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करनाल महापंचायत: इन मांगों को लेकर किसान व हरियाणा सरकार आमने-सामने, तस्वीरों में देखें मार्च

Tue, 07 Sep 2021 07:08 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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करनाल में किसानों की महापंचायत। - फोटो : एएनआई
हरियाणा के करनाल में 28 मार्च को लाठीचार्ज के विरोध में किसानों ने महापंचायत का आयोजन किया। इसके बाद बड़ी संख्या में किसानों ने लघु सचिवालय की ओर मार्च किया। जगह-जगह भारी पुलिस बल तैनात है। लघु सचिवालय के बाहर भी सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है। राकेश टिकैत, योगेंद्र यादव और गुरनाम सिंह चढूनी समेत तमाम किसान नेता करनाल में मौजूद हैं। हरियाणा सरकार ने करनाल समेत पांच जिलों में मंगलवार को इंटरनेट सेवा बंद कर दी है। करनाल में सीआरपीएफ, बीएसएफ और आरपीएफ सहित कुल 40 कंपनियां तैनात की गईं हैं। साथ ही छह आईपीएस और 25 डीएसपी को सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। किसान नेता अपनी मांगें मनवाने पर अड़ गए हैं। ऐसे में अगर सरकार ने किसानों की मांगों को नहीं माना तो करनाल में किसान लंबे समय तक डेरा जमा सकते हैं।  आइए जानते हैं उन मांगों को, जिनकी वजह से हरियाणा सरकार और किसानों के बीच आमने-सामने की स्थिति बन गई है। 
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करनाल में तैनात सुरक्षाबल। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
महापंचायत के बाद किसानों का मार्च
करनाल की अनाज मंडी में महापंचायत के बाद किसानों ने लघु सचिवालय कूच किया। बड़ी संख्या में किसान सचिवालय की ओर बढ़ रहे हैं। भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच किसान राकेश टिकैत, योगेंद्र यादव और गुरनाम सिंह चढूनी के नेतृत्व में लघु सचिवालय का घेराव करेंगे। किसानों ने बैरिकेड को पार कर आगे की ओर बढ़ना शुरू कर दिया। 
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लघु सचिवालय की ओर किसानों ने किया मार्च। - फोटो : एएनआई
ये हैं किसानों की मांग
28 अगस्त को करनाल के बसताड़ा टोल पर जमा किसानों पर लाठीचार्ज हुआ था। लाठीचार्ज में जख्मी एक किसान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। किसानों ने 25 लाख रुपये और सरकारी नौकरी की मांग सरकार से की। वहीं घायलों के लिए भी दो-दो लाख रुपये दिए जाने की मांग है। लाठीचार्ज के दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग। 

प्रशासन भी अड़ा

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किसानों की महापंचायत। - फोटो : अमर उजाला
करनाल के डीएम निशांत कुमार यादव ने कहा कि हमने किसानों के साथ बातचीत की। उनकी मांग जायज नहीं थी। कानून का उल्लंघन करने वालों को कोई मुआवजा नहीं दिया जाएगा और हमारे अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। हम उन्हें राजमार्ग अवरूद्ध और मिनी सचिवालय का घेराव नहीं करने देंगे। सोमवार के बाद मंगलवार को भी किसानों और प्रशासन के बीच बैठक हुई लेकिन ये सभी बैठकें बेनतीजा रहीं। इसके बाद ही किसानों ने लघु सचिवालय की ओर मार्च किया। 
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किसान मार्च। - फोटो : एएनआई
कुरुक्षेत्र, जींद, पानीपत और कैथल में भी इंटरनेट बंद
करनाल में किसानों की महापंचायत में उपद्रव की आशंका को देखते हुए सरकार ने कुरुक्षेत्र, जींद, पानीपत और कैथल में भी सात सितंबर रात 11: 59 बजे तक इंटरनेट सेवाएं बंद करने का निर्णय लिया है। सीआईडी के एडीजीपी ने सरकार को बताया है कि किसानों के प्रदर्शन के दौरान करनाल व आसपास के जिलों में स्थिति बिगड़ सकती है, इसलिए विशेष एहतियात बरतने की जरूरत है।
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