बुधवार को पंजाब के पठानकोट, अमृतसर, फगवाड़ा, तरनतारन और हरियाणा के पानीपत से फूलों से सजी कारें और सीमित बराती जम्मू-कश्मीर की सीमा पर पहुंचे। सुबह 5 से 7 बजे के बीच लखनपुर नाके पर 5 से 7 परिजनों के साथ पहुंचे दूल्हों को रोक कर आगे जाने की अनुमति नहीं दी गई।दिनभर नाके पर अधिकारियों के सामने परिजन मिन्नतें करते रहे, लेकिन अधिकारियों ने प्रोटोकाल का हवाला देते हुए आगे जाने की अनुमति नहीं दी। आखिरकार किसी ने उन्हें यहीं (लखनपुर) में ही दुल्हनों को बुलाकर रस्में पूरा करने का मशविरा दिया। इसके बाद लखनपुर में सड़क किनारे देर रात तक पांचों दूल्हों ने दुल्हनों को वरमाला पहनाई और बारातियों के साथ दुल्हनों को विदा कराकर ले गए।