केंद्र सरकार ने भले ही शादी के परिवार को बड़ी राहत देते हुए ढाई लाख रुपये निकलवाने की बात कही हो, लेकिन उसमें भी कई पेंच हैं। देखिए।
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करेंसी एक्सचेंस को बैंकों के बाहर लोग
- फोटो : अमर उजाला
केंद्र सरकार का उक्त मैसेज टीवी चैनलों पर फ्लैश होते ही अमर उजाला संवाददाता ने जब मौके पर जाकर देखा तो लोग शादी कार्ड लेकर डीसी ऑफिस पहुंचना शुरू हो गए थे। डीसी के बाहर होने के कारण उन्हें निराश ही यहां से लौटना पड़ा। घोषणा के अनुसार शादी का कार्ड दिखाने के बाद अब बैंक से एक साथ ढाई लाख रुपये निकलवाए जा सकेंगे। अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि शादी का कार्ड लेकर सीधा बैंक पहुंचना है या फिर पहले डीसी से लिखवाना होगा।
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शादी के कार्ड का दुरुपयोग न हो इसलिए डीसी ऑफिस से मंजूरी मिलने के बाद ही लोगों को पैसे मिलेंगे। बताया जा रहा है कि जिन लोगों के घर में शादी है डीसी ऑफिस की तरफ से कर्मचारी जाकर पहले इस का पता लगाएगा। आसपास के घरों से भी इस बारे में पूछा जाएगा। पुष्टि होने के बाद ही मंजूरी दी जाएगी। इसके बाद मां या बाप में से कोई एक कार्ड लेकर बैंक से ढाई लाख रुपये निकलवा सकता है।
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दिक्कत इस बात की है कि निरीक्षण की इस प्रक्रिया में कहीं इतनी देर न लग जाए की शादी की तिथि ही निकल जाए। जैसे ही वीरवार को सुबह इस बात की घोषणा हुई तो लोग सुबह ही कार्ड लेकर डीसी ऑफिस पहुंचने शुरू हो गए। दोपहर तक चार से पांच केस इस तरह के आए। लेकिन डीसी के मौजूद नहीं होने के कारण सभी को शुक्रवार आने के लिए कहा गया।
वहीं, दूसरी ओर बैंक मनमानी कर रहे हैं। केंद्र के आदेशों का उल्लंघन करने में भी बैंक गुरेज नहीं कर रहे। कुछ ऐसा ही वाकया इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारी के साथ हुआ। बीमार पत्नी की कीमोथिरेपी कराने के लिए पैसे निकालने गए अफसर को बैंक कर्मियों ने 24 हजार के चेक पर मात्र दो हजार रुपये दिए। ऐसा ही कुछ हुआ एक अन्य व्यक्ति के साथ, जिसे पिता का इलाज कराने के लिए पैसे चाहिए थे।