2019 के लोकसभा चुनाव में पहली बार ईवीएम के साथ एक और मशीन देखने को मिलेगी, जिससे लोगों को बड़ा फायदा होगा, देखिए।
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मतदाता-सत्यापित पेपर ऑडिट ट्रायल
अनुमान लगाए जा रहे हैं कि इस बार लोकसभा चुनाव समय से पहले हो सकते हैं। निर्वाचन आयोग ने अगले लोकसभा चुनाव को लेकर तैयारी भी शुरू कर दी है। आयोग की ओर से जारी किए गए दिशा-निर्देश को ध्यान में रखते हुए मंगलवार को डीसी अजित बालाजी जोशी की अध्यक्षता में बैठक हुई। यूटी चुनाव आयोग के अधिकारियों की मानें तो वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में चंडीगढ़ में पहली बार ईवीएम मशीन के साथ वीवी पैट सिस्टम भी होगा।
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वोटर वेरिफेबल पेपर ऑडिट ट्रायल (वीवी पैट) सिस्टम को पहली बार वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में उपयोग में लाया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि ईवीएम के साथ लिंक वीवी पैट एक ऐसा सिस्टम है, जिसकी मदद से मतदाता जब वोट डालेगा तो उसे स्क्रीन पर यह दिखाई देगा कि उसने अपना वोट किसको और किस चुनाव चिन्ह पर दिया है। वीवी पैट पर 7 सेकेंड के लिए यह सूचना दिखाई देगी।
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अब तक 585896 वोटर हो चुके हैं एनरोल
यूटी चुनाव आयोग से मिली जानकारी के अनुसार 10 फरवरी 2018 तक कुल 585896 वोटर एनरोल हो चुके हैं। विभाग द्वारा शहर की अनुमानित जनसंख्या पर अगर गौर करें तो शहर में प्रोजेक्टेड पापुलेशन के हिसाब से पुरुषों की संख्या 706508 और महिलाओं की संख्या 577599 के करीब हैं। विभाग के अधिकारियों की मानें तो शहर में करीब 20 से 25 हजार लोग ऐसे हैं, जिन्होंने अब तक अपना वोटर कार्ड नहीं बनवाया है।
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- फोटो : self
15 मई से 15 जून तक वोटर कार्ड के लिए डोर टू डोर कैंपेन
डीसी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जिन नए वोटरों की अब तक एनरोलमेंट नहीं हुई है, उनके लिए डोर टू डोर कैंपेन चलाया जाएगा। यह कैंपेन 15 मई से 15 जून तक पूरे शहर में चलेगा। इसके लिए सभी ब्लॉक लेवल ऑफिसर (बीएलओ) को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। साथ ही एमबीएलओ को नए वोटरों का डाटा जुटाने को कहा गया है।
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मतदान
- फोटो : amar ujala
विकलांग लोगों के लिए स्पेशल कैंप
डीसी ने प्रशासन के विभागों से ऐसे लोगों का डाटा देने को कहा है जोकि शारीरिक रूप से असमर्थ हैं ताकि उनकी रिपोर्ट बनाई जा सके। जिन लोगों की अब तक वोटर लिस्ट में एनरोलमेंट नहीं हुई हैं। स्पेशल कैंप लगाकर शारीरिक रूप से असमर्थ लोगों के वोटर कार्ड बनाए जा सके।
20 से 29 उम्र के बीच करीब दो लाख वोटर
आयोग के अधिकारियों की मानें तो चंडीगढ़ के कुल मतदाताओं में से 20 से 29 उम्र के करीब दो लाख वोटर हैं। यानी वोटर लिस्ट का एक बड़ा हिस्सा युवा मतदाता है। बता दें कि वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में कुल 73.7 प्रतिशत वोटिंग हुई थी जोकि अपने आप में एक बड़ा ग्राफ था। विभाग की ओर से अनुमान लगाए जा रहे हैं कि इस बार वोटिंग प्रतिशत 80 के पार जाएगी क्योंकि बड़ी मात्रा में नए वोटरों के एनरोलमेंट को लेकर प्लानिंग की गई है।