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16 टुकड़ों में बंटे 20 हजार साल पुराने दो दांत, जो कोई न कर पाया, वो इस लड़की ने कर दिखाया

Sat, 11 Jan 2020 12:11 PM IST
खुशबू गोयल नवदीप शर्मा, अमर उजाला, पठानकोट(पंजाब)
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दांतों को जोड़ने की कोशिश करती रेणू कश्यप - फोटो : अमर उजाला
20 हजार साल पुराने दो दांत 16 टुकड़ों में बंटे थे। इन्हें कई बार जोड़ने की कोशिश की गई, लेकिन जो कोई न कर पाया, वो एक लड़की ने करके दिखाया। देखिए तस्वीरें...
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दांतों को जोड़ने की कोशिश करती रेणू कश्यप - फोटो : अमर उजाला
आर्टिस्ट रेणु कश्यप ने 20 हजार साल पुराने स्टेगेडॉन गणेशा (मैमथ) के दो दांतों को रिस्टोर करके शहर का नाम रोशन कर दिया है। पेशे से मूर्तिकार रेणु को जीएसआई (जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया) जम्मू की ओर से इन दांतों को रिस्टोर करने के लिए निमंत्रण मिला था। कई दशक से पुरातत्व विभाग के पास रखे इन दांतों को वर्ष 1997 और 2004 के बीच कई बार रिस्टोर करने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी थी।
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दांतों को जोड़ने की कोशिश करती रेणू कश्यप - फोटो : अमर उजाला
इसलिए ये दोनों दांत विभाग के पास जस के तस पड़े थे, लेकिन रेणु ने इन दांतों को महज छह दिनों में जोड़ कर दिखा दिया और इन्हें नया लुक भी दे दिया। अब इन दांतों को जम्मू में नए बन रहे जीएसआई के म्यूजियम में रखा जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ी अतीत के पन्नों में गुम हो चुके विशालकाय जानवर के बारे जानकारी हासिल कर सकें। 

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दांतों को जोड़ने की कोशिश करती रेणू कश्यप - फोटो : अमर उजाला
रेणु ने बताया कि उन्होंने मैमथ के इन दांतों का नवीनीकरण जम्मू की जियोलॉजिकल डिपार्टमेंट की सर्वे लैबोरेटरी में किया। दोनों दांत 16 टुकड़ों में थे। शुरू में काम काफी जटिल लगा। क्योंकि दांतों को बिना नुकसान पहुंचाए जोड़ना असंभव सा लग रहा था। इनमें से एक दांत 7 फीट का था, जिसका वजन 90 किलो के करीब था। वहीं दूसरा दांत 8 फीट लंबा था, जिसका वजन एक क्विंटल से ज्यादा था।
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दांतों को जोड़ने की कोशिश करती रेणू कश्यप - फोटो : अमर उजाला
मास्टर्स इन विजुअल आर्ट में गोल्ड मेडलिस्ट हैं रेणु
पंजाब के पठानकोट की रहने वाली रेणु कश्यप राजपूत राजस्थान की सेंट्रल यूनिवर्सिटी से मास्टर्स इन विजुअल आर्ट में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली स्टूडेंट हैं। उन्हें दो साल पहले राजस्थान की तत्कालीन शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने गोल्ड मेडल और डिग्री देकर सम्मानित किया था। रेणु को भारत सरकार की जूनियर फैलोशिप भी मिल चुकी है। वह विदेश में भी अपनी कलाकृतियों की प्रदर्शनी लगा चुकी हैं। रेणु को उनकी उपलब्धियों के लिए जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व गवर्नर एनएन वोहरा की पत्नी ऊषा वोहरा ने 51 हजार का पुरस्कार दिया था।
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