अपनी मांगों को लेकर 29 जनवरी से धरने पर बैठे जाटों को समर्थन देने के लिए रामपाल के हजारों अनुयायी जसिया पहुंच गए। तस्वीरों में देखिए धरनास्थल का नजारा।
Trending Videos
विज्ञापन
2 of 5
हरियाणा जाट आरक्षण आंदोलन
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के धरनास्थल जसिया में शुक्रवार को लगभग 20 हजार रामपाल समर्थक पहुंच गए। ये समर्थक देश के अलग-अलग हिस्सों से आए थे और जाट आरक्षण आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे थे। पुलिस और प्रशासन को इसकी कोई जानकारी नहीं थी। खुफिया विभाग की रिपोर्ट भी फेल हो गई।
विज्ञापन
3 of 5
हरियाणा जाट आरक्षण आंदोलन
वहीं 19 फरवरी के बलिदान दिवस की रूपरेखा तैयार करने के लिए 2 घंटे तक जाट नेता यशपाल मलिक व अन्य धरनों के प्रतिनिधियों की गुप्त बैठक चली। बैठक में हर धरने से 2 प्रतिनिधि पहुंचे हुए थे। बैठक में बातचीत का ब्यौरा नहीं दिया गया। बस 19 फरवरी को बलिदान दिवस के मौके पर जसिया में 5 लाख समर्थक जुटाने की बात कही गई।
4 of 5
हरियाणा जाट आरक्षण आंदोलन
वहीं सरकार और जाटों के बीच अब 20 फरवरी को बातचीत होगी। बातचीत के लिए एडीजीपी मोहम्मद अकील ने निमंत्रण दिया है। अभी तक स्थान तय नहीं हुआ है। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि सरकार साफ दिल के साथ बैठक में आए और मंत्रियों की बयानबाजी बंद हो। सरकार काला मन लेकर बातचीत करेगी तो कोई फायदा नहीं।
दूसरी ओर, कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्र से पैरामिलिट्री की 28 कंपनियां और मिल गई हैं। रोहतक में 7, सोनीपत में 6, जींद में 4, झज्जर में 3, हिसार, भिवानी में 2-2, पानीपत, कैथल, रेवाड़ी, फतेहाबाद को एक-एक कंपनी मिलेगी। फरवरी 2016 में इन्हीं जिलों में सबसे ज्यादा हिंसा हुई थी। वहीं, मुख्य सचिव ने डेली रिपोर्ट को लेकर जिला प्रशासन को चौथी बार दिशा-निर्देश जारी किए है।