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ब्रिटेन चुनाव में छाए पंजाबी, लंदन में बस कंडक्टर थे वरिंदर शर्मा, पांचवीं बार बने सांसद

Fri, 13 Dec 2019 10:24 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
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प्रीत गिल, वरिंदर शर्मा - फोटो : फाइल फोटो
लंदन में बस कंडक्टर से सफर शुरू करने वाले वरिंदर शर्मा यूके में पांचवीं बार सांसद बने हैं। फगवाड़ा के गांव मंढाली में डॉ. लेखराज के घर जन्मे वरिंदर शर्मा जालंधर में ट्रस्ट के चेयरमैन रह चुके हैं। 1947 में जन्में वरिंदर शर्मा ग्रेजुएशन के बाद इंग्लैंड चले गए। लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से आगे की पढ़ाई की। वहां बसने के लिए लंदन में बस कंडक्टर के तौर पर भी काम किया। वरिंदर शर्मा बेशक यूके में हो लेकिन भारत के हर मुद्दे पर उनकी राय बेबाक रही है।
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तनमनजीत सिंह ढेसी - फोटो : फाइल फोटो
वहीं तनमनजीत सिंह ढेसी का जन्म यूके में हुआ। पिता ने तनमनजीत को पढ़ने के लिए पंजाब भेज दिया ताकि वह पंजाबी भाषा, पंजाबी साहित्य और कल्चर का पूरा ज्ञान ले सके। तनमनजीत ने अपने चाचा परमजीत सिंह रायपुर के पास रहकर पढ़ाई की। ढेसी को शिवालिक पब्लिक स्कूल मोहाली में दाखिल करवाया गया फिर दशमेश अकादमी श्री आनंदपुर साहिब में। जब पंजाब में आतंकवाद चरम पर था तो परमजीत सिंह तनमनजीत को लेकर यूके चले गए।
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प्रीत कौर - फोटो : फाइल फोटो
तनमनजीत यूके चले तो गए लेकिन पंजाब से उनका नाता नहीं टूटा। ढेसी ग्रेवशेम के सबसे कम उम्र के मेयर बने। पहले पगड़ीधारी सांसद का गौरव हासिल करने वाले तनमनजीत का पंजाब के साथ किस कदर लगाव है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने अपने दोनों बेटों जुगाद और सुहाब को प्राइमरी शिक्षा पंजाब से दिलाई है।  

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वरिंदर शर्मा के घर मिठाई बांट मनाई गई खुशी।
जुगाद प्राइमरी एजुकेशन लेकर यूके चला गया है जबकि सुहाब अभी जालंधर के एमजीएन स्कूल में प्राइमरी शिक्षा ले रहा है। तनमनजीत सिंह ढेसी के चाचा परमजीत सिंह रायपुर एसजीपीसी के सदस्य हैं, जो हाल ही में फगवाड़ा उपचुनाव में शिअद को अलविदा कहकर कांग्रेस में चले गए। तनमनजीत सिंह ढेसी के सांसद बनने के बाद जालंधर के कैंट हलके, गांव रायपुर और फगवाड़ा के जसदिल मैंशन में जश्न का माहौल है। चुनावों के नतीजों के बाद गांव रायपुर में लोगों का तांता लगना शुरू हो गया और मिठाइयां बांटी जाने लगी।
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गांव रायपुर में रात तक परिवार को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ था। प्रीत गिल भी निकटवर्ती गांव जमशेर खेड़ा की रहने वाली हैं और वह तनमनजीत सिंह ढेसी की रिश्तेदार हैं। प्रीत के पिता दलजीत सिंह 1962 में इंग्लैंड गए थे और वहां बस चलाते थे। प्रीत ब्रिटेन में ही पैदा हुईं और उनकी सारी पढ़ाई-लिखाई बर्मिंघम ऐजबेस्टन में ही हुई। वह राजनीति में अपनी दिलचस्पी का श्रेय अपने पिता को देती हैं। उनके सांसद बनने की खबर सुनते ही उनके पैतृक गांव में जश्न शुरू हो गया। 
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