जीएसटी लागू होते ही देश में लगने वाले 15 से ज्यादा कर खत्म हो गए। अब सिर्फ तीन तरह के टैक्स वसूले जाएंगे, जानिए किस चीज पर कितना कर लगेगा।
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जीएसटी
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जीएसटी में टैक्स स्लैब
जीएसटी लगने के बाद कई सेवाओं और वस्तुओं पर लगने वाले अलग अलग टैक्स खत्म हो गए और 'एक देश, एक टैक्स' का नियम लागू हो गया। जीएसटी के तहत 5%, 12%, 18% और 28% के टैक्स स्लैब बनाए गए हैं। इसके अलावा रफ डायमंड (बगैर तराशे हुए डायमंड) के लिए 0.25 फीसदी और गोल्ड पर 3 फीसदी का स्पेशल रेट है, जबकि सिगरेट जैसी चीजों पर अतिरिक्त कर भी लगेगा।
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ये तीन टैक्स वसूले जाएंगे
जीएसटी लागू होने के बाद वस्तुओं एवं सेवाओं पर तीन तरह के टैक्स वसूले जाएंगे। पहला सीजीएसटी, यानी सेंट्रल जीएसटी (सेंट्रल गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स), जो केंद्र सरकार वसूलेगी। दूसरा एसजीएसटी, यानी स्टेट जीएसटी (स्टेट गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स), जो राज्य सरकार अपने यहां होने वाले कारोबार पर वसूलेगी। तीसरा आईजीएसटी, यानी इंटीग्रेटेड जीएसटी (इंटीग्रेटेड गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स), जो दो राज्यों के बीच होने वाले कारोबार पर वसूला जाएगा।
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जीएसटी का दोहरा मॉडल
मोदी सरकार ने जीएसटी का दोहरा माडॅल अपनाया है, जिसमें टैक्सेशन की जिम्मेवारी केंद्र और राज्य सरकार दोनों की रहेगी। जीएसटी लागू होते ही देश में लगने वाले 18 टैक्स खत्म हो गए और एक यूनिवर्सल टैक्स लगना शुरू हो गया। पूरे देश में एक समान कर प्रणाली लागू होगी, जिससे महंगाई दर कम होगी। जीडीपी में वृद्धि होगी और व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी। जवाबदेही बढ़ेगी तथा भ्रष्टाचार से मुक्ति।
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gst
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ये सभी कर खत्म हो गए अब
सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी, ड्यूटीज आफ एक्साइज (औषधीय और टायलेट प्रेपरेशन्स), एडिशनल ड्यूटीज आफ एक्साइज (विशेष महत्व के उत्पाद), एडिशनल ड्यूटीज आफ एक्साइज (टेक्सटाइल एंड टेक्सटाइल प्राडक्ट), एडिशनल ड्यूटीज आफ कस्टम्स (सीवीडी), स्पेशल एडिशनल ड्यूटीज आफ कस्टम्स (एसएडी), सर्विस टैक्स, सेंट्रल सरचार्ज एंड सेस (स्वच्छ भारत सेस, कृषि कल्याण सेस, शिक्षा सेस), वैल्यू एडेड टैक्स (VAT), लग्जरी टैक्स, एंट्री टैक्स (सभी प्रकार के), एंटरटेनमेंट एंड एम्यूजमेंट टैक्स (स्थानीय निकायों द्वारा लागू टैक्स के अलावा), विज्ञापनों पर टैक्स, विक्रय कर, लाटरीज पर टैक्स, राज्य की ओर से लागू सरचार्ज एंड सेस (सामान और सेवाओं की आपूर्ति से संबंधित)
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GST
व्यापारियों पर ये असर होगा
20 लाख रुपये से कम के सालाना टर्नओवर वाले कारोबारियों को जीएसटी से छूट दी गई है। अगर सालाना टर्नओवर 20 लाख रुपये से ज्यादा है तो हर हाल में रजिस्ट्रेशन कराना होगा, तब कच्चे माल पर मिलने वाली टैक्स छूट का फायदा मिलेगा। 75 लाख रुपये से अधिक के सालाना टर्नओवर वाले ट्रेडर्स, मैन्युफैक्चरर्स और रेस्तरां कंपोजिशन स्कीम के तहत क्रमश: 1, 2 और 5 फीसदी अदा कर सकते हैं। अन्य कारोबारियों को हर महीने तीन रिटर्न भरने होंगे, इनमें से दो ऑटोमेटिक होंगे।
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इन पर भी कोई टैक्स नहीं देना होगा
गेहूं, चावल, दूसरे अनाज, आटा, मैदा, बेसन, चूड़ा, मूड़ी (मुरमुरे), खोई, ब्रेड, गुड़, दूध, दही, लस्सी, खुला पनीर, अंडे, मीट-मछली, शहद, ताजी फल-सब्जियां, प्रसाद, नमक, सेंधा/काला नमक, कुमकुम, बिंदी, सिंदूर, चूड़ियां और पान के पत्ते पर 0% टैक्स रहेगा। कॉन्ट्रासेप्टिव (गर्भनिरोधक), स्टांप पेपर, कोर्ट के कागजात, डाक विभाग के पोस्टकार्ड/लिफाफे, किताबें, स्लेट-पेंसिल, चॉक, समाचार पत्र-पत्रिकाएं, मैप, एटलस, ग्लोब, हैंडलूम, मिट्टी के बर्तन, खेती में इस्तेमाल होने वाले औजार, बीज, बिना ब्रांड के ऑर्गेनिक खाद, सभी तरह के गर्भनिरोधक, ब्लड और सुनने की मशीन पर भी कोई टैक्स नहीं देना होगा।
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इन चीजों पर पर 5% टैक्स देना होगा
ब्रांडेड अनाज, ब्रांडेड आटा, ब्रांडेड शहद, चीनी, चाय, कॉफी, मिठाइयां, खाद्य तेल, स्किम्ड मिल्क पाउडर, बच्चों के मिल्क फूड, रस्क, पिज्जा ब्रेड, टोस्ट ब्रेड, पेस्ट्री मिक्स, प्रोसेस्ड/फ्रोजन फल-सब्जियां, पैकिंग वाला पनीर, ड्राई फिश, न्यूजप्रिंट, ब्रोशर, लीफलेट, राशन का केरोसिन, रसोई गैस, झाडू, क्रीम, मसाले, जूस, साबूदाना, जड़ी-बूटी, लौंग, दालचीनी, जायफल, जीवन रक्षक दवाएं, स्टेंट और ब्लड वैक्सीन पर 5% टैक्स देना होगा। हेपेटाइटिस डायग्नोसिस किट, ड्रग फॉर्मूलेशन, क्रच, व्हीलचेयर, ट्रायसाइकिल, लाइफबोट, हैंडपंप और उसके पार्ट्स, सोलर वाटर हीटर, रिन्यूएबल एनर्जी डिवाइस, ईंट, मिट्टी के टाइल्स, साइकिल-रिक्शा के टायर, कोयला, लिग्नाइट, कोक, कोल गैस, सभी ओर (अयस्क) और कंसेंट्रेट, राशन का केरोसिन और रसोई गैस
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इन चीजों पर 12% टैक्स
नमकीन, भुजिया, बटर ऑयल, घी, मोबाइल फोन, ड्राई फ्रूट, फ्रूट और वेजिटेबल जूस, सोया मिल्क जूस और दूध युक्त ड्रिंक्स, प्रोसेस्ड/फ्रोजन मीट-मछली, अगरबत्ती, कैंडल, आयुर्वेदिक-यूनानी-सिद्धा-होम्यो दवाएं, गॉज, बैंडेज, प्लास्टर और ऑर्थोपेडिक इक्विपमेंट्स, टूथ पाउडर, सिलाई मशीन और इसकी सुई, बायो गैस, एक्सरसाइज बुक, क्राफ्ट पेपर, पेपर बॉक्स, बच्चों की ड्रॉइंग और कलर बुक, प्रिंटेड कार्ड, चश्मे का लेंस, पेंसिल शार्पनर, छुरी, कॉयर मैट्रेस, एलईडी लाइट, किचन और टॉयलेट के सेरेमिक आइटम, स्टील, तांबे और एल्यूमीनियम के बर्तन, इलेक्ट्रिक वाहन, साइकिल और पार्ट्स, खेल के सामान, खिलौने वाली साइकिल, कार और स्कूटर, आर्ट वर्क, मार्बल/ग्रेनाइट ब्लॉक, छाता, वाकिंग स्टिक, फ्लाईएश की ईंटें, कंघी, पेंसिल और क्रेयॉन पर भी 12 फीसदी टैक्स देना होगा।
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इन सभी चीजों पर 18%
हेयर ऑयल, साबुन, टूथपेस्ट, कॉर्न फ्लेक्स, पेस्ट्री, केक, जैम-जेली, आइसक्रीम, इंस्टैंट फूड, शुगर कन्फेक्शनरी, फूड मिक्स, सॉफ्ट ड्रिंक्स कंसेंट्रेट, डायबेटिक फूड, निकोटिन गम, मिनरल वॉटर, हेयर ऑयल, साबुन, कॉयर मैट्रेस, कॉटन पिलो, रजिस्टर और अकाउंट बुक, नोटबुक, इरेजर, फाउंटेन पेन, नैपकिन, टिश्यू पेपर, टॉयलेट पेपर, कैमरा, स्पीकर, प्लास्टिक प्रोडक्ट, हेलमेट, कैन, पाइप, शीट, कीटनाशक, रिफ्रैक्टरी सीमेंट, बायोडीजल, प्लास्टिक के ट्यूब, पाइप और घरेलू सामान, सेरेमिक-पोर्सिलेन-चाइना से बनी घरेलू चीजें, कांच की बोतल-जार-बर्तन, स्टील के बार-एंगल-ट्यूब-पाइप-नट-बोल्ट, एलपीजी स्टोव, इलेक्ट्रिक मोटर और जेनरेटर, ऑप्टिकल फाइबर, चश्मे का फ्रेम, गॉगल्स और दिव्यांगों की कार
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इन चीजों पर 28% टैक्स
कस्टर्ड पाउडर, इंस्टैंट कॉफी, चॉकलेट, परफ्यूम, शैंपू, ब्यूटी या मेकअप के सामान, डियोड्रेंट, हेयर डाइ/क्रीम, पाउडर, स्किन केयर प्रोडक्ट, सनस्क्रीन लोशन, मैनिक्योर/पैडीक्योर प्रोडक्ट, शेविंग क्रीम, रेजर, आफ्टरशेव, लिक्विड सोप, डिटरजेंट, एल्युमीनियम फ्वायल और टीवी-फ्रिज, वाशिंग मशीन, वैक्यूम क्लीनर, डिश वाशर, इलेक्ट्रिक हीटर, इलेक्ट्रिक हॉट प्लेट, प्रिंटर, फोटो कॉपी और फैक्स मशीन, लेदर प्रोडक्ट, विग, घड़ियां, वीडियो गेम कंसोल, सीमेंट, पेंट-वार्निश, पुट्टी, प्लाई बोर्ड, मार्बल/ग्रेनाइट (ब्लॉक नहीं), प्लास्टर, माइका, स्टील पाइप, टाइल्स और सेरामिक्स प्रोडक्ट, प्लास्टिक की फ्लोर कवरिंग और बाथ फिटिंग्स, कार-बस-ट्रक के ट्यूब-टायर, लैंप, लाइट फिटिंग्स, एल्युमिनियम के डोर-विंडो फ्रेम और इनसुलेटेड वायर-केबल।
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नॉन-एसी ट्रेन टिकट पर कोई टैक्स नहीं
नॉन-एसी ट्रेन टिकट, मेट्रो, बस, ऑटो, शिक्षा, स्वास्थ्य, धार्मिक और चैरिटेबल सेवाएं, टोल, बिजली, रिहायशी घर का किराया, पीएफआरडीए, ईपीएफओ और ईएसआईसी की सेवाओं पर 0% यानी कोई टैक्स नहीं लगेगा। वहीं, म्यूजियम, नेशनल पार्क में एंट्री, जनधन और अटल पेंशन जैसी सरकारी योजनाएं, 1,000 रुपए तक किराये वाले होटल, दूध, नमक, आटा, दाल, चावल जैसी चीजों की ढुलाई पर भी कोई टैक्स नहीं देना होगा।
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एसी ट्रेन टिकट पर 5% टैक्स
ट्रेन या ट्रक से माल ढुलाई, एसी ट्रेन टिकट, कैब सेवा, प्लेन का इकोनॉमी क्लास का टिकट, टूर ऑपरेटर सर्विसेज, विमान की लीजिंग और प्रिंट मीडिया में एडवर्टाइजिंग पर 5% टैक्स लगेगा। रेलवे कंटेनर से सामान ढुलाई, प्लेन का बिजनेस क्लास का टिकट, नॉन-एसी रेस्तरां में खाना, रोजाना 1000-2500 रुपए किराये वाला होटल, कॉम्प्लेक्स या बिल्डिंग का कंस्ट्रक्शन और पेटेंट राइट्स के टेम्परेरी ट्रांसफर पर 12% टैक्स चुकाना होगा।
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टिकट पर 18% टैक्स
फोन बिल, बैंकिंग, बीमा और अन्य फाइनेंशियल सर्विसेज, एसी और शराब लाइसेंस वाले रेस्तरां, आउटडोर केटरिंग में खाने की सप्लाई, रोजाना 2500-5000 रु. किराए वाले होटल, सर्कस, क्लासिकल और फोक डांस, थियेटर और ड्रामा के 250 रु. से ज्यादा के टिकट और वर्क्स कॉन्ट्रैक्ट की कंपोजिट सप्लाई पर 18 फीसदी टैक्स देना होगा।
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स्पोर्ट्स इवेंट पर 28% टैक्स
सिनेमा टिकट,थीम पार्क, वाटर पार्क, मेरी-गो-राउंड, गोकार्टिंग, कैसिनो, रेसकोर्स, बैले, आईपीएल जैसे स्पोर्ट्स इवेंट, फाइव स्टार या इससे ज्यादा रेटिंग वाले होटल के रेस्तरां, रोजाना 5,000 रुपए से अधिक रूम रेंट वाले होटल और गैंबलिंग पर 28 फीसदी टैक्स चुकाना होगा।
कारों पर इस तरह से लगेगा टैक्स
पेट्रोल: 4 मीटर से कम लंबी, 1200 सीसी से कम इंजन, कैपेसिटी- 1%, सेस कुल टैक्स 29%। डीजल: 4 मीटर से कम लंबी, 1500 सीसी से कम इंजन, कैपेसिटी- 3%, सेस कुल टैक्स 31%। अन्य सभी कार और एसयूवी: 15% सेस, कुल टैक्स 43%। मोटरसाइकिल 350 सीसी से ज्यादा कैपेसिटी वाली: 3% सेस, कुल टैक्स 31%। प्राइवेट प्लेन और याट: 3% सेस, कुल टैक्स 31%। कोल्ड ड्रिंक्स, लेमोनेड: 12% सेस, कुल टैक्स 40%। बिना तंबाकू के पान मसाले: 60% सेस, कुल टैक्स 88%। तंबाकू वाला गुटखा: 204% सेस. कुल टैक्स 232%। अन्य तंबाकू प्रोडक्ट्स: 61-160% सेस, कुल टैक्स 89-188%।