पंजाब पुलिस के खुफिया मुख्यालय पर हुए हमले की पहली सीसीटीवी फुटेज सामने आ गई है। यह फुटेज इतनी साफ नहीं है। हालांकि इसमें धमाके के बाद हुई तेज रोशनी व कार जाते हुए दिख रही है लेकिन किसी तरह की कोई पहचान आदि नहीं हो रही है। फुटेज करीब 38 सेकेंड की है। सूत्रों के मुताबिक हमले से ठीक पहले इस दफ्तर में उच्चाधिकारियों की बैठक हुई थी। इसके बाद एक कर्मचारी ने पिज्जा मंगवाया था। सोमवार शाम सात बजकर 40 मिनट पर डिलिवरी ब्वॉय पिज्जा देने आया था। जैसे ही वह पिज्जा लेकर इमारत में जाने लगा, तभी धमाका हुआ। साथ ही तेज रोशनी पूरे इलाके में फैल गई। डिलीवरी ब्वॉय को लगा कि एसी में ब्लास्ट हुआ है लेकिन जब कर्मचारी कमरे में पहुंचे तो वहां ग्रेनेड पड़ा था। डिलीवरी ब्वॉय से भी पूछताछ की गई है। उसने पुलिस को बताया कि मुख्यालय आते समय उसने एक कार निकलते देखी थी।
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Mohali Attack news
- फोटो : अमर उजाला
रॉकेट लांचर मिलने के बाद पुलिस अधिकारियों ने नए सिरे से जांच शुरू की। पुलिस वाले यह पता लगाने में लगे है कि रॉकेट चलती कार से चलाया गया है या फिर जमीन पर अच्छी तरह से टिकाकर इमारत को निशाना बनाया गया है।
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पुलिस को अंदेशा है कि रॉकेट लांचर को किसी जगह फिट करके निशाना लगाया गया है। इसकी जांच सेना के पूर्व अधिकारियों से करवाई तो उन्होंने उक्त जगह की पुष्टि की है। साथ ही फोरेंसिक विभाग ने सैंपल जांच के लिए लैब में भेजे हैं।
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दिल्ली पुलिस की टीम भी पहुंची
जांच के लिए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम ने भी मौके का मुआयना किया है। टीम यह समझने के लिए आई थी कि इमारत को आरपीजी के इस्तेमाल से कैसे निशाना बनाया गया। स्पेशल सेल ने पिछले दिनों आईएसआई-खालिस्तान नेटवर्क पर कई खुलासे किए थे।
यह कैसी जांच, 400 मीटर दूरी पर गिरा लांचर भी खुद नहीं तलाश पाई पुलिस
खुफिया मुख्यालय पर हुए हमले को सुलझाने के लिए सुरक्षा एजेंसियां पूरी ताकत लगाने का दावा कर रही है। हैरानी की बात यह है कि जिस लांचर से यह हमला हुआ, उसे भी पुलिसकर्मी खुद नहीं तलाश पाए। सोमवार को हमले के बाद मंगलवार को लांचर पूरा दिन घटनास्थल से 400 मीटर की दूर पड़ा रहा लेकिन इसकी तरफ किसी ने ध्यान नहीं दिया।
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सावरी
- फोटो : अमर उजाला
इसी बीच लोगों के घरों में काम करने वाली एक महिला ने रॉकेट लांचर देखकर पुलिस अधिकारियों को सूचित किया। सावरी ने बताया कि मंगलवार शाम करीब साढ़े 4 बजे भैंसों को दूध निकालकर घूमने के लिए छोड़ा था लेकिन उसके पशु सड़क की ओर जाने लगे। उनका पीछा करते समय उसने एक गड्ढे में बमनुमा कोई चीज देखी।
वह इसे देखकर डर गई और उसके मुंह से चीख निकल पड़ी। उसके चिल्लाने की आवाज को सुनकर चौक पर खड़े पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। चिल्लाने का कारण पूछा तो सावरी ने पुलिस कर्मचारियों रॉकेट लांचर दिखाया। दूसरी ओर, हमले में इस्तेमाल हुए लांचर को देख एकाएक पुलिस के आलाधिकारियों का दल मौके पर पहुंच गया।