फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देखिए ये महिला भारत में रहती है लेकिन भारतीय नहीं है, दिलचस्प कहानी

Wed, 14 Feb 2018 07:15 PM IST
रमेश शुक्ला सफर/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
विज्ञापन
1 of 6
नसरीन बानो
हम आपको बताने जा रहे हैं एक महिला के बारे में, जो रहती तो भारत में है, लेकिन वो भारतीय नहीं है। कहानी बड़ी दिलचस्प है खुद पढ़ लीजिए।
विज्ञापन

2 of 6
नसरीन बानो
दरअसल, पाकिस्तानी लड़की हिना के बाद अब 37 वर्षीय पाकिस्तानी महिला नसरीन भारत-पाक के बीच दोस्ती और मोहब्बत की उम्मीद लेकर आई है। नसरीन बानो अमृतसर के सेंट्रल जेल में 2016 में सजा काट चुकी थी। लेकिन दो लाख रुपयों के कारण रिहाई अटकी थी। मामला अमृतसर के अधिवक्ता नवजोत कौर चब्बा के पास पहुंचा तो उन्होंने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और पाकिस्तान के पूर्व मानवाधिकार मंत्री अंसार बर्नी को चिट्ठी लिखी।
विज्ञापन

3 of 6
एडवोकेट नवजोत कौर चब्बा
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने नसरीन को वतन वापिस भेजने के लिए जहां पाकिस्तान के विदेश मंत्री से बात की, वहीं पाकिस्तान के पूर्व मंत्री अंसार बर्नी ने भी नसरीन की रिहाई के लिए जुर्माने की रकम भारत भेजी। जुर्माने की रकम भारत सरकार के खजाने में जमा हो गई है। ऐसे में अब नसरीन की रिहाई जल्द हो सकती है। यह दावा नसरीन को पाक भेजने की मुहिम चलाने वाली एडवोकेट नवजोत कौर चब्बा ने किया है।

4 of 6
एडवोकेट नवजोत कौर चब्बा
एडवोकेट नवजोत कौर चब्बा के मुताबिक, नसरीन बानो 9 नवंबर 2016 में सजा काट चुकी है। कोर्ट ने नसरीन को जाली करंसी पाक से भारत लाने के आरोप में 11 वर्ष 10 महीने की सजा सुनाई थी और साथ में चार लाख रुपये जुर्माना भी। भारत में रहने वाले नसरीन के रिश्तेदारों ने भी उसने पल्ला झाड़ लिया। ऐसे में उसकी रिहाई चार लाख रुपयों पर टिक गई। अब वो ट्रांजिट कैंप में रह रही है और पति राशिद भी साथ है।
विज्ञापन

5 of 6
एडवोकेट नवजोत कौर चब्बा
एडवोकेट चब्बा ने बताया कि वह पाकिस्तान इसलिए नहीं जा पा रही थी, क्योंकि वह जुर्माने की चार लाख की रकम जमा नहीं करा पाई। क्योंकि पति-पत्नी दोनों को एक साथ जाली करंसी के साथ पकड़ा गया था, इसलिए दोनों के जुर्माने की रकम दो-दो लाख बनती है। वकील चब्बा ने बताया कि रिहाई के लिए फाइल पर देश के सात मंत्रालयों (पंजाब सरकार और केंद्र सरकार) के हस्ताक्षर होने हैं। एक के हस्ताक्षर हो चुके हैं, छह बाकी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
एडवोकेट नवजोत कौर चब्बा
रिहाई के बाद कदम जमीं पर होंगे और रूह जन्नत में
नसरीन बानो कहती है कि मुझे खुशी है कि मैं वतन लौटूंगी, लेकिन रिहाई के दिन का चांद मेरी जिंदगी के लिए ईद से बढ़कर होगा। उस दिन मैं शायद जमीं पर कदम रखूं, लेकिन मेरी रूह जन्नत में होगी। ऐसा नसरीन ने तब कहा जब उसे पता चला कि उसकी रिहाई के लिए जुर्माने की रकम भरी जा चुकी है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें