सिद्धू मूसेवाला
- फोटो : इंस्टाग्राम: sidhu_moosewala
यह है जिंदगी का आखिरी गीत
ओह चौबर दे चेहरे उत्ते नूर दसदां नी, एहदा उठेगा जवानी विच जनाजा मिठ्ठिये...यह गीत सिद्धू मूसेवाला ने वाजिर रैपर के साथ मिलकर 15 मई को रिलीज किया था, शायद उन्हें पता नहीं था कि यह उनकी जिंदगी का आखिरी गीत है और इसी गीत के बोल सच होने वाले हैं। महज, दो सप्ताह बाद ही सिद्धू मूसेवाला की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। सिद्धू ने यह गीत खुद पर ही गाया था।