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आखिरी सांसें गिन रही दादी से वादा किया और रच दिया अनोखा इतिहास, मां-बाप ने भी किया सलाम

Sun, 12 Jan 2020 11:58 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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अवनीत कौर - फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रीय युवा दिवस पर हम आपको सुना रहे हैं उस बेटी की कहानी, जिसने आखिरी सांसें गिन रही दादी से एक वादा किया और फिर वो इतिहास रच दिया, जिसे आज तक कोई नहीं कर पाया। बेटी का जज्बा देखकर मां-बाप ने भी उसे सलाम किया।
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- फोटो : अमर उजाला
ये है पंजाब में अमृतसर जिले की रहने वाली अवनीत कौर, जो 14 साल 8 माह से बिना कोई छुट्टी लिए रोज स्कूल गईं और अब कॉलेज जा रही है। इस कारनामे के लिए उसका नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया और अब अवनीत ने अपना ही रिकॉर्ड तोड़कर नया रिकॉर्ड कायम किया है। अवनीत ने पिछले साल 13 साल 8 महीने लगातार स्कूल आने का रिकॉर्ड बनाया था और इस साल उसी रिकॉर्ड को तोड़ा है। अवनीत अब देश की पहली ऐसी स्टूडेंट बन गई हैं, जो पिछले 14 साल और 8 महीने के दौरान एक दिन भी स्कूल-कॉलेज से गैरहाजिर नहीं हुई है।
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- फोटो : अमर उजाला
अवनीत बताती हैं कि उसकी दादी हमेशा कहती थीं कि बेटा कभी स्कूल से छुट्टी न करना। उसने भी दादी की बात को ऐसा माना कि दादी की मौत के अगले दिन चार मई 2016 को भी वह स्कूल गई। परिस्थितियां प्रतिकूल भी क्यों न हों, अवनीत स्कूल में हाजिरी जरूर लगाती है। अवनीत का कहना है कि पिछले साल जब इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में उनका नाम दर्ज हुआ था, तभी ठान लिया था कि यह रिकॉर्ड वह किसी और को तोड़ने नहीं देगी।


 

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- फोटो : अमर उजाला
अवनीत ने बताया कि वह बस अपनी दादी की बात को मानकर जिंदगी में आगे बढ़ रही है। अवनीत वर्ल्ड रिकॉर्ड यूनिवर्सिटी लंदन, यूके से ग्रैंड मास्टर का खिताब भी जीत चुकी है। अवनीत कौर को अब ‘जीएम अवनीत कौर’ के नाम से बुलाया जाता है। 2018-2019 में भारत से 1298 लोग ही इंडिया बुक आफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करवा पाए हैं। अवनीत कौर टॉप 100 में शामिल हैं, और इस उपलब्धि के लिए सभी को अवनीत पर गर्व है।
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- फोटो : अमर उजाला
अवनीत राजपुरा की मिर्च मंडी में स्थित श्री गुरु अर्जुन देव जल सेवा सोसाइटी के प्रबंधक दातार सिंह भाटिया की दोहती है। दातार सिंह का कहना है कि उनकी दोहती उन्हें बहुत प्यार करती है। पिछला रिकॉर्ड लेने वे अपनी दोहती के साथ भोपाल गए थे। अवनीत ने अपना रिकॉर्ड जारी रखने की प्रतिज्ञा ली और उसने इसे पूरा कर दिखाया। वह अपने इस रिकॉर्ड का श्रेय माता-पिता, पिछले स्कूल के प्रिंसिपल व अब यूनिवर्सिटी स्टाफ को देती है।
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- फोटो : अमर उजाला
अवनीत ने नॉन मेडिकल से बारहवीं की है और अब उसने बीटेक में दाखिला लिया है। उसका सपना इंजीनियर बनने का है, इसलिए वह गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर से इंजीनियरिंग की डिग्री कर रही हैं। विश्वविद्यालय में प्रोफेसर रविंदर का कहना है कि विश्वविद्यालय को अवनीत पर गर्व है। पिछले साल ही उसने यहां दाखिला लिया है। आमतौर पर बच्चे छुट्टी के लिए बहाना ढूंढ़ते रहते हैं, लेकिन अवनीत ने रेगुलर आकर हमारी यूनिवर्सिटी का नाम रोशन किया है।
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