चंडीगढ़ पीजीआई के संवेदनहीन रवैये से खफा जूनियर डॉक्टर शुक्रवार को पांच घंटे हड़ताल पर रहे। इससे मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। ये है मुख्य कारण, देखिए तस्वीरें
विज्ञापन
मरीजों को बिना इलाज वापस लौटना पड़ा
2 of 6
PGI Strike Dr Dhanshri Death Case
- फोटो : amar ujala
हिट एंड रन में हुई डॉ. धनश्री की मौत के मामले में चंडीगढ़ पीजीआई के संवेदनहीन रवैये से खफा जूनियर डॉक्टर शुक्रवार को पांच घंटे हड़ताल पर रहे। इससे मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। करीब पांच हजार मरीजों को बिना इलाज वापस लौटना पड़ा। मरीजों को ओपीडी के गेट से लौटा दिया गया। गेट पर खड़े सिक्योरिटी गार्ड मरीजों को यह कहकर लौटा रहे थे कि डॉक्टर हड़ताल पर हैं। इलाज नहीं होगा। रजिस्ट्रेशन काउंटर पर अफरा-तफरी का माहौल रहा। इस दौरान सिक्योरिटी गार्ड और मरीजों के बीच बहस भी हुई। नौबत हाथापाई तक पहुंच गई। इससे मरीजों के साथ आए परिजनों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
मरीज पंजाब, हरियाणा व यूपी के दूर-दराज इलाकों से आए थे
3 of 6
PGI Strike Dr Dhanshri Death Case
- फोटो : amar ujala
सबसे ज्यादा दिक्कत उन मरीजों को हुई जो पंजाब, हरियाणा व यूपी के दूर-दराज इलाकों से आए थे। कोई सुबह चार बजे घर से निकला था तो कोई तीन बजे। पानीपत से आई सुशीला ने बताया कि वह मां को लेकर आई हैं। वीरवार को इंटरनल मेडिसिन में दिखाया तो वहां से इंडोक्राइनोलॉजी डिपार्टमेंट में रेफर कर दिया। शुक्रवार को पहुंचे तो हड़ताल के कारण वापस लौटना पड़ा। लगातार दूसरे दिन भी उन्हें इलाज नहीं मिला। पंजाब के होशियारपुर से आए सोनू ने बताया कि वह घर से तीन बजे निकला था। सुबह साढ़े सात बजे पीजीआई की कार्ड बनाने वाली लाइन में लग गया। कुछ देर बाद बताया गया कि डॉक्टर हड़ताल पर हैं, इलाज नहीं होगा। सोनू को लाइन से हटा दिया और बाहर जाने को कहा। सोनू का कहना था कि अगर हड़ताल थी तो पहले से बताना था। इससे परेशानी तो नहीं उठानी पड़ती।
हालात काबू करने में नाकाम रहा पीजीआई
4 of 6
PGI Strike Dr Dhanshri Death Case
- फोटो : amar ujala
रेजिडेंट की हड़ताल और उसके बाद मरीजों पर टूटी आफत को संभालने में पीजीआई पूरी तरह से नाकाम रहा। वीरवार रात तक रेजिडेंट और पीजीआई प्रशासन के बीच कई बार बातचीत हुई। लेकिन सीनियर डॉक्टर और अधिकारी उनकी रणनीति को भांप नहीं पाए। रात को उन्होंने कहा कि वह सिर्फ एक घंटे की शोक सभा करेंगे। सुबह पांच घंटे हड़ताल की घोषणा कर दी। ओपीडी में फैली अफरातफरी को भी संभालने में पीजीआई ने कोई कदम नहीं उठाया गया। सिक्योरिटी गार्ड खुद से मरीजों को कह रहे थे कि हड़ताल है। डॉक्टर इलाज नहीं करेंगे।
विज्ञापन
इसलिए की हड़ताल, मानी मांगें
5 of 6
PGI Strike Dr Dhanshri Death Case
- फोटो : amar ujala
हड़ताल के बाद पीजीआई ने रेजिडेंट डॉक्टरों की सभी मांगें मान लीं। पीजीआई ने कहा है कि अगर किसी पेशेंट के साथ कोई अनहोनी होती है तो उसके लिए पीजीआई एंबलेंस उपलब्ध करवाएगा। जरूरत पड़ी तो एयरलिफ्ट भी करवाएगा। सभी रेजिडेंट डॉक्टरों का ग्रुप इंश्योरेंस होगा। बाहर सेंटरों में जाने वाले डॉक्टरों को ट्रांसपोर्ट उपलब्ध करवाएगा। डॉक्टरों के साथ अनहोनी होने पर उन्हें मुआवजा भी दिया जाएगा।
PGI Strike Dr Dhanshri Death Case
- फोटो : amar ujala
पीजीआई की डॉक्टर धनश्री की नारायणगढ़ के पास हिट एंड रन में उनकी मौत हो गई थी। धनश्री मूल रूप से अजमेर की थीं। जब उनके शव को अजमेर ले जाने की बात आई तो पीजीआई की ओर से कोई भी वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया। रेजिडेंट डॉक्टरों ने प्राइवेट गाड़ी की और शव को अजमेर भिजवाया। रेजिडेंट डॉक्टर इस बात से खफा थे कि पीजीआई ने अपने डॉक्टर के लिए एंबुलेंस क्यों नहीं उपलब्ध कराई। साथ ही दो दिन बाद क्यों शोक जताया।