पंजाब के मंत्री राणा गुरजीत सिंह के पूर्व रसोइया अमित बहादुर के बैंक खाते में पांच हजार रुपए से भी कम हैं, लेकिन उसने 26 करोड़ की बोली लगाकर रेत खनन का अधिकार हासिल किया है।
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rana gurjit
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी एक रिपोर्ट में इस बात का साफ जिक्र है, कि रसोइया अमित बहादुर के बैंक खाते में 5 हज़ार रुपये से भी कम राशि जमा है। शुरुआती जांच में पता चला है कि अमित बहादुर के भारतीय स्टेट बैंक के खाते में अप्रैल (2017) तक महज में 4,840 रुपए थी।
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sand
चौंकाने वाली बात है कि जिस कुक ने 26 करोड़ रुपए की बोली लगाकर रेत खदान को अपने नाम कर लिया, उसके पास पिछले तीन साल में 1 लाख रुपए तक नहीं इकट्ठा हो पाए थे। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर में कहा गया है कि 36 साल के अमित बहादुर पंजाब के ऊर्जा मंत्री राणा गुरजीत की कंपनी में रसोइया रह चुका है।
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सबसे हैरान करने वाले तथ्यों को अगर देखें तो अमित बहादुर के स्टेट बैंक अकाउंट में 1 अप्रैल को सिर्फ 4, 840 रुपये ही जमा थे। जबकि पंजाब की कैप्टन सरकार ने 19 मई को खदान का नीलामी लगाई थी, और इस नीलामी में खनन का अधिकार हासिल करने वाले अमित बहादुर को 21 और 22 मई तक सारी रकम जमा करानी थी।
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कैश
इतना ही नहीं, बहादुर की ओर से दिए गए हलफनामें में भी उसके बैंक खाते से एक साल के दौरान 18,000 से 22,000 रुपए तक की राशि रही है। खास बात यहां ये भी है कि अमित बहादुर की आय का मुख्य स्त्रोत उसकी सैलरी ही रही, जोकि 8 मार्च के मुताबिक सिर्फ 11, 706 रुपए है। बताया जाता है कि इस विवाद के बाद यूपी के मुरादाबाद के रहने वाले अमित बहादुर ने पूरे मामले से दूरी बना रखी है।
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सबसे दिलचस्प बात यह है 11 हजार कमाने वाले अमित ने 21 मई 2017 को 26.51 करोड़ की बोली लगाकर रेत खनन का टेंडर हासिल कर लिया. राजधानी चंडीगढ़ से करीब 100 किलोमीटर दूर नवानशहर के शादीपुर खुर्द के इस टेंडर के तहत अमित ने पहली किस्त के रूप में 13.23 करोड़ रुपए जमा कराए।
हांलाकि इस पूरे विवाद पर राणा गुरजीत अपना पक्ष रखते हुए खुद मामले को खारिज करते आ रहे हैं। ऊर्जा मंत्री राणा गुरजीत सिंह पंजाब सरकार के सबसे अमीर विधायक हैं. विधाानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने 169 करोड़ रुपए की संपत्ति की घोषणा की थी।