अगर आपने प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन किया तो देखिए आपके लिए एक बड़ी बुरी खबर है और ये खबर बड़ा झटका देगी, ध्यान से पढ़ लीजिए।
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प्रधानमंत्री आवास योजना
दरअसल, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हाउसिंग फॉर ऑल स्कीम के तहत चंडीगढ़ प्रशासन ने एक लाख से ज्यादा आवेदन फार्म खारिज कर दिए हैं जबकि इस स्कीम के तहत फ्लैट के लिए कुल एक लाख 27 हजार 997 लोगों ने आवेदन किया है। प्रशासन के संपदा विभाग ने छंटनी के दौरान उक्त आवेदकों के फार्म में खामियां पाई हैं। ऐसे में सफल आवेदक सिर्फ 24 हजार 771 ही हैं। अब जल्द ही डोर टू डोर वेरिफिकेशन भी शुरू होगा।
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प्रधानमंत्री आवास योजना
इस स्कीम के तहत एक बड़ी शर्त यह थी कि वही लोग इस स्कीम के तहत आवेदन कर सकते हैं, जो शहर में 17 जून 2015 से पहले से रह रहे हों। लेकिन 61 हजार 252 लोग पाए गए, जिनके वोटर कार्ड इस तारीख के बाद ही बने हैं। इसके लिए मतदाता सूची को भी चेक किया गया है। ऐसे में सबसे ज्यादा लोग यही हैं, जिनका आवेदन खारिज हुआ है। जबकि 8660 आवेदन ऐसे मिले हैं, जिनमें परिवार के दूसरे सदस्यों ने भी आवेदन कर दिया था।
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प्रॉपर्टी, फ्लैट, हाउस
- फोटो : डेमो फोटो
मालूम हो कि इस हाउसिंग स्कीम को सभी आवेदकों के आधार लिंक से जोड़ा गया है। इससे भी आवेदन फार्म की खामियां भी जल्दी सामने आ गई हैं। छंटनी में पाया गया है कि 10 हजार 174 आवेदक ऐसे मिले हैं, जिनके पास पहले से ही चंडीगढ़ में संपदा विभाग और सीएचबी की ओर से अलॉट की हुई रिहायश है। जबकि 2410 लोग ऐसे हैं, जिन्हें हाल फिलहाल में मकान अलॉट किए गए हैं। 1113 आवेदक ऐसे मिले हैं, जिनके पास देश के अन्य राज्य में भी एक से ज्यादा प्रॉपर्टी हैं।
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प्रधानमंत्री आवास योजना
जबकि इस स्कीम के तहत वही लोग आवेदन कर सकते थे, जिनके पास पहले कोई मकान न हो। 5776 लोग ऐसे पाए गए हैं, जिन्होंने एक से ज्यादा फार्म भर दिए। 11 हजार 343 लोग ऐसे हैं, जिनके आधार कार्ड के नंबर में खामी थी। अधिकतर लोगों ने 14 की जगह 12 अंक के ही नंबर भरे हैं। 1574 आवेदन फार्मों में दूसरी तरह की गलतियां हैं। मालूम हो कि हाउसिंग बोर्ड ने 20 अप्रैल तक इस स्कीम के तहत आवेदन मांगे थे।
पहले फेज में बनने हैं 10 हजार फ्लैट्स
जब इस स्कीम के तहत एक लाख 27 हजार से ज्यादा लोगों के आवेदन आए तो प्रशासन के भी पसीने छूट गए। क्योंकि इतने फ्लैट बनाने के लिए प्रशासन के पास जमीन नहीं है। हाल ही में प्रशासन ने पहले फेज में 10 हजार फ्लैट का निर्माण करने का निर्णय लिया है। इस स्कीम के तहत ईडब्ल्यूएस, एलआईजी, एमआईजी-1 और 2 कैटेगरी फ्लैट्स का निर्माण होना है। 10 हजार फ्लैट के निर्माण के लिए जमीन फाइनल कर दी गई है। इसके तहत 50 एकड़ जमीन सीएचबी को ट्रांसफर की जा रही है। छह मंजिला इमारत में फ्लैट्स का निर्माण किया जाएगा।