फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तस्वीरें: कभी बस स्टैंड पर थी दुकान, ऐसे बना करोड़पति, अब तंगी में खत्म किया पूरा परिवार

Fri, 23 Oct 2020 06:53 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बठिंडा (पंजाब)
विज्ञापन
1 of 5
मृतक परिवार का फाइल फोटो।
बठिंडा की ग्रीन सिटी कालोनी में ट्रेडर दविंदर गर्ग के अपनी पत्नी और दो बच्चों की गोली मारकर हत्या कर खुदकुशी करने के मामले में थाना कैंट पुलिस ने नौ लोगों के खिलाफ धारा 306 एवं 302 के तहत केस दर्ज किया है। इनमें एक कांग्रेसी कार्यकर्ता और एक महिला भी शामिल है। पुलिस ने मृतक के भाई अश्वनी गर्ग निवासी बठिंडा के बयान पर आरोपी मनजिंदर सिंह धालीवाल, राजू कोहनूर, महिला अमन कोहनूर, बब्बू कालड़ा, कांग्रेसी कार्यकर्ता संजय जिंदल निवासी बठिंडा, परवीन बंसल, अभिषेक जौहरी, अशोक कुमार निवासी रामामंडी और मनी बंसल के खिलाफ हत्या और खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप में केस दर्ज किया है। थाना कैंट के सब इंस्पेक्टर गुरमीत सिंह ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों अशोक कुमार, परवीन बंसल, मनजिंदर सिंह धालीवाल और मनी बंसल को गिरफ्तार कर लिया है। 
 
विज्ञापन

2 of 5
घर के बाहर जमा लोगो की भीड़
दविंदर ने एक छोटी सी दुकान से की थी शुरुआत 
दविंदर गर्ग ने जैसे पैसा कमाया वैसे ही गंवाया। दविंदर अपने भाई अश्वनी गर्ग के साथ दो दशक पहले नए बस स्टैंड के पास एक दुकान चलाता था। इसी दौरान उसने खजाना डाट काम कंपनी में ट्रेडिंग का काम किया, जिससे उसे लाखों का मुनाफा हुआ। इसके बाद दविंदर ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और ट्रेडिंग कंपनियों में पैसे निवेश कर लाखों की कमाई करता रहा। सूत्रों के अनुसार, कुछ वर्ष पहले क्राउन नामक एक चिटफंड कंपनी ने जब पंजाब में अपने पैर पसारे तो दविंदर गर्ग ने उसमें अपनी अच्छी खासी हिस्सेदारी बना ली थी।
विज्ञापन

3 of 5
मां और बेटा-बेटी। - फोटो : अमर उजाला
कुछ समय बाद जब उसका कंपनी के बाकी हिस्सेदारों के साथ मनमुटाव हुआ तो उसने अपना करोड़ों का हिस्सा अलग कर लिया था। इसके बाद दविंदर ने अपनी ही बिटक्वाइन कंपनी की ट्रेडिंग करनी शुरू कर दी थी। इस कांड में पुलिस ने जिन आरोपियों को नामजद किया है, उन्होंने दविंदर की कंपनी में मोटा पैसा निवेश कर रखा था। यही पैसा अब वे दविंदर से वापस मांग रहे थे। 

4 of 5
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कोरोना के कारण व्यापार में मंदी के चलते दविंदर के आर्थिक हालात बदतर हो गए तो वह पंचवटी नगर में अपनी आलीशान कोठी छोड़कर ग्रीन सिटी में किराये की कोठी में परिवार के साथ रहने लगा था। इससे दविंदर परेशान रहने लगा था। गुरुवार दोपहर करीब चार बजे उसने अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से पहले अपनी पत्नी और दोनों बच्चों की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद अपनी कनपटी पर गोली मारकर खुदकुशी कर ली।   
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आरोपी अपने रसूख की धौंस दिखाते थे : भाई  
मृतक के भाई अश्वनी गर्ग ने पुलिस को बताया कि उसके भाई के पास से जो तीन पेज का खुदकुशी नोट मिला है, उसमें उसने अपने हाथों से लिखा था कि कांग्रेस कार्यकर्ता संजय जिंदल, अशोक कुमार और मनी बंसल उसे अपने रसूख की धौंस दिखाते थे। इसी कारण अब वह परिवार को मारकर खुदकुशी करने का कदम उठा रहा है। मृतक के भाई ने बताया कि राजू कोहनूर और अमन कोहनूर दोनों उसके भाई दविंदर के साथ ट्रेडिंग का काम करते थे। उन्होंने पैसे अपने पास रख लिए और कर्ज उसके भाई के सिर मढ़ दिया था। अश्वनी गर्ग ने बताया कि दविंदर के दोनों बच्चे पढ़ाई में बहुत होशियार थे और दोनों ही 90 फीसदी से ज्यादा अंक प्राप्त करते थे। दविंदर का बेटा आरुष 10वीं और बेटी मुस्कान 5वीं कक्षा में पढ़ती थी। दविंदर अपने दोनों बच्चों को बड़ा अधिकारी बनाने का सपना देखता था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें