सरदूल सिकंदर जब फोर्टिस अस्पताल में गंभीर हालत में थे, तब भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी थी। वह हर समय पत्नी अमर नूरी को विश्वास दिला रहे थे कि वह हिम्मत न हारें, वह जल्द ठीक हो जाएंगे। यह बात पॉलीवुड एक्टर जपजी खैरा ने बताई। जपजी खैरा ने बताया कि वह बीते मंगलवार सरदूल सिकंदर से मिली थीं। उन्होंने बताया कि सरदूल की खराब होती हालत से अमर नूरी परेशान थीं। जैसे वह उम्मीद छोड़ती नजर आ रही थीं लेकिन सरदूल ने उनसे कहा कि वह नूरी को समझाएं कि वह हिम्मत न हारे, वह जल्द ही ठीक हो जाएंगे। जपजी ने कहा कि उन्हें क्या मालूम था कि वह इतनी जल्दी दुनिया से छोड़कर चले जाएंगे। वहीं, पंजाबी एक्टर और थिएटर कलाकार मलकीत रोणी ने बताया कि सरदूल ने गायकी की साधना और तपस्या की थी। अपने जीवन में कई कठिनाइयों का सामना किया, जिसके बाद वह पंजाब के लोगों के दिलों में छा गए। उन्होंने बताया कि 28 अक्तूबर 2020 को वह परिवार समेत मोंरिडा में किसान रैली में पहुंचे थे। वहां पहुंच कर उन्होंने किसानों के साथ कृषि कानूनों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।हालांकि उनके बेटे ने उनकी खराब तबीयत देखते हुए उन्हें आंदोलन में शामिल होने से भी रोका था लेकिन उन्होंने बेटे की और बीमारी का परवाह न करते हुए आंदोलन में हिस्सा लिया।