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सिर्फ दोपहर का खाना मिल जाए इसलिए जाने लगी स्कूल, अब देखिए क्या कारनामा कर दिया

Sun, 14 May 2017 09:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रेवाड़ी(हरियाणा)
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रेवाड़ी गर्ल 'वंदना'
आर्थिक तंगी थी तो सिर्फ दोपहर के खाने के लिए स्कूल में एडमिशन ले लिया। अब अपनी मेहनत से देखिए क्या कारनामा किया है इस बच्ची ने...
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रेवाड़ी गर्ल 'वंदना'
हरियाणा के रेवाड़ी के ढालियावास गांव की वंदना जिसके पिता भूरेलाल मजदूरी और मां मंदो देवी घरों में काम करती है। आर्थिक तंगी तो थी ही, पैसा कमाने के लिए दोनों सुबह-सुबह काम पर निकल जाते थे तो बेटी घर पर अकेली और भूखी रह जाती थी।
 
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रेवाड़ी गर्ल 'वंदना'
सरकारी स्कूल में पढ़ाई के साथ-साथ भोजन भी मिलता है, पता चलते ही वंदना का स्कूल में एडमिशन करा दिया गया। तीसरी क्लास में पहुंची तो एक दिन उसने अपने टीचर जितेंद्र यादव को बेटे यश के साथ शतरंज खेलते हुए देखा।

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रेवाड़ी गर्ल 'वंदना'
यश इस खेल में स्टेट लेवल पर तीन बार जिले का प्रतिनिधित्व कर चुका है और वर्तमान में नवोदय स्कूल का स्टूडेंट है। एक दिन यश अकेले शतरंज की प्रेक्टिस कर रहा था। वंदना ने अपने टीचर से खेलने की इच्छा जताई। 
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रेवाड़ी गर्ल 'वंदना'
दो तीन बार खेलने के बाद इस लड़की ने यश को हराया तो जितेंद्र यादव को हैरानी हुई। उसके बाद वंदना ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। सबसे पहले उसने अगस्त 2016 में गांव मसानी के सीनियर सेकेंडरी स्कूल में हुई इस खेल की खंड स्तरीय प्रतियोगिता जीती। 
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रेवाड़ी गर्ल 'वंदना'
दो माह बाद अक्टूबर में डिस्ट्रिक्ट लेवल में गोल्ड मेडल जीता। एक माह बाद नवंबर में करनाल में हुई स्टेट लेवल चैंपियनशिप में भाग लिया। हाल ही में शहर में 6 मई को हुई ओपन शतरंज चैंपियनशिप में भी गोल्ड जीत लिया। इसमें राज्य के कई जिलों के अलावा राजस्थान व दिल्ली से नेशनल खिलाड़ियों ने भी भाग लिया था। इस खिलाड़ी की पारिवारिक स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है।
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रेवाड़ी गर्ल 'वंदना'
ढालियावास गांव के प्राइमरी स्कूल में चौथी क्लास की स्टूडेंट वंदना शतरंज चैंपियनशिप में लगातार दूसरी बार चैंपियन बन चुकी है। इस खिलाड़ी की पारिवारिक पृष्ठभूमि में मां मंदो देवी घरों में काम करती है और पिता भूरेलाल मजदूरी। 
 

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रेवाड़ी गर्ल 'वंदना'
इसी तरह इसी क्लास का राकेश भी इसी खेल में स्टेट लेवल पर पहुंच चुका है। दोनों खिलाड़ियों का परिवार झुग्गियों में रहता था अब पढ़ाई के लिए स्कूल के पास एक छोटे से कमरे में किराए पर रह रहा है। 
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रेवाड़ी गर्ल 'वंदना'
स्कूल छुट्टी के बाद वंदना अब घर पर खुद खाना बनाती है। सुबह निकलकर देर शाम तक आने वाले माता-पिता को अभी तक नही पता कि शतरंज होती क्या है।
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