डोपिंग टेस्ट में पॉजीटिव पाए गए एथलीट गायब हो गए हैं। उनके कोच भी नहीं मिल रहे हैं। डोप टेस्ट में फेल होने के बाद इन्हें रियो जाने से रोका गया था। जानिए क्या है मामला?
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हरियाणा जिले के भारतीय धावक धर्मबीर सिंह का प्रोफाइल
- फोटो : फाइल फोटो
रोहतक जिले के अजायब गांव निवासी एथलीट धर्मबीर आज रियो ओलंपिक के डोपिंग टेस्ट में फेल हो गए। उन्हें एयरपोर्ट पर ही रियो जाने से रोक दिया गया था। उसके बाद से धर्मबीर गायब हैं। उनका कोई अता पता नहीं है। उनका मोबाइल भी मंगलवार को आउट ऑफ कवरेज एरिया हो गया था। इसके बाद से उनकी किसी से बात नहीं हो पा रही है।
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स्प्रिंटर धर्मबीर सिंह
- फोटो : फाइल फोटो
धर्मबीर रोजाना एमडीयू और राजीव गांधी स्टेडियम के ग्राउंड में रियो ओलंपिक के लिए प्रेक्टिस करते थे, लेकिन डोप टेस्ट में फेल होने के बाद से वे नहीं दिखे। धर्मबीर के करीबी माने जाने वाले लोग भी उनके बारे में कोई जानकारी नहीं दे प रहे हैं। हालांकि यह जरूर कहा जा रहा है कि धर्मबीर इस मामले में नाडा में अपील करेंगे और बी सैंपल की जांच करवाएंगे।
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स्प्रिंटर धर्मबीर सिंह
- फोटो : फाइल फोटो
धर्मबीर रोहतक शहर में जहां रहते है, वहां भी वह नहीं मिल सके तो उनके गांव अजायब में परिजनों को उनकी कोई जानकारी नहीं है। धर्मबीर के कोच डा. रमेश सिंधु भी नहीं मिल रहे हैं और उनका मोबाइल भी स्विच ऑफ आ रहा है। उनसे बातचीत करने के लिए भी संवाददाता घर पहुंचे, लेकिन वहां भी वे नहीं मिल सके।
बता दें कि धर्मबीर सिंह ने देश को 36 साल बाद 200 मीटर दौड़ में ओलंपिक का टिकट दिलाया था। रियो में उन्हें जमैका के उसैन बोल्ट के साथ दौड़ना था। धर्मबीर सिंह ने 2015 में एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह का 21.6 सेकेंड का 200 मीटर का रिकॉर्ड 20.7 सेकेंड में तोड़ा था। लंदन ओलंपिक में उसैन बोल्ट ने 200 मीटर को 19.32 सेकेंड में पूरा करके गोल्ड जीता था।