकी से स्कोर जरूर पूछती रहीं। 
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युवराज सिंह - फोटो : PTI
जैसे ही युवराज सिंह ने इंग्लैंड के लिए  खिलाफ शतक के साथ अपना सर्वाधिक स्कोर बनाया, शबनम सिंह तुरंत हंसाली वाले वाले बाबी जी को आशीर्वाद लेने निकल गईं। लेकिन युवराज सिंह के भाई जोरवार सिंह घर में मौजूद रहे। शतक के बाद उनके घर के आसपास खुशी का मौहाल बन गया। युवी के पड़ोसी के एल सचदेवा ने जोरवार सिंह को मिठाई खिला कर मुंह मीठा कराया। 
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युवराज सिंह
इस दौरान चंडीगढ़ यूथ एसोसिएशन के प्रधान अंकित अरोड़ा के साथ युवी केप्रशंसक  सुशील जैन, राजेश अग्रवाल, आनंद गोयल, राकेश कुमार ने मिठाइयां बांटकर अपनी खुशी जाहिर की।  सिटी ब्यूटीफुल के युवराज सिंह  ने 118 के स्ट्राइक रेट से 127 गेंदाें पर 150 रन बनाए। इस पारी में 21 चौके और 3 छक्के जमाए।

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युवराज सिंह
भाई ऐसी इंनिग और खेलेगा
युवराज सिंह केशतक बनाने से भाई जोरावर सिंह काफी खुश दिखाई दे रहे थे। उन्हाेंने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि, ‘भाई में काफी टैलेंट है, ऐसी धमाकेदार पारियां तो अभी और देखने को मिलेंगी। भाई की शादी केबाद यह दूसरा खुशी का मौका परिवार के लिए आया है। आज का दिन वाकई में खास है।’  
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युवराज सिंह
यह मेरी बेस्ट इनिंग
मैच के बाद युवराज सिंह ने कहा कि यह उनकी सबसे बेहरतरीन पारियों में से एक हैं। उन्होंने कहा. ‘मैने आखिरी बार 2011 वर्ल्ड कप में शतक लगाया था। पिछले घरेलू सीजन में बल्ले केसाथ बेहतर किया था। आज माही केसाथ शतक जमाते हुए फिर वही सुनहरे दिन याद आ गए। धोनी भारत के लिए बेहतरीन कप्तान रहे हैं, उनके साथ खेलना अपने आप में अलग अनुभव रहता है। दोस्ती हो तो ऐसी, माही और युवी जैसी-  माही को जब भी सहारा दिया तो युवराज ने। 
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महेंद्र सिंह धोनी और युवराज सिंह - फोटो : PTI
चाहे वर्ष 2007 का टी-20 वर्ल्डकप हो या फिर वर्ष 2011 का वर्ल्डकप। युवी हमेशा माही के साथ डटे रहे। अब एकबार फिर से जब माही बल्लेबाज के रूप में क्रीज पर थे तो दूसरे छोर पर उनके दोस्त युवी फिर से साथ में न सिर्फ खड़े दिखाई दिए बल्कि एक शानदार पारी खेल गए। अब युवी और माही पर बोलने वालों ने भी चुप्पी साध ली है। पिछले कई वर्र्ष से टीम इंडिया से बाहर चल रहे युवराज सिंह के साथ हेजल का लक भी जुड़ गया है। शादी के बाद उनको टीम इंडिया में आने का मौका मिला तो वहीं दूसरी ओर टीम में इंट्री मिलते ही उन्होंने सर्वाधिक स्कोर बना डाला। 
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युवराज सिंह, योगराज सिंह
नो कमेंट ऑन क्रिकेट: योगराज
इस मौके पर युवराज सिंह केपिता योगराज सिंह से जब बात की गई तो उन्होंने कहा,‘नो कमेंट आन क्रिकेट।’ जब पूछा कि  आप को पिता होने केनाते कैसे लग रहा है तो उनका जवाब था, ‘इतने सालों से में उसका बाप ही तो हूं।’
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