ली कार्बूजिए के साथ चंडीगढ़ को व्यवस्थित और खूबसूरत बनाने में उनके कजन पियरे जेनरे का भी अहम रोल रहा है। तो आइए आज हम आपको उनका बेहतरीन घर दिखाते है।
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Le Corbusier House, Sector-5 Chandigarh
पियरे जेनरे की 121 वीं जयंती पर बुधवार को सिटी ब्यूटीफुल को एक नायाब तोहफा मिलने जा रहा है। पियरे जेनरे ने चंडीगढ़ निर्माण के दौरान अपने जीवन के कई साल सेक्टर-5 के जिस मकान (हाउस नंबर-57) में गुजारे थे, उसमें बुधवार से जेनरे म्यूजियम शुरू होने जा रहा है।
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Le Corbusier House, Sector-5 Chandigarh
प्रशासक वीपी सिंह बदनौर इस म्यूजियम का उद्घाटन करेंगे। इसकी तैयारियां युद्घस्तर पर चल रही हैं। 8 महीने पहले जो जेनरे हाउस अनदेखी के कारण खंडहर जैसा दिखता था, अब वह एक खूबसूरत म्यूजियम का रूप ले चुका है। इस म्यूजियम को देखने के लिए कोई शुल्क नहीं रखा गया है। पर्यटक सुबह 10 से शाम 5 बजे तक म्यूजियम का दीदार कर सकते हैं।
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Le Corbusier House, Sector-5 Chandigarh
यह होगा खास
म्यूजियम में सिर्फ जेनरे से जुड़ी चीजें ही दिखाई देंगी। उनकी डिजाइन की गई बिल्डिंग के चित्र और दुर्लभ ड्राइंग-मैप देखने का मौका मिलेगा। जेनरे की फोटोग्रॉफ की प्रदर्शनी होगी। शहर की सभी मुख्य भवनों के लिए फर्नीचर जेनरे ने ही डिजाइन किए थे जो अब हेरिटेज बन चुका है। इस फर्नीचर के बेहतरीन नमूने म्यूजियम में देखे जा सकेंगे।
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Le Corbusier House, Sector-5 Chandigarh
हाउस अपने आप में खास
जेनरे हाउस का डिजाइन अपने आप में खास है। जेनरे भवनों में बड़े पत्थरों की दीवारें बनाते थे। जेनरे हाउस में भी इनका इस्तेमाल किया गया है। दीवारों के अंदर कटिंग कर आकर्षक शोकेस बनाया गया है। आंख के आकार का व्यू प्वाइंट बनाया गया है, जिससे लॉन की खूबसूरती को निहारा जा सके। ईंटों में जगह छोड़कर कॉरिडोर की दीवारें बनाई गई हैं। धूप में इसकी शेडो बहुत अच्छी दिखती है। घर के अंदर सीढ़ियां भी वर्तमान आर्किटेक्ट्स के लिए नजीर हैं। एक पिलर पर गोल आकार में इन्हें दो मंजिल तक पहुंचाया गया है। जो बेहद कम जगह घेरने के साथ अच्छी भी दिखती हैं। एल टाइप की सीढ़ियां कटिंग में बनाई गई हैं। स्टेप भी मार्बल पत्थर से बनाए गए हैं।
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चंडीगढ़ से इतना प्यार की सुखना में प्रवाहित गई थीं अस्थियां
चंडीगढ़ निर्माण के समय जेनरे ने 1954 से 1965 तक 11 साल इसी घर में बिताए थे। जेनरे को चंडीगढ़ से इतना प्यार था कि उनकी मौत के बाद उनकी इच्छानुसार अस्थियों को सुखना में ही प्रवाहित किया गया था। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट, विधानसभा और पीयू जैसे संस्थानों का अधिकतर फर्नीचर जेनरे ने डिजाइन किए थे। हेरिटेज फर्नीचर डिजाइन करने के साथ जेनरे ने पंजाब यूनिवर्सिटी की कई बिल्डिंग्स की डिजाइनिंग की, जिनमें पंजाब यूनिवर्सिटी का गांधी भवन और यूनिवर्सिटी लाइब्रेरी शामिल है।
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Le Corbusier House, Sector-5 Chandigarh
सुखना लेक से पैदल पहुंच सकेंगे
यह घर सुखना लेक के ठीक सामने पार्किंग की पिछली साइड में कुछ मीटर की दूरी पर है। चंडीगढ़ आने वाले पर्यटक सुखना लेक जरूर जाते हैं। ऐसे में हर पर्यटक म्यूजियम भी देख सकते हैं। कैपिटल कॉप्लेक्स, रॉक गार्डन, सुखना लेक और जेनरे म्यूजियम सभी एक ही मार्ग पर हो जाएंगे।
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Le Corbusier House, Sector-5 Chandigarh
यह सेक्टर अपने आप में खास
सेक्टर-5 शहर के पुराने सेक्टरों में से एक है। इस सेक्टर में बहुत पुराने पेड़ हैं। वादियों में होने वाले चीड़ के पेड़ से लेकर दूसरे कई प्रजातियों के पेड़ देखने को मिलेंगे।
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हेरिटेज जेनरे हाउस में रुक सकेंगे मेहमान
अगर आप हेरिटेज हाउस में रुकने की हजरत रखते हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है। पियरे जेनरे म्यूजियम में खास परिस्थिति में पर्यटकों के ठहरने की व्यवस्था भी होगी। फर्स्ट फ्लोर पर गेस्ट हाउस बनाया गया है। इस फ्लोर पर बने तीन कमरे विशेष मेहमान के लिए होंगे। खासकर रिसर्चर, आर्किटेक्ट, हेरिटेज आर्किटेक्टचर वर्क में रुचि रखने वाले और विदेशी मेहमान यहां रुक सकेंगे। चंडीगढ़ प्रशासन ने जेनरे हाउस में यह खास व्यवस्था की है। पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर ही गेस्ट रूम बुक करवाने का लिंक उपलब्ध होगा।
निवार की बेड सोने को मिलेगी
यह गेस्ट हाउस में जेनरे के डिजाइन हेरिटेज निवार के बेड लगाए गए हैं। साथ ही डाइनिंग हॉल से लेकर दूसरी जगह भी हेरिटेज फर्नीचर लगाया गया है। दुर्लभ तरह के बेकार हो चुके फर्नीचर को हेरिटेज लुक दी गई है।
जेनरे के साथ सेल्फी भी
जेनरे हाउस से हर कोई कुछ न कुछ यादें समेट कर ले जाएगा। यादों के लिए यहां विशेष सेल्फी जोन भी बनाया गया है। जहां जेनरे के कटआउट के साथ कोई भी सेल्फी ले सकेगा। कटआउट के साथ फोटो जीवंत दिखेगी।