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किसान आंदोलन : दिल्ली को घेरने में जुटे किसान, लगातार बढ़ रही तादाद, कार-बाइक से पहुंच रहे परिवार

Thu, 10 Dec 2020 05:25 PM IST
निवेदिता शर्मा अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)
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किसान आंदोलन में समर्थन देने पहुंचे रहे लोग। - फोटो : अमर उजाला
कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर सिंघु बॉर्डर पर बैठे किसानों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। हर रोज लोग अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली और बाइक से धरनास्थल पर पहुंच रहे हैं। इन लोगों में महिलाएं, बच्चे और युवक सभी शामिल हैं। सभी एक ही बात कहते हैं कि हक लिए बिना हम नहीं लौटेंगे। सिंघु बॉर्डर पर शुरू हुए आंदोलन में अब केवल किसान नहीं, बल्कि हर वर्ग के लोग शामिल हो रहे हैं। 
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कुंडली बार्डर पर अपनी बेटियों के साथ पहुंचे हरनेक सिंह। - फोटो : अमर उजाला
पंजाब से आ रहे किसान अपने साथ राशन और गर्म कपड़े लेकर आ रहे हैं। किसानों का जत्था कारों, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से भी धरनास्थल पर पहुंच रहा है। युवा किसान बाइक से 550 किमी लंबा सफर तय करके धरनास्थल पर पहुंच रहे हैं तो महिलाएं अपनी बेटियों व नातियों के साथ आंदोलन में शामिल हो रही हैं। पंजाब के फगवाड़ा से आए हरनेक सिंह अपनी चारों बेटियों के साथ कुंडली बॉर्डर पहुंचे हैं। हरनेक सिंह ने कहा कि बेटियां यहां लंगर तैयार करने में हाथ बंटवाएंगी। जब तक किसानों की जीत नहीं होगी वह मिलकर लड़ेंगे। किसानों की मांगों को सरकार को मानना ही होगा।
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पंजाब से धरने में हिस्सा लेने जाते किसान। - फोटो : अमर उजाला
पंजाब के जिला फतेहगढ़ साहिब के रहने वाले जसकाम सिंह और मरेन्द्र सिंह खेती करते हैं। दोनों युवा किसान मंगलवार शाम को अपनी बाइक से सिंघु बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए आए हैं। युवा किसान मरेन्द्र सिंह ने बताया कि उनके गांव से परिजन राशन लेकर पहले ही धरनास्थल पर आ चुके हैं। अब गांव के युवा किसान भी धीरे-धीरे धरने में पहुंच रहे हैं। वह खाना और गर्म कपड़े लेकर आए हैं। दोनों ने बाइक से 550 किमी. का सफर तय किया है और अब वह कृषि कानून रद होने तक यहीं रहेंगे।

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पंजाब से ट्रैक्टर ट्राली में सिंघू बार्डर पहुंचे किसान। - फोटो : अमर उजाला
सिंघु बॉर्डर स्थित धरनास्थल पर पंजाब के गुरदासपुर से भी किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली से पहुंचे। किसान हरविंद्र ने कहा कि वह अपने पशुओं व खेतों की देखरेख का जिम्मा नौकरों के ऊपर छोड़कर धरने में शामिल होने के लिए आए हैं। उनके गांव से पहले भी कई ट्रैक्टर-ट्रॉली यहां आ चुके है। अब वह एक ट्राली में राशन लेकर पहुंचे है। जब तक किसान आंदोलन जारी रहेगा वह यहीं जमे रहेंगे।
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किसान आंदोलन में हिस्सा लेने जा रहीं बिमला। - फोटो : अमर उजाला
जुआं गांव की बिमला अपनी बेटियों और नातियों के साथ गाड़ी में सवार होकर धरनास्थल पर पहुंचीं। बिमला ने बताया कि वह कई साल से किसान संगठनों से जुड़ी हुई हैं। वह अपनी बेटियों और नातियों के साथ किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए आई हैं। हम अपनी मांगों को मनवाकर ही धरना समाप्त करेंगे।
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