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शहीद को अंतिम विदाई: पिता और भाई ने किया सैल्यूट, चेहरा देख बहन हुई बेहोश, फोन पर कही थी ये आखिरी बात

Mon, 18 Apr 2022 01:05 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा)
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शहीद निशान सिंह को अंतिम विदाई। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कश्मीर के अनंतनाग में शनिवार को आतंकवादियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए सिरसा के गांव भावदीन के जवान निशान सिंह का पार्थिव शरीर रविवार को उनके पैतृक गांव लाया गया। शहीद निशान सिंह का तिरंगे में लिपटा हुआ शव उनके पैतृक गांव पहुंचा तो क्षेत्र वासियों ने जय जवान के नारे के साथ शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके शव पर फूलों की वर्षा की और नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया।
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शहीद निशान सिंह - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गौरतलब है कि भावदीन के सेवा सिंह के 26 वर्षीय पुत्र शहीद निशान सिंह 26 जून 2013 को आर्मी में भर्ती हुए थे और दो महीने पहले ही फतेहाबाद के मड़गंधान निवासी रमनदीप से उनकी शादी हुई थी। निशान सिंह 19 राइफल्स के जवान थे और दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में तैनात थे। शनिवार को मुठभेड़ के दौरान निशान सिंह आतंकवादियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए।
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अंतिम विदाई में पहुंचे लोग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बेटे के शहीद होने की सूचना मिलते ही परिवार के साथ-साथ गांव में मातम का माहौल बन गया। हजारों की संख्या में लोग शहीद जवान निशान सिंह की अंतिम विदाई में शामिल हुए। इस दौरान जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम जयवीर यादव, डीएसपी साधु राम, एसएचओ डिंग कश्मीरी लाल सहित अन्य लोगों ने शहीद निशान सिंह को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

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उमड़ा जनसैलाब। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पिता और भाई ने किया सैल्यूट, बहन बोली- पूत तू क्यों चला गया
उनका पार्थिव शरीर रविवार दोपहर बाद ढ़ाई बजे गांव में पहुंचा। अंतिम संस्कार के समय सेना के जवानों ने सलामी दी। वहीं पिता और भाई ने भी बेटे निशान सिंह को सैल्यूट किया। इस दौरान बड़ी बहन ने जब शहीद भाई का चेहरा देखा तो बोली पूत तू क्यो चला गया। इसी दौरान वह चक्कर खाकर गिर गई और बेहोश हो गई। 
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- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पिता ने कहा कि उसकी दो दिन पहले ही बेटे निशान सिंह से बात हुई थी। वह कह रहा था की गेहूं खरीदकर घर में रख ले और वह पैसे ऑनलाइन भेज देगा। वहीं उन्होंने कहा कि दोपहर के समय भी निशान सिंह की घर पर बात हुई थी। बहनों और उसकी मां ने ही उनके साथ बात की। वहीं उसके भाई खजान सिंह ने कहा की कब तक बेटे इस तरह से शहीद होते रहेंगे। सरकार को इस तरफ ध्यान देना चाहिए।
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