हरियाणा में 11 महीने बाद रविवार को फिर से जाट आरक्षण आंदोलन शुरू हो रहा है, लेकिन इस बार धरने से निपटने के लिए सरकार ने तैयारी पूरी कर ली है।
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Jat Reservation Protest
हरियाणा के 19 जिलों में रविवार से आरक्षण की मांग को लेकर जाट संगठनों के बेमियादी धरने से निपटने के लिए सरकार ने तैयारी पूरी कर ली है। उधर, जाट संगठन भी सात सूत्रीय मांग को लेकर धरने के फैसले पर डटे हैं। संवेदनशील जिलों में धारा 144 लगा दी गई है, जबकि आगामी दो दिनों के दौरान संवेदनशील जिलों में सुरक्षा कर्मी फ्लैग मार्च भी करेंगे।
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गृह सचिव राम निवास के मुताबिक प्रदेश में अब तक पैरा मिलिट्री की 37 कंपनियां तैनात कर दी गई हैं और 20 अतिरिक्त कंपनियां केंद्र से मांगी गई हैं। पिछले साल के जाट आंदोलन को देखते हुए सभी संवेदनशील गांवों की पंचायतों, ग्रामीणों, स्वयंसेवी संगठनों के अलावा आम लोगों से शांति की अपील की है। राम निवास ने बताया कि मूनक नहर के आसपास रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के अलावा पुलिस जवान तैनात हैं। हालात पर नजर रखने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट की भी तैनाती की जा चुकी है। नेशनल हाईवे को सेक्टर और जोन में बांटकर अधिकारियों को सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
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जाटों का प्रस्तावित धरना शांतिपूर्ण होगा, ऐसा संगठनों ने भी भरोसा दिया है। बावजूद इसके किसी तरह की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। सुरक्षा में पुलिस, पैरा मिलिट्री, आरएएफ, पुलिस के अलावा 7000 होमगार्ड के वॉलंटियर भी तैनात किए गए हैं। गृह सचिव ने बताया कि पिछले साल आंदोलन से प्रभावित हुए जिलों पर खास नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी अनहोनी को रोका जा सके। इसके लिए संवेदनशील गांवों में जाकर मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी बातचीत कर रहे है, जबकि पंचायतों ने भी माहौल खराब नहीं होने देने में सहयोग का भरोसा दिया है।
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मूनक नहर की सुरक्षा के लिए सरकार संवेदनशील
पिछले साल आरक्षण आंदोलन के दौरान मूनक नहर को उपद्रवियों ने क्षतिग्रस्त कर दिया था, जिससे दिल्ली और हरियाणा में पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई थी। गृह सचिव ने बताया कि मूनक नहर की सुरक्षा के लिए तमाम तैयारियां की जा चुकी हैं। यहां पुलिस बूथ बनाए गए हैं, जबकि लगातार पेट्रॉलिंग भी की जा रही है। लाइसेंसी हथियार जमा करवाए गए हैं, जबकि प्रदेशभर में सुरक्षा कायम रखने के लिए शनिवार को डीजीपी ने बैठक के बाद संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश दे दिए हैं।
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तोड़फोड़ की आयोजकों से होगी रिकवरी
गृह सचिव ने बताया कि सभी जिला प्रशासन को सूचना दे दी गई है कि आयोजकों की प्रॉपर्टी का ब्योरा रखें। अगर धरने के दौरान किसी तरह की तोड़फोड़ होती है और सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान होता है तो आंदोलनकारी संगठनों से इसकी वसूली की जाएगी। इसके लिए व्यक्तिगत तौर पर भी संगठन या व्यक्ति जिम्मेवार होंगे। पिछले साल आंदोलन में हुए नुकसान की रिकवरी के लिए गठित जस्टिस केसी पुरी कमीशन की रिपोर्ट के बाद इसके लिए जिम्मेवार लेागों से रिकवरी की जाएगी।
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घटना की नहीं होगी पुनरावृत्ति
गृह सचिव ने बताया कि धरने का नेतृत्व करने वालों की डिटेल तैयार की जा चुकी है। शांति भंग करने वालों से निपटने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है। किसी भी हालात में घटना की पुनरावृत्ति नहीं होने देंगे। कानून-व्यवस्था नहीं बिगड़ने दी जाएगी। संवेदनशील जिलों में उन लोगों के लाइसेंसी हथियार जमा
अपनी मांगों को लेकर 29 जनवरी से प्रदेश के 19 जिलों में धरने पर बैठेंगे। इसके लिए सभी को निर्देश दिए गए हैं।
यशपाल मलिक, अध्यक्ष, अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति
तैयार किए जा रहे हैं वीडियो क्लिप
हालात पर नजर रखने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट वीडियो क्लिप तैयार कर रहे हैं, जबकि आमजन से भी अपील की गई है कि किसी भी विपरीत परिस्थिति में वीडियो क्लिप भेजे जा सकते हैं। क्लिप भेजने वालों का नाम गुप्त रखा जाएगा।