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National Youth Day: ये युवा हैं कमाल, अपने काम से मचा रखा धमाल, एक की तो पीएम मोदी ने की तारीफ

Tue, 12 Jan 2021 10:02 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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राष्ट्रीय युवा दिवस 2021 - फोटो : अमर उजाला
दुनिया के पटल पर सर्वाधिक युवाओं के आंकड़ों की बात आती है तो भारत का नाम सबसे आगे आता है। अधिकतर युवाओं की बदौलत ही आज हमारा देश आगे बढ़ रहा है। चाहे चिकित्सा हो या फिर शिक्षा का क्षेत्र। हर जगह यही युवा अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। मंगलवार को राष्ट्रीय युवा दिवस है। इस दिवस पर युवा स्वामी विवेकानंद के आदर्शों पर चलकर देश के लिए कुछ नया और बेहतर करने का संकल्प लेते हैं। साथ ही दूसरों को भी रास्ता दिखाते हैं। यह युवा पूरी तरह से ऊर्जा से भरे हुए हैं, जिनकी मेहनत से सारा जहां रोशन हो रहा है। जानते हैं उन युवाओं के बारे में जिन्होंने कम उम्र में बड़ा धमाल किया है।
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राष्ट्रीय युवा दिवस 2021: डॉ. राजेश कुमार।
डॉ. राजेश की एंटीबायोटिक दवा कुछ अलग
पीयू के फिजिक्स विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. राजेश कुमार ने धातु व एंटीबायोटिक दवाओं को मिलाकर एक हाइब्रिड मैटीरियल तैयार किया है। इससे बनने वाली एंटीबायोटिक दवा उस दशा में भी काम करेगी जिस मरीज पर एंटीबायोटिक दवाएं काम नहीं कर रही हैं। डॉ. राजेश ने 40 की उम्र में 40 से अधिक रिसर्च पेपर लिखे हैं। वर्ष 2014 में अमेरिका के केमिकल रिव्यूज जर्नल में एक पेपर उनका प्रकाशित हुआ। उसका प्रभाव 50 फीसदी से अधिक रहा, जो काफी चर्चित रहा। उन्होंने बताया कि पर्यावरण में पाई जाने वाली गैसों को कौन-कौन से मैटीरियल जहरीला बनाते हैं। उसका निदान भी उन्होंने रिसर्च से जरिए बताया। डॉ. राजेश को यूजीसी (विश्व विद्यालय अनुदान आयोग) की ओर से फेलोशिप भी मिली है। वह मूलत: पंजाब के गुरदासपुर के रहने वाले हैं। 

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राष्ट्रीय युवा दिवस 2021: डॉ. मनी परती। - फोटो : अमर उजाला
कई विश्वविद्यालय के छात्र पढ़ रहे डॉ. मनी परती की किताबें 
एसडी कॉलेज सेक्टर- 32 में असिस्टेंट प्रोफेसर मनी परती ने कम उम्र में ही 18 किताबें लिख दी हैं। यही नहीं कई विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में यह शामिल हैं। हजारों विद्यार्थी ये किताबें पढ़कर भविष्य बना रहे हैं। इनकी किताबें रिटेल मैनेजमेंट, साइकोलॉजी फॉर मैनेजर, ब्रांड मैनजमेंट, एडवरटाइजिंग आदि विषयों से जुड़ी हैं। यह किताबें हिमाचल विश्वविद्यालय, जम्मू विश्वविद्यालय, पंजाब विश्वविद्यालय में चल रही हैं। वह कहती हैं कि कॉलेज में वह तीन साल एनएसएस कार्यक्रम की समन्वयक भी रही हैं। कहती हैं कि युवा तनाव न लें, वह सीधे चुनौतियों का सामना करें। 

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राष्ट्रीय युवा दिवस 2021: पीजीआई चंडीगढ़
कोविड में सबसे अधिक सर्जरी पीजीआई के डॉ. दिविज जयंत ने की 
पीजीआई चंडीगढ़ के सर्जरी विभाग के सीनियर रेजिडेंट डॉ. दिविज जयंत असली मायने में युवा ऊर्जा से सराबोर हैं। कोविड के दौरान जब हर तरफ लोग संक्रमण से बचाव के उपाय तलाश रहे थे, तब डॉक्टर दिविज अपनी टीम के साथ पॉजिटिव मरीजों की सर्जरी में जुटे हुए थे। इनकी ऊर्जा और मेहनत ने इन्हें पीजीआई में सबसे ज्यादा कोरोना पॉजिटिव मरीजों की सर्जरी करने माला डॉक्टर बना दिया है। कोविड के दौरान पीजीआई के कोविड-19 अस्पताल में अब तक लगभग 30 पॉजिटिव मरीजों की सर्जरी की गई है। उसमें से आधी सर्जरी करने वाली टीम का नेतृत्व डॉक्टर दिविज ने किया है। डॉ. दिविज एक अच्छे डॉक्टर होने के साथ ही संगीत के जानकार भी हैं। वे अपने गिटार की धुन पर मधुर आवाज से लोगों को मंत्रमुग्ध करने की भी काबिलियत रखते हैं।   
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राष्ट्रीय युवा दिवस 2021: तैराक चाहत अरोड़ा। - फोटो : अमर उजाला
चाहत अरोड़ा के नाम हैं कई रिकॉर्ड
तैराक चाहत अरोड़ा ने इंटरनेशनल लेवल पर पिछले साल थाईलैंड में अक्तूबर में खेली गई थाई स्वीमिंग चैंपियनशिप में 50 मीटर और 100 मीटर बैक स्ट्रोक में नए रिकॉर्ड बनाकर देश का नाम रोशन किया था। कोविड-19 के चलते जहां देशभर के स्वीमिंग पूल बंद थे, वहीं चाहत थाईलैंड में ट्रेनिंग के लिए गई थीं। इस समय चाहत बंगलुरू में भारतीय कैंप में अभ्यास कर रही हैं। यह कैंप स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से लगाया गया हैं। कैंप में देश की टॉप- 5 महिला तैराकों को जगह मिली है। चाहत भारत की टॉप- 10 महिला तैराकों की सूची में शुमार हैं।
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मनीष कौशिक। - फोटो : फाइल फोटो
मुक्केबाज मनीष कौशिक के क्या कहने.. 
एसडी कॉलेज से मुक्केबाजी के गुर सीखने के बाद मनीष कौशिक ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और 2020 टोक्यो ओलंपिंक के लिए क्वालीफाई करने में कामयाब रहे थे। मनीष कौशिक ने 60 किलो भार वर्ग में ऑस्ट्रेलिया के हैरिसन गरसिडे को हराकर क्वालीफाई किया था। इसके लिए उन्हें 2020 में अर्जुन अवार्ड से सम्मानित भी किया गया है। मनीष कौशिक मूलरूप से हरियाणा के भिवानी के देवसर गांव के रहने वाले हैं और साल 2015-2016 में चंडीगढ़ स्थित एसडी कॉलेज में बीए में एडमिशन लिया। पढ़ाई करते हुए मनीष कौशिक ने पहला इंटर कॉलेज गोल्ड मेडल जीता। इसके बाद इंटर कॉलेज में पंजाब यूनिवर्सिटी की ओर से खेलते हुए गोल्ड मेडल भी हासिल किया। 
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संदीप। - फोटो : अमर उजाला
संदीप बांट रहे हजारों बच्चों को ज्ञान
खुड्डा लाहौरा के 28 वर्षीय संदीप रद्दी से शिक्षा मुहिम के तहत जरूरतमंद विद्यार्थियों और समाज के लोगों में मुफ्त किताबें बांट रहे हैं। पिछले दो सालों में वे लगभग 10 हजार से ज्यादा किताबें गरीब विद्यार्थियों में वितरित कर चुके हैं। संदीप मोबाइल लाइब्रेरी चलाते हैं। इन्होंने टैंपो पर एक तरफ लाइब्रेरी और दूसरी तरफ सैनिटरी पैड बैंक बनाया हुआ है। पीएम नरेंद्र मोदी अपने मन की बात कार्यक्रम में संदीप की तारीफ कर चुके हैं।

संदीप ने बताया वे किताबें, स्टेशनरी और सैनेटरी पैड लोगों से एकत्रित करते हैं। इसके बाद शहर के यूनिवर्सिटी, कॉलेज, स्कूल, सेक्टरों और झुग्गियों में जाकर विद्यार्थियों को किताबें वितरित करते हैं। झुग्गियों और सरकारी स्कूल की लड़कियों को किताबों के साथ सैनेटरी पैड भी देते हैं। 25 अक्टूबर 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मन की बात में संदीप की मुहिम की प्रशंसा भी की थी। संदीप ने बताया कि कोविड- 19 के कारण अभी लोग कम किताबें ले रहे हैं। उम्मीद है कि थोड़े समय में हालात पहले से अच्छे होंगे। 
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