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किसान आंदोलन में दीप सिद्धू न घर का रहा, न घाट का, ये ख्वाहिश भी रह गई अधूरी, पढ़ें- इनसाइड स्टोरी

Wed, 10 Feb 2021 01:00 AM IST
ajay kumar सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
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दीप सिद्धू। - फोटो : @iamdeepsidhu/Ani
अभिनेता से राजनेता बनने का सपना देखने वाले दीप सिद्धू को किसान संघर्ष का मंच मिला तो उसे सपने सच होते दिखने लगे लेकिन अब वो न घर का रहा न घाट का। दिल्ली में जहां उस पर 'राष्ट्र विरोधी' होने का ठप्पा लग गया, वहीं पंजाब में किसान विरोधी होने का। 
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दीप सिद्धू। - फोटो : फाइल फोटो
जब किसान आंदोलन शुरू हुआ तो दीप सिद्धू समेत सभी यह कह रहे थे कि वो किसानों के लिए और किसान नेताओं के नेतृत्व में (यूनियनों के बैनर तले) इस आंदोलन में शामिल हैं। एक बारगी तो ऐसा लगने लगा था कि किसान, गायक और अभिनेताओं का ये संगम पंजाब में क्रांति पैदा कर रहा है लेकिन कुछ समय बाद ही दीप सिद्धू ने किसान नेताओं के फैसलों पर सवाल उठाना शुरू कर दिया। 
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दीप सिद्धू को दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार। - फोटो : ANI
उसने सिंघु बॉर्डर पर अपना खुद का मंच बना लिया और संविधान के संघीय ढांचे पर बोलना शुरू कर दिया। कृषि कानूनों के बारे में बात नहीं करने पर किसान संगठनों ने उसे सिंघु बॉर्डर के मुख्य मंच से बोलने से रोक दिया। उगराहां ग्रुप ने साफ तौर पर घोषणा कर दी कि सिद्धू किसान आंदोलन की दिशा बदल रहा है। सोशल मीडिया पर छाया रहने वाला दीप सिद्धू जरनैल सिंह भिंडरावाले के बारे में भी पोस्ट करता रहा। इस कारण किसान संगठनों ने खुद को उससे दूर कर लिया। 

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दीप सिद्धू। - फोटो : @iamdeepsidhu
जब किसान संगठनों ने दिल्ली की सीमाओं की ओर बढ़ने का आह्वान किया तो दीप सिद्धू ने लोगों से वापस जाने को कहा। इससे किसान संगठनों और दीप सिद्धू में दरार बढ़ने लगी। 26 जनवरी को ट्रैक्टर मार्च की घोषणा के बाद दीप सिद्धू फिर से सक्रिय हो गया। उसने मार्च के लिए लोगों को जुटाना शुरू कर दिया। 
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दीप सिद्धू। - फोटो : @iamdeepsidhu
दीप सिद्धू ठीक उस जगह मौजूद था, जहां लोगों ने लालकिले पर झंडे लहराए। उसने उसी जगह अपना एक वीडियो भी बनाया। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने उसके खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मामला दर्जकर लिया, वहीं किसानों ने दीप सिद्धू को आंदोलन का खलनायक करार दे दिया। दीप सिद्धू के निकटवर्ती लोगों का कहना है कि उसका सपना राजनीति में एक मुकाम पर पहुंचना था। 
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