जीएसटी एक जुलाई से लागू तो होने जा रहा है, लेकिन इसका एक प्रावधान लोगों को पसंद नहीं है। जानिए वे 9 बातें जो आपको जरूर पता होनी चाहिएं।
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जीएसटी
जीएसटी में रजिस्टर्ड डीलरों के लिए गलती करने पर सजा व जुर्माने के प्रावधान कारोबारियों को रास नहीं आ रहे हैं। पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि सजा एवं जुर्माने के प्रावधान खत्म किए जाएं, अन्यथा इनका विरोध किया जाएगा। दूसरे इससे भ्रष्टाचार बढ़ेगा और उद्यमियों एवं टैक्स अधिकारियों के बीच विवाद बढ़ेंगे।
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जीएसटी बिल
बता दें कि जीएसटी में कर की हेराफेरी की राशि पांच करोड़ से अधिक होने पर पांच साल का कारावास व जुर्माना लगाने का प्रावधान है। यदि राशि दो करोड़ से पांच करोड़ हो तो सजा तीन साल और जुर्माना, यदि राशि एक से दो करोड़ हो तो सजा एक साल एवं जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है। यदि कारोबारी दोबारा गलती दोहराता है तो उसे पांच साल की सजा एवं जुर्माना करने का प्रावधान है।
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gst
पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल के जिला प्रधान राधे श्याम आहूजा का कहना है कि जीएसटी में सजा एवं भारी जुर्माने के प्रावधान कर सरकार कारोबारियों को चोर समझ रही है। इनका डट कर विरोध किया जाएगा। ऐसे प्रावधान देशहित में नहीं हैं। इस तरह के प्रावधानों से बाजार में केवल बड़े कारोबारी ही रह जाएंगे। कर अधिकारियों की कोई जिम्मेदारी तय नहीं की है। इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा।
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जीएसटी
आहूजा ने कहा कि बेशक जीएसटी के लागू होते ही देश में लगने वाले 18 टैक्स खत्म कर दिए जाएंगे और एक यूनिवर्सल टैक्स लगना शुरू हो जाएगा। ये एक तरह से महंगाई को बढ़ाएगा। इससे कई फायदे होंगे, लेकिन इसके कई नुकसान भी हैं। इसलिए इसे लागू करने से पहले वे सभी प्रावधान खत्म किए जाएं, जिनसे लोगों को नुकसान होता हो।
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जीएसटी
वर्तमान में आप सेवाओं पर 14.5 प्रतिशत टैक्स देते हैं। जैसे 1000 रुपए के मोबाइल बिल पर आप 145 रुपए सर्विस टैक्स देते हैं। जीएसटी आने के बाद यह 18 प्रतिशत हो जाएगा यानी कि आपको 145 की बजाए 180 रुपए चुकाने होंगे। इस तरह से देखा जाए तो रेस्टोरेंट में खाना, हवाई टिकट, बीमा प्रीमियम आदि कई सेवाएं महंगी हो जाएंगी।
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GST BILL
एविएशन कंपनियों पर जीएसटी का गहरा असर पड़ सकता है। फिलहाल घरेलू यात्राओं का रेट कम है, लेकिन जीएसटी लगने के बाद जैसे ही हवाई यात्राएं महंगी होंगी ट्रैफिक भी कम होगा। ऐसे में नई-नई विमानन कंपनियों को भारी नुकसान झेलना पड़ेगा। फिलहाल ये टैक्स सिर्फ 6-9% लगता है (क्लास के हिसाब से), लेकिन जीएसटी के बाद ये 15% के ऊपर हो जाएगा।
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Demo Pic
- फोटो : google
दुनिया भर में सबसे कम बीमा भारत में (कुल भारतीय आबादी का 5%) होता है और जीएसटी लागू करने से बीमा कंपनियों को अधिक लाभ मिलेगा, क्योंकि टैक्स सीधा बीमा कंपनियों के पास जाएगा। अधिकतर इंडायरेक्ट टैक्स अब जीएसटी के तहत आने लगेंगे। जीएसटी के लागू होने से नए घर खरीदने की कीमत 8% तक बढ़ जाएगी और घर खरीदने वाले में 12% की कमी आएगी।
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internet banking
बैंकिंग और फाइनेंशियल क्षेत्र में प्रभावी टैक्स दर 14% है, जो सिर्फ ट्रांजैक्शन पर लगती है उसके इंट्रेस्ट पर नहीं। जीएसटी के तहत शुल्क आधारित लेनदेन की दर 18-20% तक बढ़ने की संभावना है। जीएसटी के लागू होने से लोन प्रोसेसिंग फीस, डेबिट / क्रेडिट कार्ड फीस, इंश्योरेंस प्रीमियम आदि जैसे वित्तीय सेवाओं की लागत में बढ़त होगी।
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petrol pump
कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, डीजल, पेट्रोल और एटीएफ जैसे प्रमुख पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी से बाहर रखे जाने की संभावना है, लेकिन दुगने इंडायरेक्ट टैक्स की वजह से लागत बढ़ने की संभावना है। जीएसटी लागू होने पर आईटी कंपनियों को भी नुकसान होगा। जीएसटी के बाद वर्कफोर्स से लेकर प्रोडक्शन की लागत तक सब बढ़ जाएगा।
जीएसटी के बाद एक टैक्सेशन सिस्टम के नाम पर 2 प्रकार का टैक्स लग सकता है। जैसे एक सेंट्रल टैक्स और एक स्टेट टैक्स। इसके नियमों के बारे में अभी भी कुछ साफ तौर पर नहीं कहा जा सकता है। इन दो के अलावा एक इंटरस्टेट जीएसटी भी लागू हो सकता है। बता दें कि अलग-अलग नामों से 165 देशों में जीएसटी पहले ही लागू हो चुका है।