कोरोना की दूसरी लहर अपनी समाप्ति पर है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। आईएमए ने तीसरी लहर के जल्द आने का अलर्ट भी जारी कर दिया है। दूसरी तरफ लॉकडाउन की अवधि समाप्त होते ही सभी पर्यटन स्थल खुल गए हैं। लोगों ने जरूरी नियमों को ताक पर रखकर बेखौफ पर्यटन- स्थलों पर जाना शुरू कर दिया है। चंडीगढ़ में भी कोरोना महामारी की दूसरी लहर की चाल धीमी पड़ गई है लेकिन अब भी प्रतिदिन संक्रमितों के मिलने का सिलसिला जारी है। सार्वजनिक स्थानों व बाजारों में लोगों के चेहरे से मास्क उतर गए हैं। सुरक्षित शारीरिक दूरी का पाठ तो लोग पूरी तरह भूल चुके हैं। ऐसे लोगों की लापरवाही ही शहर में तीसरी लहर लेकर आएगी। लोगों की लापरवाही व प्रशासनिक अधिकारियों की कम गंभीरता तीसरे लहर को जल्द आने का निमंत्रण दे रही है। सेक्टर-26 की सब्जी मंडी में सुबह व शाम अत्यधिक भीड़ उमड़ती है। सब्जी मंडी में महिलाओं, बुजुर्ग से लेकर हर आयु वर्ग के लोग खरीदारी करने आते हैं। सब्जी व फल की खरीदारी करते समय दूरी का पालन तो महामारी की त्रासदी में भी नहीं दिखा। इसके अलावा कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो टीका लगवा लेने के बाद अतिविश्वासी हो गए हैं कि अब वे कोरोना संक्रमण की चपेट में कभी नहीं आ सकते हैं। सुखना लेक पर शनिवार और रविवार को जुटने वाली भारी भीड़ इसका उदाहरण है।
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बिना मास्क मार्केट में घूमती युवतियां।
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना महामारी की दूसरी लहर की भीषण त्रासदी झेल लेने के बाद प्रशासन को भी तीसरी लहर से बचाव के लिए सतर्क रहना चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि सावधानी और सतर्कता बरतना अब भी जरूरी है, क्योंकि खतरा अभी टला नहीं है। यह समय तीसरी लहर की बड़ी तबाही आने से पहले की शांति है। बचाव के नियमों का पालन करना अब भी उतना ही जरूरी है, जितना दो-तीन महीने पहले था।
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रॉक गार्डन।
- फोटो : अमर उजाला
शहर में अभी कोरोना के सक्रिय मरीज कम है। अगर लोग मास्क लगाते रहें, वैक्सीन लगवाएं और भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें तो हालात बेकाबू होने से पहले ही संभल सकते हैं। शहरवासियों को भूलना नहीं चाहिए कि दूसरी लहर में लोगों ने क्या-क्या झेला है। स्थित यह थी कि मरीजों को अस्पतालों में बेड तक नहीं मिल पाए थे। अस्पताल व बाजार में आवश्यक दवाओं और ऑक्सीजन की कमी हो गई थी। ऑक्सीजन सिलिंडर तक नहीं मिल पा रहे थे। अब विशेषज्ञ कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जता रहे हैं। इसलिए शहर के नागरिकों को समझदारी दिखानी चाहिए और कोरोना के नियमों का पालन करना चाहिए।
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मोहाली में बिना मास्क पहने घूमते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
मोहाली में अब कोरोना का रात्रि कर्फ्यू और अन्य सभी पाबंदियां हट गई। जिसके बाद मार्केटों में गेड़ी मारने के लिए युवा काफी संख्या में पहुंच रहे हैं। यह लोग न तो मास्क पहनते हैं और न ही सुरक्षित शारीरिक दूरी का पालन कर रहे हैं। युवा हाथों में हाथ डालकर घूमते हैं। सबसे ज्यादा स्थिति खराब फेज-3बी2 और फेज-7 की मार्केट में हो रही है। रोजाना दोपहर और शाम में काफी संख्या में युवा जुट रहे हैं। समाजसेवी जगदीप सिंह ढिल्लों का कहना है कि प्रशासन को मार्केट में वालंटियर तैनात करने चाहिए। साथ ही नियम तोड़ने वालों के चालान जारी रखने चाहिए। ऐसी स्थिति में ही लोग कोरोना दिशानिर्देशों का पालन करेंगे।
वहीं पंचकूला के जनरल अस्पताल की सुबह की ओपीडी से ही कोरोना के नियमों में लापरवाही का नजारा शुरू होता है। यहां डॉक्टरों ने तो सारे मानकों को अपनाया है पर जैसे ही मरीज अस्पताल में प्रवेश करतें है तो वह अस्पताल में भीड़भाड़ का हिस्सा बन जाते हैं। अस्पताल में मास्क का प्रयोग भी कुछ लोग नहीं करते दिखाई देते हैं। पंचकूला के औद्योगिक क्षेत्र और सेक्टर-7 की मार्केट में भी हालात ऐसे ही बन चुके हैं। इसके साथ ही पंचकूला सेक्टर-15 के बरामदों में भी कोरोना काल के दौरान वाले सर्कल तो नजर आ रहे हैं पर यह सर्कल अब सिर्फ एक मार्क बनकर रह गए हैं।