'हम जो खाते हैं, वह पंजाब में उगाए'
नवजोत सिद्धू ने कहा कि पंजाब सरकार सैकड़ों करोड़ की दालें बाहर से आयात करती है। क्यों न हम उगा सके, क्यों न हम तिलहन पर एमएसपी दे सके। किसान गेहूं और धान उगाता है, क्योंकि उसे इस पर न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलता है। यही वजह है कि किसान कृषि में विविधता को नहीं अपना सका। लेकिन आज यह मौका है कि हम तिलहन उगा सकते हैं। हम दालें उगा सकते हैं। इतना ही नहीं अपने पैरों पर खुद खड़े हो सकते हैं। सिद्धू ने किसानों से सहकारी समितियां भी बनाने को कहा।
सिद्धू ने कहा कि पंजाब दाल और तिलहन को आयात करता है। यहां का किसान उसे क्यों नहीं पैदा कर सकता। उन्होंने कहा कि पंजाब व देश को हरित क्रांति चाहिए थी। पंजाब देश का अन्नदाता बना। लेकिन आज पंजाब के किसानों पर मार पड़ रही है। केंद्र सरकार पंजाब के किसानों को मारने पर तुली है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने कृषि कानून संसद में बिना किसी बहस के पारित किए हैं।