यूपीएससी के सेकेंड टॉपर अनमोल ने सिर्फ 6 महीने की तैयारी के बाद 54.37 प्रतिशत नंबर हासिल करके इतिहास रच दिया। मार्कशीट देखेंगें तो यकीं ही नहीं होगा।
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Anmol Sher Singh Bedi
यूपीएससी ने 2016 की सिविल सेवा परीक्षा क्लीयर करने वाले स्टूडेंट्स के अंक सोमवार को जारी किए। इनमें सेकेंड टॉपर पंजाब के अनमोल शेर सिंह बेदी को 2,025 में से 1105 अर्थात 54.37 प्रतिशत अंक मिले हैं। पहली टॉपर नंदिनी को 2,025 में से 1,120 अर्थात कुल 55.3 प्रतिशत अंक मिले हैं। नंदिनी को इसमें उन्हें मुख्य परीक्षा में 927 और साक्षात्कार में 193 अंक मिले हैं।
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Anmol Sher Singh Bedi
वहीं तीसरे स्थान पर रहे गोपालकृष्ण रोनांकी को 2,025 में से 1101 अर्थात 54.37 फीसदी) अंक मिले हैं। परीक्षा के परिणाम 31 मई को घोषित किए गए थे। भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) सहित अन्य उम्मीदवारों के चयन के लिए सालाना परीक्षा तीन चरणों में (प्रारंभिक, मुख्य और साक्षात्कार) आयोजित की जाती है।
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UPSC टॉपर अनमोल शेर सिंह बेदी
अनमोल शेर सिंह बेदी बताते हैं कि बचपन से अनमोल का सपना आईएस अधिकारी बनना था, लेकिन फ्यूचर सिक्योर करने के लिए उसने कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग कर ली। 6 महीने पहले सोचा कि आईएएस की तैयारी की जाएगा। मैंने राजनीति विज्ञान विषय लिया और तैयारी शुरू कर दी, लेकिन ये नहीं सोचा था कि पहली बार में ही ये रैंक मिलेगी। इसलिए मुझे यकीं नहीं हो रहा, अपने रिजल्ट पर।
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UPSC टॉपर अनमोल शेर सिंह बेदी
अनमोल के पिता डॉ. सर्बजीत सिंह बेदी एनआईआईटी जालंधर के पूर्व रजिस्ट्रार रह चुके हैं और मां जसपाल बेदी सोशल वर्कर हैं। अनमोल ने बताया कि उसने बारहवीं तक की पढ़ाई स्प्रिंग डेल सीनियर स्कूल से की। आईआईटी ज्वॉइन करना चाहता था, लेकिन कुछ अंकों से चूक गया। फिर बिट्स बिलानी से कंप्यूटर साइंस की। आखिरी छह महीने में उसने ट्रेनिंग के लिए दिल्ली को चुना था।
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UPSC टॉपर अनमोल शेर सिंह बेदी
दिल्ली आकर मन में बचपन का सपना पूरा करने का जुनून फिर जाग गया। पिता से बात की तो उन्होंने मुझ पर छोड़ दिया। मैंने यूपीएससी का फॉर्म भर दिया और ट्रेनिंग के साथ-साथ कोचिंग शुरु कर दी। छह महीने की कोचिंग ली और एग्जाम दे आया। रिजल्ट के बारे में सोचता ही नहीं था, क्योंकि इतने बड़े एग्जाम को क्लीयर करना आसान भी नहीं था। इसलिए दूसरा चांस लेने को भी तैयार था।
बता दें कि अनमोल ने इंडियन फोरन सर्वेसिस (आईएफएस) को चुना है, क्योंकि वे भारत की तरक्की में अपना योगदान देना चाहते हैं। अनमोल कहते हैं कि मैं दहेज प्रथा के खिलाफ हूं, इसलिए दहेज के खिलाफ जंग लड़ूंगा और बिना दहेज के शादी करूंगा। सालों से चली आ रही दहेज की कुरीति के खिलाफ मुहिम छेड़ूंगा, ताकि समाज में सुधार आ सके।