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राहुल-रावत के सामने कैप्टन को सिद्धू ने सुनाई खरी-खरी, रोकने आए मंत्री से बोले- अब तक बैठा रखा था

Sun, 04 Oct 2020 08:37 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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लंबे समय के बाद नवजोत सिंह सिद्धू कांग्रेस के किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में नजर आए। इस्तीफे के बाद यह पहला मौका है जब राहुल गांधी संग पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू एक मंच पर दिखे। भले ही राजनीतिक दूरियां पटती दिख रहीं हो लेकिन पंजाब सरकार से सिद्धू के सवाल अभी बाकी हैं। राहुल गांधी के मंच से नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने चिर-परचित अंदाज में किसानों का समर्थन किया तो वहीं पंजाब सरकार से भी विकल्प पूछ डाले। इस दौरान नवजोत सिंह सिद्धू ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी की तारीफ भी की और उनका धन्यवाद किया।
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'सत्र बुलाओ और अपने कानून बनाओ'
नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि मैं राहुल गांधी और सोनिया गांधी का धन्यवाद करता हूं। क्योंकि संविधान के अनुच्छेद 254 के तहत सोनिया गांधी ने सभी मुख्यमंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि इन कानूनों के खिलाफ विधासभा सत्र बुलाओ और वहां इन कानूनों को रद्द कर पंजाब का कानून बनाओ। किसानों को एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) दो। इन कानूनों को पास कर भेजना हमारी जिम्मेदारी है। किसानों की पगड़ी का भी सवाल है। सरकारिया आयोग कहता है कि केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 249 दिया है। कोई भी राज्य इस पर कानून बना सकता है। लड़िए और राज्य के कानून की बात कीजिए।

 रैली में पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने राहुल गांधी और हरीश रावत के सामने मंच से कैप्टन अमरिंदर सिंह को खरी-खरी सुनाई। कहा कि अगर केंद्र सरकार किसानों को एमएसपी नहीं देता है तो पंजाब सरकार को देना चाहिए। हालांकि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने भाषण में सिद्धू की इस बात का कोई उत्तर नहीं दिया और न ही इसका कोई जिक्र किया।
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सिद्धू ने पूछा- हम क्या करेंगे?
नवजोत सिद्धू ने मंच से कहा कि अगर केंद्र सरकार यह कानून वापस नहीं लेती है तो हम क्या करेंगे। सिद्धू का यहां कहना था कि पंजाब सरकार क्या कर सकती है। आगे सवाल पूछते हुए सिद्धू ने कहा कि जब दूध पर एमएसपी दे सकते हो और हिमाचल सरकार सेब पर दे सकती है तो किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य क्यों नहीं दिया जा सकता है। पंजाब सरकार जिम्मेदारी ले और हल दे। सरकार दिखाने के लिए नहीं होती हैं। सरकार हल देने के लिए होती हैं।

सिद्धू ने आगे कहा कि सबसे पहले एमएसपी, सरकारी खरीद और खाद्य सुरक्षा कांग्रेस ने दी थी तो पंजाब सरकार भी एमएसपी और भंडारण की क्षमता दे और अपने पैर में खड़ी हो। बस में अगर जाओ तो उसमें भी लिखा होता है कि सवारी अपने सामान की सुरक्षा स्वयं करें। जागरूक तरीके से अपनी लड़ाई लड़िए।

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'हम जो खाते हैं, वह पंजाब में उगाए'
नवजोत सिद्धू ने कहा कि पंजाब सरकार सैकड़ों करोड़ की दालें बाहर से आयात करती है। क्यों न हम उगा सके, क्यों न हम तिलहन पर एमएसपी दे सके। किसान गेहूं और धान उगाता है, क्योंकि उसे इस पर न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलता है। यही वजह है कि किसान कृषि में विविधता को नहीं अपना सका। लेकिन आज यह मौका है कि हम तिलहन उगा सकते हैं। हम दालें उगा सकते हैं। इतना ही नहीं अपने पैरों पर खुद खड़े हो सकते हैं। सिद्धू ने किसानों से सहकारी समितियां भी बनाने को कहा। 

सिद्धू ने कहा कि पंजाब दाल और तिलहन को आयात करता है। यहां का किसान उसे क्यों नहीं पैदा कर सकता। उन्होंने कहा कि पंजाब व देश को हरित क्रांति चाहिए थी। पंजाब देश का अन्नदाता बना। लेकिन आज पंजाब के किसानों पर मार पड़ रही है। केंद्र सरकार पंजाब के किसानों को मारने पर तुली है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने कृषि कानून संसद में बिना किसी बहस के पारित किए हैं।
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राहुल गांधी।
'पंजाब सरकार दे एमएसपी'
सिद्धू ने आगे कहा कि सबसे पहले एमएसपी, सरकारी खरीद और खाद्य सुरक्षा कांग्रेस ने दी थी तो पंजाब सरकार भी एमएसपी और भंडारण की क्षमता दे और अपने पैर में खड़ी हो। बस में अगर जाओ तो उसमें भी लिखा होता है कि सवारी अपने सामान की सुरक्षा स्वयं करें। जागरुक तरीके से अपनी लड़ाई लड़िए। अंत में नवजोत सिंह सिद्धू ने राहुल गांधी, सुनील जाखड़, हरीश रावत और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का अभिनंदन भी किया।

 
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सिद्धू के भाषण के दौरान पहुंचे मंत्री। - फोटो : youtube/Indian National Congress
रंधावा से बोले, पाहजी आज मत रोको
भाषण के दौरान जब पंजाब के कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने सिद्धू के सामने पोडियम पर कागज का टुकड़ा रखा तो नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि पाजी आज मत रोको। आपको इशारा ही बहुत है। इसके बाद सिद्धू ने कहा कि पहले ही बैठा रखा था।

न नजरें मिलीं, न दिल
किसी समय कैप्टन अमरिंदर सिंह को अपना डैडी कहकर पांव को हाथ लगाने वाले नवजोत सिंह सिद्धू का रविवार को कैप्टन से कई बार आमना-सामना हुआ। दोनों ने न तो नजरें मिलाईं और न ही दिल। दोनों में दुआ सलाम भी नहीं हुई। सिद्धू ने तो अपने भाषण में पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह का नाम लिया, लेकिन कैप्टन ने अपने भाषण में सिद्धू का जिक्र तक नहीं किया।
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पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत
रावत ने सिद्धू को पूरी तरजीह दी
सिद्धू पंजाब प्रभारी हरीश रावत को साथ लेकर बधनी कला में पंडाल में पहुंचे तो श्रोताओं ने तालियां बजाकर खुशी जाहिर की। हरीश रावत ने सिद्धू को सोमवार को पूरी तरजीह दी। उन्होंने न केवल सिद्धू को अग्रिम पंक्ति में बिठाया, बल्कि कई बार अपनी कुर्सी भी खाली कर दी। इतना ही नहीं, चक्कर गांव में सिद्धू को पहली पंक्ति में बैठाकर रावत खुद सिद्धू की पिछली कतार में बैठे।  हरीश रावत ने पूरा वक्त सिद्धू को अपने साथ रखा और खुद उन्हें अपने साथ ट्रैक्टर पर बैठाकर रैली में शरीक हुए।  वहीं, सांसद रवनीत सिंह बिट्टू, जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने भी सिद्धू की शान में कसीदे पढ़े और कहा कि जब सिद्धू बोलता है तो जोश बढ़ जाता है।
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