चंडीगढ़ स्थित गुरुद्वारा साहिब में लगा पेड़।
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गुरुद्वारा साहिब के प्रधान तारा सिंह ने बताया कि जब सैनिक अपने वतन लौट रहे थे, तभी अंग्रेज ने गांव के निवासी हवलदार शमशेर सिंह को गुरुग्रंथ साहिब का स्वरूप भेंट किया था। पहले स्वरूप को धर्मशाला में स्थापित किया गया। उसके बाद गुरुद्वारा साहिब का निर्माण किया गया। विदेशी धरती में बहादुरी की मिसाल पेश करने वालों में शाहपुर गांव के सैनिक हवलदार शमशेर सिंह, लखा सिंह, सूबेदार हजारा सिंह, सरदारा सिंह, बखतौर सिंह, लछमन सिंह, धर्म सिंह, कर्म सिंह, गुरनाम सिंह, गुरदियाल सिंह शामिल थे। हालांकि अब यहां इन लोगों का कोई वंशज नहीं रहता।