फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'क्या हम अपनी बेटियों को हैवानों के लिए पैदा करें'

Sun, 08 Feb 2015 11:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
1 of 7
नेपाली मूल की युवती के साथ दरिंदगी पर शहरवासियों का गुस्सा उबाल पर है। पीड़ित के घर पहुंचे भाजपा, कांग्रेसी नेता और महिला आयोग को मोहल्ले की महिलाओं ने खूब खरी-खरी सुनाईं। महिलाओं का सीधा कहना था कि क्या वे अपनी बेटियों को इन भेड़ियों व हैवानों के लिए पैदा करें?
विज्ञापन

'क्या हम अपनी बेटियों को हैवानों के लिए पैदा करें'

2 of 7
महिलाओं के रौद्र को देख महिला आयोग को जहां स्वीकार करना पड़ा कि कहीं न कहीं पुलिस की लापरवाही भी इसके लिए जिम्मेदार है। वहीं, दूसरी ओर विधायक तो काफी देर तक मौन रहकर केवल महिलाओं की खरी खोटी ही सुनते रहे। सांसद ने कहा कि रोहतक की जनता ऐसी वारदातों को बर्दाश्त नहीं करेगी।
विज्ञापन

'क्या हम अपनी बेटियों को हैवानों के लिए पैदा करें'

3 of 7
भाजपा के प्रदेश महामंत्री एवं विधायक मनीष ग्रोवर पीड़ित परिवार से मिलने के लिए चिन्योट कालोनी में पहुंचे थे। इस दौरान मृतका की बहन को भरोसा दिलाया कि हत्यारोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

'क्या हम अपनी बेटियों को हैवानों के लिए पैदा करें'

4 of 7
जैसे ही पीड़ित परिवार को आश्वासन देकर वे बाहर निकले तो मोहल्ले की महिलाओं ने उन्हें घेर लिया। महिलाओं ने ग्रोवर को खूब खरी-खोटी सुनाईं। ये महिलाएं बेहद गुस्से में थीं। गुस्साई महिलाओं ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार के ऐसे अभियान का क्या फायदा।
विज्ञापन

'क्या हम अपनी बेटियों को हैवानों के लिए पैदा करें'

5 of 7
ग्रोवर से पूछा कि क्या अपनी बेटियों को ऐसे दरिंदो और भेड़ियों के लिए बचाएं। ऐसे हैवानों को गिरफ्तार करने के लिए सरकार कड़े कदम क्यों नहीं उठाती। जब सरकार कोई कड़ी कार्रवाई नहीं कर सकती तो फिर ऐसे अभियान नहीं चलाएं। विधायक मनीष ग्रोवर कोई जवाब इन गुस्साई महिलाओं को नहीं दे पाए।
विज्ञापन

'क्या हम अपनी बेटियों को हैवानों के लिए पैदा करें'

6 of 7
महिला आयोग की अध्यक्ष कमलेश पांचाल और उपाध्यक्ष सुमन दहिया भी पीड़ित परिवार के घर पहुंची। उन्होंने वहां पर पीड़ित की बड़ी बहन से बातचीत की। बातचीत के दौरान मृतक युवती की बहन ने सभी तरह से पुलिस कार्रवाई को सवालों के घेरे में ला खड़ा किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

'क्या हम अपनी बेटियों को हैवानों के लिए पैदा करें'

7 of 7
आयोग की पदाधिकारियों ने दोषियों को फांसी दिलाने का आश्वासन दिया तो वहां लोगों ने तालियां बजा दीं, लेकिन जैसे ही आयोग की टीम ने कहा कि पुलिस ने केस को गंभीरता से लिया है तो वहां एकबार फिर गुस्सा भड़क गया। बाद में आयोग की उपाध्यक्ष सुमन दहिया ने सच्चाई मान ली।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें