आम आदमी पार्टी की किसान रैली के दौरान दिल्ली में आत्महत्या करने वाले किसान गजेंद्र का रेवाड़ी जिले में पड़ने वाले गांव कुंडल से गहरा रिश्ता था। कुंडल में गजेंद्र की दो बहनों की शादी हुई थी। एक सगी और दूसरी चचेरी बहन। रिपोर्टः दीपेंद्र प्रताप
Trending Videos
विज्ञापन
बहन ने खोले, गजेंद्र की निजी जिंदगी के 8 बड़े सीक्रेट
2 of 8
सगी बहन बबलेश चार साल पहले अपने पति राजकुमार की मौत के बाद बच्चों के साथ अलवर शिफ्ट हो गई। वहीं गांव में मौजूद चचेरी बहन योगिता गांव में ही रहती हैं। उसकी शादी भी गांव के जितेंद्र चौहान से हुई थी। वहीं जीजा जीतेंद्र चौहान का कहना है कि उनका साला गजेंद्र सकारात्मक सोच वाला शख्स था। पता नहीं क्यों जान दे दी।
विज्ञापन
बहन ने खोले, गजेंद्र की निजी जिंदगी के 8 बड़े सीक्रेट
3 of 8
चचेरी बहन योगिता बताती हैं कि गजेंद्र उनके सगे भाई से कम नहीं था। उसे कच्चे आम की बनी सब्जी और तंदुर की रोटी बेहद पसंद थी। गांव जब भी आते तो उनके हाथ की बनी सब्जी-रोटी जरूर खाते थे।
बहन ने खोले, गजेंद्र की निजी जिंदगी के 8 बड़े सीक्रेट
4 of 8
गजेंद्र के मिलनसार होने के बारे में बताती हैं कि गांव में जब भी आना होता था तो कम से कम तीन दिन जरूर रुकते थे। यही नहीं गांव के हर घर में जाकर लोगों से मिलना उनका पहला काम होता था। इसलिए पूरा गांव उन्हें अपना मानता था। गजेंद्र भाई की मौत के बाद सिर्फ उनका घर ही नहीं पूरा गांव सदमे में है।
विज्ञापन
बहन ने खोले, गजेंद्र की निजी जिंदगी के 8 बड़े सीक्रेट
5 of 8
योगिता आगे बताती हैं कि गजेंद्र साफा (पगड़ी) बांधने में मशहूर थे, 12 मिनट में 40 आदमियों को पगड़ी समेत कई रिकॉर्ड भी उसके नाम थे। एक बार तो लखनऊ में समारोह के लिए विशेष रूप से एक शख्स उन्हें लेने आया था, जिसके बाद भइया दिल्ली से लखनऊ हवाई जहाज से पगड़ी बांधने के लिए गए थे।
विज्ञापन
बहन ने खोले, गजेंद्र की निजी जिंदगी के 8 बड़े सीक्रेट
6 of 8
योगिता ने बताया कि गजेंद्र जब भी गांव आते थे, गांव में रहने के दौरान तीन में से दो दिन वह बच्चों को पगड़ी बांधना ही सिखाते थे। इसलिए जब भी वह कुंडल आते तो ग्रामीण भी उनसे पगड़ी बंधवाते थे।
विज्ञापन
बहन ने खोले, गजेंद्र की निजी जिंदगी के 8 बड़े सीक्रेट
7 of 8
किसान गजेंद्र की एक और खास बात बताती हैं उनकी बहन योगिता। कहती हैं कि भइया पहनने-ओढ़ने का इतना शौकीन थे कि हर आठ-दस दिन में अपना लुक बदल लेते थे। कभी ठेठ राजस्थानी अंदाज में रहते तो कभी दाढ़ी हटवाकर क्लीन शेव हो जाते। कभी घनी मूछें रखते तो कभी राजा-महाराजाओं जैसा हुलिया कर लेते।
बहन ने खोले, गजेंद्र की निजी जिंदगी के 8 बड़े सीक्रेट
8 of 8
योगिता कहती हैं कि गजेंद्र की जिंदादिली और अच्छे स्वभाव के सभी कायल थे। ग्रामीणों ने भी केंद्र व राज्य सरकार से गजेंद्र की तरह कोई और किसान ऐसा कदम उठाए इसके लिए किसानों का दर्द समझने की सलाह दी। वहीं उन्होंने कहा कि अगर फसल बर्बाद होने के बाद राजस्थान सरकार गंभीरता दिखाती तो आज गजेंद्र हमारे व अपने परिवार के बीच होता।