अब टॉय ट्रेन का सफर पहले से ज्यादा शानदार, खूबसूरत, आरामदायक और दिलचस्प होगा, क्योंकि टूरिस्ट हसीन वादियों का लुत्फ यात्रा के दौरान ही उठा सकेंगे।
विज्ञापन
2 of 5
विस्ताडोम कोच
- फोटो : अमर उजाला
कालका से शिमला तक टॉय ट्रेन का सफर अब बोरिंग नहीं होगा। पांच घंटे के इस सफर को यादगार बनाने के लिए उत्तर रेलवे ने नया विस्टाडोम कोच तैयार किया है। कोच कालका रेलवे यार्ड में बनकर तैयार है। पुराने विस्टाडोम में जहां 36 सीटें थीं, वहीं इसमें 15 सीटों के साथ शौचालय की सुविधा भी दी गई है। इसे बनाने में 10 लाख रुपये खर्च हुए हैं।
विज्ञापन
3 of 5
विस्ताडोम कोच
- फोटो : अमर उजाला
इस महीने से यह कोच टॉय ट्रेन की बोगियों में यात्रियों के लिए जोड़ दिए जाएंगे। शिमला की हसीन वादियों में पर्यटकों की सैर में यात्रियों को थकावट न हो, इसलिए इसकी कुर्सियां मल्टीप्लेक्स कुर्सियां की तरह आरामदायक बनाई गई हैं। वहीं कोच की खिड़कियां पारदर्शी बनाई गई है ताकि लोग हसीन वादियों का लुत्फ उठा सकें। बड़ौदा में कालका-शिमला हेरिटेज ट्रैक पर दौड़ाने के लिए तीन और नए पारदर्शी कोच तैयार किए जा रहे हैं।
4 of 5
विस्ताडोम कोच
- फोटो : अमर उजाला
रेलवे इस रूट पर आने वाले समय में छह-छह पारदर्शी कोच वाली दो विस्टाडोम ट्रेनें चलाएगा। इस पर काम भी चल रहा है और इस साल कोच तैयार हो जाएंगे। लोगों की मांग पर इस तरह के 12 कोच तैयार किए जा रहे हैं। पर्यटक जल्द ही शिवालिक शृंखला के प्राकृतिक सौंदर्य का मजा पारदर्शी कोच की बड़ी-बड़ी खिड़कियों और शीशे की छत वाले विस्टाडोम कोच में बैठकर ले सकेंगे। यह ट्रेन पूरी तरह वातानुकूलित होगी और इसमें भी शौचालय की व्यवस्था होगी।
कोच में मिलेंगी ये सुविधाएं
ट्रेन की विंडो पर बड़े-बड़े पारदर्शी कांच लगे हुए हैं। धूप से बचने के लिए इन पर परदे भी लगाए गए हैं। ग्लास विंडो को पूरा ओपन भी किया जा सकता है। गर्मी से बचने के लिए इसमें एसी की व्यवस्था भी है। कोच की एक सीट पर एक ही यात्री बैठ सकता है।