साध्वी रेप केस में जेल में सजा काट रहे राम रहीम की हनीप्रीत को लेकर अब एक नई जानकारी सामने आई है, जो काफी हैरान कर देने वाली है।
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honey preet and ram rahim
डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की बेटी हनीप्रीत कहां गई, यह रहस्य बना हुआ है। देश और विदेश में हरियाणा पुलिस की टीमें डेरा मुखी की तथाकथित बेटी को ढूंढ रही हैं। वहीं, 25 अगस्त की रात पीटीसी सुनारिया से हनीप्रीत को अपने घर लाने वाले डेरा प्रेमी संजय चावला का कहना है कि उसके घर से सिरसा डेरा से आए प्रदीप कुमार और नंद कुमार इनोवा गाड़ी में हनीप्रीत को अपने साथ ले गए थे। वह तो वीटा मिल्क प्लांट से आगे गोहाना बाईपास से वापस आ गया था।
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Ram Rahim
संजय चावला ने शनिवार को मीडिया को बताया कि 19 अगस्त को उसकी मां का देहांत हो गया था। 25 अगस्त की रात को परिवार और रिश्तेदारों के साथ घर पर बैठा था। शाम को सिरसा डेरे से फोन आया कि डेरा मुखी रोहतक जेल में आ गए हैं। उनके साथ उनकी बेटी हनीप्रीत भी है। सिरसा से गाड़ी पहुंचने में समय लगेगा। ऐसे में वह हनीप्रीत को रिसीव कर अपने घर पर रख लें। पहले तो उसने मना कर दिया, लेकिन बाद में इंसानियत के नाते पीटीसी सुनारिया पहुंचा।
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राम रहीम का लाल बैग
- फोटो : SELF
वहां पहले से झज्जर निवासी जितेंद्र और हिसार निवासी वेद प्रकाश मौजूद थे। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वे हनीप्रीत को उनके हवाले कर रहे हैं। ऐसे में रिसीविंग के तौर पर तीनों के कोरे कागज पर हस्ताक्षर करवा लिए। तीनों जितेंद्र की गाड़ी में हनीप्रीत को लेकर उसके आर्य नगर स्थित मकान पर आ गए। कांस्टेबल विकास भी साथ था। थोड़ी देर बाद सिरसा से प्रदीप कुमार और एक अन्य व्यक्ति इनोवा गाड़ी में आ गए। दूसरे व्यक्ति को नंद जी कहकर पुकारा जा रहा था।
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Ram Rahim
बकौल संजय चावला उसे कमरे से बाहर जाने के लिए कह दिया गया। 40 मिनट तक बंद कमरे में हनीप्रीत ने प्रदीप और नंद के साथ बातचीत की। संजय का कहना है कि अंदर से कोई खास बातचीत सुनाई नहीं दे रही थी। न ही मोबाइल की घंटी सुनाई दी। हालांकि प्रदीप और नंद पंचकूला से आ रही गाड़ियों के संपर्क में थे। उसकी भी मोबाइल पर बातचीत करवाई थी। पूछा गया था कि गोहाना बाईपास कहां है। उसने पूरी लोकेशन बताई। रात करीब 11 बजे गोहाना बाईपास पर वह हनीप्रीत, प्रदीप और नंद को छोड़कर घर आ गया।
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Ram Rahim
संजय ने बताया कि सुबह अपनी मां की 13वीं पर घर से एक आश्रम में चला गया। पता चला कि उसके मकान के साथ लगती गली में एक पड़ोसी की कार खड़ी थी। उसके पास बैग में पांच पेट्रोल बम मिले हैं। ये पेट्रोल बम सिरसा डेरे से आए लोग रखकर गए हैं या किसी ने उसे साजिश के तहत फंसाने के लिए यह हरकत की है। पुलिस इसकी जांच कर रही है। उससे पुलिस की टीमें न केवल पांच बार पूछताछ कर चुकी हैं, बल्कि घर की तलाशी भी ले चुकी हैं।
बकौल संजय वह डेरा प्रेमियों में जिले का प्रमुख भी नहीं था। तो सवाल उठता है कि इसके बावजूद सिरसा डेरे से उसे ही हनीप्रीत को रिसीव करने की जिम्मेदारी क्यों दी गई? इतना ही नहीं, संजय खुद बता रहा है कि हनीप्रीत ने फोन पर बातचीत के दौरान कहा था कि जिस मकान में उसे भेजा जा रहा है, उस मकान मालिक संजय चावला को वह नहीं जानती। फिर हनीप्रीत का आर्य नगर में आना सवाल खड़े कर रहा है। बकौल संजय अगर उसे पहले पता होता कि हनीप्रीत को लेकर इतने सवाल उठेंगे, वह हाथ जोड़कर मना कर देता। पूरे प्रकरण से उसका परिवार डरा हुआ है।