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पंजाब सरकार ने बढ़ाई सख्ती : विरोध में उतरे दुकानदारों ने किया प्रदर्शन, दुकान खोलने का किया एलान

Tue, 04 May 2021 12:20 AM IST
ajay kumar अमर उजाला नेटवर्क, पंजाब

सार

किराना दुकानदार मोनू महाजन ने कहा कि आज दुकान पर रोजाना से ज्यादा भीड़ है। पूर्ण लॉकडाउन के चलते लोग ज्यादा से ज्यादा राशन की खरीदारी कर रहे हैं। हार बाजार स्थित इलेक्ट्रॉनिक दुकान के मालिक राजेश ने कहा कि सरकार के आदेश ने हमें घर पर बैठने पर मजबूर कर दिया है।
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पठानकोट के सुजानपुर में खुली घास मंडी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पंजाब सरकार के विरोध में सोमवार को अमृतसर का पापड़ा वाला बाजार खुला रहा। व्यापारियों ने सरकार का विरोध करते हुए कहा कि हम पिछले लॉकडाउन का घाटा अभी तक पूरा नहीं कर पाए हैं तो इस लॉकडाउन का घाटा कहां झेल पाएंगे। इससे तो अच्छा है कि सरकार मामले दर्जकर दे और हमारी दुकानों की चाबी खुद रख ले।बता दें कि पंजाब सरकार ने पूरे प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों को लकर पाबंदियां बढ़ा दी हैं। अमृतसर में बंद के दौरान माहौल रोजाना की तरह दिखाई दिया।
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दुकान पर जुटे लोग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
किराना दुकानदार मोनू महाजन ने कहा कि आज दुकान पर रोजाना से ज्यादा भीड़ है। पूर्ण लॉकडाउन के चलते लोग ज्यादा से ज्यादा राशन की खरीदारी कर रहे हैं। हार बाजार स्थित इलेक्ट्रॉनिक दुकान के मालिक राजेश ने कहा कि सरकार के आदेश ने हमें घर पर बैठने पर मजबूर कर दिया है। उन्होंने कहा कि हम सरकार के इस फैसले का विरोध करते हैं और अगर घर के हालात खराब हुए तो वे अपनी दुकानें खोलकर भी बैठेंगे। उधर, पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल की बरनाला इकाई ने सदर बाजार छत्ता कुआं में लॉकडाउन के विरोध में पंजाब सरकार व पुलिस के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। इसका नेतृत्व मंडल प्रधान अनिल बंसल ने किया।
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प्रदर्शन करते दुकानदार। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रदर्शन में पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल बरनाला, शिअद, भाजपा, आप, व्यापारी संगठनों व विभिन्न सामाजिक संगठनों और किसान संगठनों ने भी हिस्सा लिया। सभी ने एकजुट होकर कहा कि वे मंगलवार सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक अपनी दुकानें खोलेंगे। वे सुबह आठ बजे सदर बाजार छत्ता कुआं समक्ष एकत्र होकर अपनी आवाज को बुलंद करेंगे। व्यापारियों ने कहा कि एक तरफ विभिन्न किसान संगठनों की ओर से रेलवे स्टेशन के बाहर पार्किंग स्थल पर धरना दिया जा रहा है। पुलिस उन्हें कुछ नहीं कह रही। परंतु दूसरी तरफ व्यापारियों की दुकानें जबरन बंद करवाई जा रही हैं। व्यापार मंडल ने पुलिस के खिलाफ कड़ा प्रदर्शन कर रोष प्रकट किया। 

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बंद पड़ी अधिकतर दुकानें। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रधान अनिल और अन्य प्रदर्शनकारियों ने कहा कि किसान उनके भाई हैं व सभी व्यापारी किसानों को अपना सहयोग दे रहे हैं, जबकि व्यापारियों की मांग है कि एक ही शहर में पुलिस का एक ही कानून होना चाहिए, जबकि जिला प्रशासन व पुलिस अलग-अलग कानून थोप रही हैं। थाना सिटी वन बरनाला के प्रभारी इंस्पेक्टर लखविंदर सिंह ने कहा कि पुलिस सरकार द्वारा जारी नियमों का पालन करवाने के लिए ही दुकानों को बंद करवा रही हैं। महामारी से बचने के लिए शारीरिक दूरी के नियम का पालन व मुंह पर मास्क लगाकर जरूरी है। 
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जीरकपुर में खुली दुकान। - फोटो : अमर उजाला
उधर, लुधियाना में पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल प्रधान प्यारे लाल सेठ, महामंत्री सुनील मेहरा एवं समीर जैन ने कहा कि अगर लॉकडाउन लगा तो पंजाब की अर्थव्यवस्था को 15 दिन में 18 हजार करोड़ रुपये के नुकसान की संभावना है। गैरजरूरी व्यापारिक गतिविधियां 15 दिन तक बंद रखने का एलान राज्य सरकार ने किया है। सरकार को चाहिए कि वह कारोबारियों के लिए राहत पैकेज की घोषणा करें। उन्होंने कहा कि सरकार ने शराब, मीट, फल, सब्जी, मोबाइल रिपेयर, दूध, ब्रेड की दुकान खोलने के निर्देश दिए हैं। दूसरी तरफ कपड़ा, बर्तन, स्टेशनरी, स्पेयर पार्ट्स की दुकानों को बंद करने को कहा है। ये सभी कारोबारी पहले से मंदी के दौर से गुजर रहे हैं। 
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जीरकपुर में जुटे लोग। - फोटो : अमर उजाला
सरकार बताए व्यापारी कैसे चलाए काम
व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार बताए कि बंद पड़ी दुकानों का किराया, बैंक ब्याज व मासिक किश्त, मुलाजिमों का वेतन, बिजली बिल भरने के लिए व्यापारी पैसा कहां से लाए। व्यापारियों की मुश्किलों को देखते हुए व्यापार मंडल ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि लॉकडाउन के बाद अगले तीन माह तक जीएसटी में 50 फीसदी तक की छूट, पिछले तीन माह में व्यापारियों द्वारा किए गए खर्च की औसत के अनुसार 15 दिन के खर्च की राहत, बैंकों के ब्याज एवं सीसी लिमिट (कैश क्रेडिट अकाउंट) के ब्याज में राहत दी जाए।
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