25 अगस्त को राम रहीम केस का फैसला न जाने क्या होगा, पर इस डर ने पंचकूला को एक छावनी में तब्दील कर दिया। देखिए सड़कों पर कैसे डेरा प्रेमी, मिलिट्री और पुलिस डटी है।
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ट्राइसिटी में हजारों डेरा प्रेमी जुटे
ट्राइसिटी में हजारों डेरा प्रेमी जुटे, सड़कें कम पड़ीं
साध्वी मामले में 25 को डेरा मुखी की पेशी को लेकर डेरा समर्थकों के शुक्रवार डेढ़ बजे रात तक पंचकूला आने का सिलसिला जारी रहा। नाम चर्चा घर के बाहर ग्राउंड या सड़कों पर जहां जिसे जगह मिली, वही फैसले के इंतजार में डट गए। इस दौरान सुरक्षा कर्मियों ने सेक्टर-23 से शहर की तरफ बढ़ रहे समर्थकों को ताऊ देवीलाल स्टेडियम के पास रोक लिया, नतीजतन 2500 से अधिक लोगों ने सड़कों पर ही डेरा डाल दिया। ट्राइसिटी में इस समय हजारों डेरा प्रेमी जुटे हुए हैं।
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ट्राइसिटी में हजारों डेरा प्रेमी जुटे
देर रात तक डटे रहे सुरक्षा कर्मी
पूरे दिन सेक्टर-23 में जत्था पहुंचता रहा। पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों ने सघनता से उनकी जांच भी की। सुरक्षा कर्मी मंगलवार देर रात तक सड़कों पर शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए डटे रहे। अचानक शहर के अंदर की तरफ बढ़ रहे समर्थकों को रोक दिया गया। अधिकतर समर्थक दूसरे शहरों से आए हुए हैं, ऐसे में उन्हें यह भी पता नहीं चल पा रहा है कि जाएं तो किधर।
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tight security in panchkula
हर मिनट 30-35 दाखिल हुए पंचकूला में
दूर दराज खासकर पंजाब के अलग अलग क्षेत्रों से पहुंचने वाले डेरा समर्थकों छोटे छोटे समूहों में शहर में दाखिल होते रहे। औसतन हर मिनट शहर के अलग अलग रास्तों से 30-35 लोग शहर में पहुंचे। खबर लिखे जाने तक पंचकूला के सेक्टरों, आसपास, धार्मिक परिसरों में रात तक 40 हजार से अधिक समर्थक पहुंच चुके थे। पिछले 24 घंटे में पंचकूला में दाखिल होने वाले समर्थकों में सर्वाधिक पंजाब से हैं, जिनमें महिलाओं की संख्या अधिक हैं।
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सबसे ज्यादा समर्थक सेक्टर-23 के नाम चर्चा केंद्र पर
सबसे ज्यादा डेरा समर्थक सेक्टर-23 के नाम चर्चा केंद्र पर पहुंचे और खुद के ठहरने और खान पान की तैयारियों का जायजा लिया। नामचर्चा घर के आसपास से बाहरी क्षेत्र में पंचकूला पुलिस समेत अन्य सुरक्षा बलों का पहरा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि सेक्टर-23 के नाम चर्चा केंद्र तक 10000 से अधिक डेरा समर्थक पहुंच चुके हैं। इनमें महिलाओं और बुजुर्ग के साथ साथ युवाओं की संख्या भी काफी है।
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भनक लगते ही सुरक्षा हुई कड़ी
सुरक्षा एजेंसियों को जैसे ही इस बात की जानकारी मिली कि डेरा समर्थकों के पहुंचने का सिलसिला तेज हो गया है, उन्होंने मुस्तैदी और भी बढ़ा दी। सेक्टर-23 के नाम चर्चा पर सुबह से ही ऑटो, टू व्हीलर और कार में समर्थकों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। सेक्टर-23 को जाने वाले रास्ते पर पुलिस ने बैरिकेड्स लगा रखा है। यहां पर डेरा समर्थकों के बैग की भी जांच की गई।
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कोर्ट तक आने वाले सभी रास्ते बंद
25 अगस्त को डेरा प्रमुख की पंचकूला स्थित सीबीआई कोर्ट में पेशी के मद्देनजर सभी रास्तों को करीब 12 बजे से ही बंद कर दिया गया। रेड बिशप सहित आसपास के तमाम इलाकों में पुलिस ने मुस्तैदी बढ़ा दी है, ताकि कोई परिंदा भी पर न मार सके।
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रिहर्सल, नाकों से लौटाया गया वाहनों को
सेक्टर-दो में पुलिस नाका लगाए जाने के बाद वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया। इस वजह से सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हुई, जिन्हें उनके घरों तक पहुंचाने के पहले ही रोक दिया गया था। सेक्टर-दो में इस तरह के दर्जनों वाहनों को लौटाया गया, जिसमें स्कूली बच्चे, बीमार और बुजुर्ग भी साथ रहे।
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समर्थकों के बैग्स की हुई सघन जांच
सुरक्षा बलों ने सुबह से शहर के अलग अलग सेक्टरों में फ्लैग मार्च किया ताकि किसी भी हालात से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रह सकें। महिला समर्थकों की संख्या भी काफी अधिक रही, जिनकी सुरक्षा जांच में महिला पुलिस और सुरक्षा बल जुटी रही। किसी भी संदिग्ध वस्तु को साथ न ले जा सके, इस लिहाज से बैग की सघनता से जांच की गई जबकि काफी मिन्नत के बाद छाते ले जाने की छूट दी गई।
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मनसा देवी भी पहुंचे समर्थक
सुबह से ही माता मनसा देवी के मंदिर में भी समर्थकों के पहुंचने की शुरुआत हो गई। दोपहर बाद तक उनकी संख्या सैकड़ों में हुई जो बाद में एक हजार से भी अधिक तक पहुंच गई। हालांकि मंदिर में पहुंचने वालों को रोका नहीं गया, फिर भी कुछ समर्थकों को वहां से वापस भेजा गया, जिन्होंने बस, ऑटो सहित अन्य वाहनों के जरिये दूसरे गंतव्य की ओर से रुख किया। वहां लंगर के लिए भी संगत पहुंची।
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24 और 25 अगस्त को स्कूल कॉलेज बंद रहेंगे
प्रशासन ने एहतियातन 24 और 25 अगस्त को शहर के सभी सरकारी और निजी स्कूल और कॉलेज को बंद रखने का फैसला लिया है। पंचकूला की उपायुक्त गौरी पराशर जोशी ने बताया कि स्कूल और कॉलेज के छात्रों और अभिभावकों को परेशानी न हो, इसलिए दो दिन स्कूल व कॉलेज बंद रखे जाएंगे। इसके अलावा शहर के कुछ प्राइवेट स्कूलों में तीन दिन का अवकाश घोषित कर दिया है।
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बार एसोसिएशन का तीन दिन का वर्क सस्पेंड
जिला बार एसोसिएशन पंचकूला ने 23-25 अगस्त तक वर्क सस्पेंड करने का फैसला लिया है। 25 को डेरा प्रमुख मामले में फैसले के मद्देनजर कानून-व्यवस्था में सहयोग करते हुए वकीलों ने तीन दिनों के लिए वर्क सस्पेंड किया है। जिला बार एसोसिएशन के प्रधान संदीप कुमार ने बताया कि डेरा प्रमुख की पेशी के दौरान मुवक्किलों और वकीलों को परेशानी न हो इस लिहाज से फैसला लिया गया है। इससे शहर की सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने में सहयोग होगा।
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trafic jam
रूट डायवर्जन, जाम से जूझते रहे पूरे दिन लेाग
पहले ही पांच रूटों को दो दिनों के लिए बंद रखने की घोषणा की गई है, जबकि शाम के वक्त भी कुछ रूटों पर वाहनों को डायवर्ट किए जाने की वजह से परेशानी बनी रही। अगले तीन दिनों के दौरान पंचकूला के अंदर और आसपास के सभी क्षेत्रों से आने जाने वालों को तकलीफों से जूझना पड़ेगा। सूरजपुर टोल प्लाजा के पास ही ऑटो को वापस भेज दिया जा रहा है, जबकि ओल्ड पंचकूला के पास भी नाके लगे होने से पिंजौर-कालका वासियों के लिए परेशानियां बढ़ गई हैं।
साध्वी यौन शोषण केस
करीब पंद्रह साल पहले डेरा के आश्रम की एक साध्वी ने प्रधानमंत्री कार्यालय को चिट्ठी लिख कर डेरा बाबा की शिकायत की थी। साध्वी ने अपने हलफनामे में खुद और आश्रम की दूसरी साध्वियों के साथ यौन शोषण का आरोप लगाया था और फिर इस मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की गई थी। अदालत के आदेश पर वर्ष 2001 में पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई। सीबीआई ने सारी रिपोर्ट सीबीआई की विशेष अदालत पंचकूला को सौंप दी थी। उसके बाद अदालत में दोनों पक्षों की ओर से गवाहियां हुई बहस हुई और आखिरकार अदालत ने फैसला कर उसे सुरक्षित रख लिया और उस फैसले को 25 अगस्त को सुनाएगी।